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    बरेली में आत्मदाह का प्रयास मामले में जांच के आदेश:16 जुलाई को रास्ते के विवाद को लेकर दंपति कलेक्ट्रेट पहुंचे थे

    5 hours ago

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    बरेली में गुरुवार दोपहर बरेली कलेक्ट्रेट गेट पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक व्यक्ति अपनी पत्नी और सात साल की बेटी के साथ आत्मदाह करने पहुंच गया। परिवार ने दोपहर करीब डेढ़ बजे खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश की, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस, एलआईयू और खुफिया विभाग के कर्मियों ने समय रहते उन्हें रोक लिया। घटना के बाद महिला की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़ी। पुलिस ने तत्काल उसे संभाला और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। घटना को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने शुक्रवार को पूरे मामले की जांच के आदेश दिए। उन्होंने अपर जिला मजिस्ट्रेट, एसडीएम मीरगंज और तहसीलदार से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। डीएम ने कहा कि घटना के कारणों की गहराई से जांच कराई जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की नौबत न आए। जांच में सामने आया रास्ते का विवाद प्राथमिक जांच में पता चला कि आत्मदाह का प्रयास करने वाला परिवार तहसील मीरगंज के ग्राम खमरिया सानी का रहने वाला है। विवाद गांव की आबादी क्षेत्र से गुजरने वाले रास्ते को लेकर है। शिकायतकर्ता लाल सिंह का कहना है कि उन्हें आवागमन के लिए रास्ता नहीं मिल रहा, जबकि प्रशासन का कहना है कि इस संबंध में पहले भी शिकायत का निस्तारण किया जा चुका है। राजस्व टीम की स्थलीय और अभिलेखीय जांच में पाया गया कि विवादित गाटा संख्या 371 आबादी की भूमि है। यहां पहले से खड़ंजा बना हुआ है और उसके किनारे कुछ लोग पशु बांधने तथा लकड़ी रखने का कार्य करते हैं। 35-40 साल से इस्तेमाल हो रहा पारंपरिक रास्ता अधिकारियों की जांच में यह भी सामने आया कि गांव में स्थित करीब 60-70 वर्ष पुराने मंदिर तक पहुंचने के लिए 35-40 वर्षों से एक पारंपरिक रास्ते का इस्तेमाल किया जा रहा है। ग्रामीण इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक लाल सिंह इसी रास्ते पर आपत्ति जताते हुए कुएं की ओर और दूसरे पक्ष के घर के सामने से नया रास्ता निकालने की मांग कर रहे हैं। जबकि उनके घर के पीछे गाटा संख्या 553 का चकमार्ग पहले से मौजूद है, जिसका उपयोग आवागमन के लिए किया जाता रहा है। मामला पहले से कोर्ट में विचाराधीन प्रशासन की जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि आबादी की भूमि में रास्ते का कोई अंकन राजस्व अभिलेखों में नहीं है। ऐसे में प्रशासन अपने स्तर पर नया रास्ता निर्धारित नहीं कर सकता। विवाद से जुड़ा वाद संख्या 515/2026 (चन्द्रपाल बनाम लाल सिंह) सिविल न्यायालय (सीनियर डिवीजन), बरेली में विचाराधीन है। मामले की अगली सुनवाई 30 जुलाई 2026 को निर्धारित है। अधिकारियों ने शिकायतकर्ता को न्यायालय की प्रक्रिया के माध्यम से समाधान प्राप्त करने की सलाह दी है। दो दिन पहले भी हुई थी सुनवाई प्रशासन के अनुसार, घटना से दो दिन पहले ही उपजिलाधिकारी और तहसीलदार ने शिकायतकर्ता लाल सिंह को उनके अधिवक्ता के साथ बुलाकर पूरे मामले की जानकारी दी थी और कानूनी स्थिति से अवगत कराया था। इसके बावजूद गुरुवार को परिवार कलेक्ट्रेट पहुंच गया और आत्मदाह का प्रयास किया। डीएम अविनाश सिंह ने अब पूरे मामले की दोबारा जांच कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी, जबकि दोनों पक्षों से संयम बरतने और न्यायालय के निर्णय का इंतजार करने की अपील की गई है
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