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    बांदा में 9 करोड़ के कोडीन-सीरप की बिक्री, 5 गिरफ्तार:पुलिस अब बैंक खातों की जांच कर रही, गिरोह में 10-15 लोग शामिल

    2 hours ago

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    बांदा में करीब नौ करोड़ रुपये कीमत का कोडीनयुक्त कफ सीरप अवैध तरीके से बेचने वाले गिरोह की जांच चल रही है। पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह तीन खेप में सीरप बेच चुका है। पुलिस के मुताबिक, इस कारोबार में 10 से 15 लोग शामिल हैं और सभी के काम बंटे हुए थे। पुलिस ने धीरेंद्र, प्रवीण उर्फ लकी, रोहित, शेखर और प्रियांशु उर्फ किशन गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। चार-पांच अन्य संदिग्धों की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस उनके खिलाफ सबूत जुटा रही है। पुलिस ने अब आर्थिक लेनदेन की जांच तेज कर दी है। अतर्रा स्थित एचडीएफसी बैंक शाखा के प्रबंधक से जानकारी ली गई है। प्रवीण उर्फ लकी के बैंक खातों की जांच की जा रही है। बैंक के पिछले तीन-चार दिनों के सीसीटीवी फुटेज भी लिए गए हैं। इनमें प्रवीण के साथ रुपये जमा कराने और निकालने पहुंचे संदिग्धों की पहचान की जा रही है। पुलिस के अनुसार, तीन सितंबर को पकड़ी गई खेप से पहले करीब तीन-तीन करोड़ रुपये की दो खेपें और बांदा आई थीं। इनका माल बांदा के अलावा चित्रकूट, सतना और दूसरे इलाकों में बेचा गया था। मामले में मिले दो ई-वे बिल में कुल चार वाहनों के नंबर दर्ज हैं। इनमें एक मिनी ट्रक (DL 01 LAA 5482) को पुलिस ने पकड़कर सीज कर दिया है। अन्य दो वाहनों का अभी पता नहीं चला है। पुलिस जांच कर रही है कि इन वाहनों से सीरप भेजा गया था या फर्जी ई-वे बिल से माल की निकासी दिखाई गई। यह भी पता लगाया जा रहा है कि माल कहां छिपाया गया था। पूछताछ में मुख्य आरोपी प्रियांशु उर्फ किशन गुप्ता ने हमीरपुर की ओम मेडिकल एजेंसी का नाम बताया है। यह एजेंसी उसके बहनोई रवींद्र गुप्ता से जुड़ी बताई जा रही है। एजेंसी का थोक लाइसेंस करीब दो महीने पहले रद्द हो चुका था। इसके बावजूद जब्त सीरप से जुड़े बिलों में उसका नाम सामने आया है। औषधि निरीक्षक की जांच में भी सीरप को हमीरपुर की बजाय अतर्रा और बिसंडा ले जाना अवैध पाया गया है। पुलिस की टीम हमीरपुर में भी जांच कर रही है। सीओ बबेरू कृष्णकांत त्रिपाठी ने बताया कि ई-वे बिल, ऑर्डर शीट और दिल्ली की दवा कंपनी से सीरप की बिक्री संबंधी जानकारी जुटाई जा रही है। जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
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