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    बरेली में बहनें सुबह से ही बांध सकेंगी राखी:तीन घंटे तक है शुभ मुहूर्त,जानिए 12 राशियों के लिए राखी बांधने का समय

    4 hours ago

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    भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का त्योहार रक्षाबंधन आज शुक्रवार को मनाया जा रहा है। इस बार रक्षाबंधन पर तिथि, भद्रा, पंचक और चंद्रग्रहण के संयोग के कारण राखी बांधने के समय को लेकर लोगों में असमंजस रहा। पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त सुबह 9:08 बजे शुरू हुई और 28 अगस्त सुबह 9:48 बजे तक रहेगी। इसलिए 28 अगस्त को उदया तिथि में रक्षाबंधन मनाया जा रहा है। उपलब्ध प्रमुख गणनाओं के अनुसार सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधना शुभ माना गया है। यानी बहनों के पास राखी बांधने के लिए करीब 3 घंटे 51 मिनट का समय है। भद्रा का साया खत्म, सुबह बांध सकेंगे राखी रक्षाबंधन पर सबसे ज्यादा चर्चा भद्रा को लेकर होती है। 27 अगस्त को पूर्णिमा के साथ भद्रा होने के कारण उस दिन राखी बांधने से बचने की सलाह दी गई थी। अलग-अलग पंचांगों में भद्रा समाप्त होने का समय कुछ मिनट अलग है। महावीर, हृषिकेश, अन्नपूर्णा और हनुमान पंचांग में भद्रा रात 8:54 बजे तक, आदित्य पंचांग में 8:44 बजे और मार्तण्ड पंचांग में 9:28 बजे तक बताई गई है। यानी 28 अगस्त की सुबह राखी बांधने के समय भद्रा नहीं रहेगी। भद्रा में राखी क्यों नहीं बांधते? धार्मिक मान्यता के अनुसार भद्रा को शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता। रक्षाबंधन भाई की रक्षा, लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना से जुड़ा संस्कार है। इसलिए परंपरा में भद्रा रहित पूर्णिमा में राखी बांधने की सलाह दी जाती है। सुबह 5:57 से 9:48 बजे तक शुभ समय रक्षाबंधन के लिए सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक का समय शुभ बताया गया है। इस अवधि में लाभ चौघड़िया सुबह 7:33 से 9:10 बजे तक रहेगा। इसके बाद अमृत चौघड़िया शुरू होगा, लेकिन पूर्णिमा सुबह 9:48 बजे समाप्त हो रही है। इसलिए मुख्य पर्व के लिए इससे पहले राखी बांधना बेहतर माना जा रहा है। 12 राशियों के लिए राखी बांधने का समय पंचांगों में अलग-अलग राशियों के लिए कोई अलग राखी मुहूर्त निर्धारित नहीं है। ज्योतिषीय मान्यता के आधार पर शुभ अवधि के भीतर ये समय सुझाए जा रहे हैं— मेष: सुबह 7:33 से 8:15 बजे वृषभ: सुबह 8:15 से 8:50 बजे मिथुन: सुबह 7:33 से 8:20 बजे कर्क: सुबह 8:20 से 9 बजे सिंह: सुबह 7:33 से 8:20 बजे कन्या: सुबह 8:20 से 9 बजे तुला: सुबह 8:30 से 9:10 बजे वृश्चिक: सुबह 7:33 से 8:15 बजे धनु: सुबह 8:15 से 9 बजे मकर: सुबह 7:33 से 8:20 बजे कुंभ: सुबह 8:20 से 9 बजे मीन: सुबह 9 से 9:45 बजे बहन की राशि के हिसाब से भाई दें गिफ्ट रक्षाबंधन पर भाई बहन की पसंद के साथ राशि के अनुसार भी उपहार चुन सकते हैं। मेष राशि की बहन को फिटनेस से जुड़ा सामान, वृषभ को परफ्यूम या ज्वेलरी, मिथुन को किताब या गैजेट, कर्क को भावनात्मक महत्व वाला उपहार और सिंह को घड़ी या ज्वेलरी दी जा सकती है। कन्या राशि के लिए डायरी या उपयोगी सामान, तुला के लिए फैशन एक्सेसरी, वृश्चिक के लिए पर्सनलाइज्ड गिफ्ट, धनु के लिए ट्रैवल से जुड़ा सामान, मकर के लिए घड़ी या ऑफिस बैग, कुंभ के लिए स्मार्ट गैजेट और मीन राशि की बहन के लिए संगीत, कला या भावनाओं से जुड़ा उपहार अच्छा विकल्प माना जाता है। कृष्ण-द्रौपदी से लेकर यम-यमुना तक कई कथाएं रक्षाबंधन की शुरुआत को लेकर कई पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं। सबसे प्रसिद्ध कथा भगवान श्रीकृष्ण और द्रौपदी से जुड़ी है। मान्यता है कि कृष्ण की उंगली में चोट लगने पर द्रौपदी ने अपनी साड़ी का कपड़ा फाड़कर उनकी उंगली पर बांधा था। इसके बाद कृष्ण ने द्रौपदी की रक्षा का वचन दिया। एक अन्य कथा में माता लक्ष्मी द्वारा राजा बलि को रक्षा सूत्र बांधने का उल्लेख मिलता है। वहीं यमराज और यमुना की कथा भी भाई-बहन के प्रेम और भाई की लंबी उम्र की कामना से जुड़ी है। इंद्राणी द्वारा इंद्र को रक्षा सूत्र बांधने की कथा भी प्रचलित है। सिर्फ धागा नहीं, रिश्ते की जिम्मेदारी भी रक्षाबंधन का संदेश सिर्फ कलाई पर राखी बांधने तक सीमित नहीं है। बहन भाई की लंबी उम्र, सुख और समृद्धि की कामना करती है। भाई भी बहन की सुरक्षा, सम्मान और हर परिस्थिति में साथ देने का संकल्प लेता है। बदलते समय में यह रिश्ता एक-दूसरे के सम्मान, सपनों और भावनाओं की रक्षा का भी प्रतीक बन गया है।
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