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    बरेली के मोहम्मदगंज मदरसे में नमाज पढ़ने का मामला:गांववाले बोले-पहले सामूहिक नमाज नहीं पढ़ी गई तो नई प्रथा क्यों डाली जा रही

    9 hours ago

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    बरेली के मोहम्मदगंज गांव में अवैध मदरसे में सामूहिक नमाज को लेकर एक बार फिर से विवाद खड़ा हो गया है। एक महीने पहले भी सामूहिक नमाज को लेकर गांव का माहौल तनावपूर्ण हो गया था और एक बार फिर से पुलिस के मना करने के बावजूद वही घटना दोहराई गई। जिससे हिंदू समुदाय में आक्रोश है। हिंदू समुदाय के लोगों ने गांव से पलायन की चेतावनी दी है। पलायन की बात सामने आते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। हिंदू समुदाय का कहना है जब कभी भी गांव में सामूहिक नमाज नहीं पढ़ी गई तो फिर ये नई प्रथा क्यों डाली जा रही है। जब गांव में कोई भी मंदिर और मस्जिद नहीं है तो फिर क्यों अवैध तरीके से मस्जिद की नींव डाली जा रही है। आइए जानते हैं कि आखिर पूरा मामला क्या है... गांव का गणित: आबादी और समीकरण ग्राउंड जीरो पर भास्कर की टीम: पुलिस और बजरंग दल तैनात दैनिक भास्कर की टीम ग्राउंड जीरो पर पहुंची। हमने बरेली शहर से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित विसारतगंज थाना क्षेत्र के मोहम्मदगंज गांव में जाकर वहां की स्थिति का जायजा लिया। हमने दोनों समुदाय के लोगों से बातचीत की। गांव में जाकर देखा तो वहां पुलिस तैनात थी हमने उनसे भी बात की और कानूनी प्रक्रिया की भी जानकारी ली। इसी बीच वहां बजरंग दल के कार्यकर्ता पहुंच गए। हमने उनका पक्ष भी जाना। ग्राम प्रधान का पक्ष: 'मजबूरी में घर में पढ़ रहे नमाज' भास्कर की टीम जैसे ही मोहम्मदगंज गांव में पहुंची तो हमारी मुलाकात सबसे पहले ग्राम प्रधान मोहम्मद आरिफ से हुई, वहां पर पुलिस भी मौजूद थी। पुलिस ग्राम प्रधान को थाना विसारतगंज लेकर जा रही थी। थाने में एसडीएम और सीओ मामले की जांच करने पहुंचे हुए थे। हमने सबसे पहले ग्राम प्रधान से बात की। वो पहले तो हमसे बचकर भागने लगे। बहुत पूछने पर उन्होंने बताया कि गांव में सामूहिक नमाज पढ़ने पर विवाद है। इसलिए अब सामूहिक नमाज नहीं पढ़ी जाएगी। उन्होंने बताया कि हसीन के खाली घर में जुमा (शुक्रवार) को नमाज अदा की जाती है। क्योंकि गांव में कोई भी मस्जिद नहीं है इसलिए खाली घर में नमाज अदा करना सबकी मजबूरी है। उन्होंने बताया कि नमाज बहुत पहले से पढ़ी जा रही है। लेकिन अब हिंदू समुदाय के लोग इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहली बार एक महीने पहले जनवरी में नमाज पढ़ी गई थी तब भी गांव वालों ने विरोध किया था। जिसके बाद पुलिस ने नमाज पढ़ने वाले लोगों का चालान कर दिया था। उसके बाद मुस्लिम समुदाय के लोग हाईकोर्ट इलाहाबाद गए थे। वहां मामले की सुनवाई चल रही है। इस बीच गांव वाले फिर से नमाज पढ़ने लगे। मुस्लिम बस्ती का हाल: अफसार ने दी सफाई ग्राम प्रधान से बातचीत के बाद हम आगे बढ़े। हम उस जगह पहुंचे जहां पर नमाज पढ़ी जाती है। उस घर में ताला पड़ा हुआ था। जिस जगह नमाज होती है, वो मुस्लिम बाहुल्य है। सभी घर मुस्लिम समुदाय के लोगों के हैं। मुस्लिम समुदाय के लोगों से हमने बात करने की कोशिश की। हम जैसे ही लोगों से बात करने की कोशिश करते लोग अपना दरवाजा बंद कर ले रहे थे। लोगों का कहना था हमारी कोई सुनता ही नहीं इसलिए हम किसी को कुछ भी नहीं बताना चाहते हैं। एक के बाद एक हम कई घरों में गए लेकिन कोई नहीं बोला। इसी बीच हमें गांव के अफसार मिले हमने उनसे बात की। हालांकि गांव की महिलाएं लगातार उन्हें बात करने को मना करती रहीं। अफसार ने बताया कि गांव में कोई मस्जिद नहीं है इसलिए जिसका घर खाली होता है उसके घर पर जाकर हम सभी जुमा की नमाज पढ़ लेते हैं। लेकिन अब हिंदू समुदाय के लोग नमाज का विरोध कर रहे हैं तो हम नमाज नहीं पढ़ेंगे। उन्होंने कहा अब रमजान भी आने वाले हैं ऐसे में हम लोग नमाज अदा करने कहां जाएं। उन्होंने कहा ये बाहर के लोग बजरंग दल के लोग आकर के गांव वालों को भड़का रहे हैं। वो लोग उल्टी सीधी वीडियो सोशल मीडिया पर डालकर माहौल खराब कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि हिंदू ईमानदारी से बता दें कि आज तक हम लोगों से उन्हें कोई तकलीफ हुई हो। हम लोग सब प्रेम से रहते हैं। हमारे बाप दादा से रहते आ रहे हैं कभी कोई दिक्कत नहीं हुई। ये सब झूठ सच फैलाया जा रहा है। गांव से धूमधाम से कांवड़ यात्रा निकलती है और हम लोग सब मिलकर निकलवाते हैं। यहां से मोहर्रम और बारावफात का भी जुलूस निकलता है कोई दिक्कत नहीं होती है। विवाद के 5 बड़े कारण हिंदू संगठनों का विरोध: ‘अत्याचार बर्दाश्त नहीं करेंगे’ इसके बाद हमें गांव में बजरंग दल के कार्यकर्ता मिले। सबसे पहले हमने अनुपम शंखधार से बात की, अनुपम शंखधार जिलाध्यक्ष अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद राष्ट्रीय बजरंग दल आंवला से हैं। उन्होंने बताया कि हमें ये जानकारी मिली है कि हिंदू समाज के लोग गांव से पलायन करने को मजबूर हैं। यहां पर नाजायज तरीके से नमाज पढ़ रहे हैं। इससे हिंदू समुदाय को लगता है कि हमारे साथ कुछ अन्याय और अत्याचार हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद राष्ट्रीय बजरंग दल के विभागाध्यक्ष ब्रज प्रांत के ठाकुर अनिल सिंह राठौर ने बताया कि यहां के मुस्लिम समाज के लोगों से हिंदू समाज के लोग प्रताड़ित हैं इसलिए वो पलायन करने को मजबूर हैं। अब हम लोग मामले की जांच करेंगे। उन्होंने कहा लोग अपने-अपने घरों में नमाज पढ़ें इससे किसी को कोई दिक्कत नहीं है लेकिन अगर सामूहिक नमाज पढ़ेंगे तो ये कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिवम सिंह चौहान तहसील अध्यक्ष का कहना है कि हिंदुओं को परेशान किया जा रहा है इसलिए हम लोग गांव में आए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सबकी है, सारे समाज की है। लेकिन हमारे हिंदू समाज की बहू-बेटी और किसी व्यक्ति को किसी विशेष व्यक्ति द्वारा न सताया जाए। हिंदू बस्ती की महिलाओं का दर्द: 'मकान बिकाऊ है' इसके बाद हम हिंदू बस्ती में पहुंचे वहां बहुत सारी महिलाएं घरों के बाहर मौजूद थीं। हमने वहां कई सारी महिलाओं से बात की। सबसे पहले हमने गांव की विद्यावती से बात की। हमने उनसे पूछा आप लोग पलायन क्यों करना चाहते हैं, घरों के बाहर आप लोगों ने ऐसा क्यों लिखा है कि मकान बिकाऊ है? जिस पर उन्होंने कहा कि "जब हमें रहने ही नहीं देंगे, हम लोग निकलकर जाते हैं तो गाली-गलौज करते हैं। वो लोग कह रहे थे कि हम तो पांचों टाइम की नमाज पढ़ेंगे तो हमारे बच्चों का तो रहना दुश्वार है पढ़ाई-लिखाई बेकार हो जाएगी।" कौशल्या का कहना है कि "मुस्लिम समुदाय के लोग कहते हैं कि अभी तुम्हारी सरकार है हमारी आने दो तब देखना।" जब हमने पूछा कि अगर वो अपने घर में नमाज पढ़ रहे हैं तो आप लोगों को क्या दिक्कत है जिस पर उन्होंने कहा कि हमें कोई दिक्कत नहीं है सब अपने-अपने घरों में पढ़ें। लेकिन अगर इकट्ठे होकर पढ़ेंगे तो हमें दिक्कत होगी। एक और महिला का कहना है कि जो अवैध मदरसा बनाया गया है उसे तोड़ा जाए। अगर ऐसा नहीं होगा तो हम चले जाएंगे। जब हमारे मेहमान आते हैं तो उन पर पानी फेंकते हैं। ईंटा फेंकते हैं। मेहमानों को परेशान करते हैं। एक और महिला का कहना है कि "मुस्लिम समुदाय के लोग कम हैं तब ये हाल है ज्यादा होते तो क्या हालत होती। अभी एक दिन इन लोगों ने फायरिंग भी की।" पुलिस और प्रशासन का बयान: 'जांच जारी है' गांव में विसारतगंज थाने की पुलिस पहुंची हुई थी जो ग्रामीणों को समझा रही थी। तभी हमने एसओ सतीश कुमार से बात की। उन्होंने बताया कि दोनों समुदाय के लोग प्यार से रह रहे हैं। जब उनसे नमाज के बारे में पूछा गया कि क्या मामला है तो उन्होंने कहा मामला हाईकोर्ट में है जो निर्णय होगा उसका पालन कराया जाएगा। हमने दोनों पक्षों को समझा दिया है कोई दिक्कत नहीं है। वहीं एसपी साउथ अंशिका वर्मा का कहना है कि मोहम्मदगंज गांव में जांच के लिए पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम बनाई गई है। जिसमें सीओ और एसडीएम जांच करने गए हैं। गांव में शांति है किसी तरह की समस्या नहीं है। पलायन जैसा भी कोई मामला नहीं है।
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