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    चाइनीज मांझे से गर्दन कटी, युवक की तड़पकर मौत:यूपी में 10 साल से बैन, फिर भी बिक रहा; सरकार ने कहा था- मर्डर की FIR करो

    12 hours ago

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    गोरखपुर में चाइनीज मांझे से 35 साल के युवक की गर्दन कट गई। उसकी सड़क पर ही तड़प-तड़पकर मौत हो गई। शनिवार दोपहर 1 बजे वह मोपेड से दुकान जा रहा था, तभी गर्दन में चाइनीज मांझा फंस गया। उसने ब्रेक मारा, लेकिन तब तक आधी गर्दन कट चुकी थी। युवक मोपेड के साथ सड़क पर गिर पड़ा। गर्दन से तेजी से खून निकलने लगा। राहगीरों ने युवक को उठाया और जिला अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने रमेश कन्नौजिया को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही पत्नी रोते हुए जिला अस्पताल पहुंची। पति का चेहरा देखने की जिद करने लगी। पहले तो पुलिसवालों ने मना किया, लेकिन बाद में चेहरा दिखाया। SP ने चौकी प्रभारी को सस्पेंड कर दिया। घटना शहर के तिवारीपुर थाना क्षेत्र में हुई। बता दें कि यूपी में पिछले 10 साल से चाइनीज मांझा बैन है, लेकिन यह फिर भी बिक रहा है। इसी साल फरवरी में सरकार ने कहा था- अगर किसी व्यक्ति की मौत चाइनीज मांझे से होती है, तो इसे हादसा नहीं माना जाएगा। हत्या की FIR दर्ज की जाएगी। घर में इकलौता कमाने वाला था युवक रमेश कन्नौजिया घर में इकलौता कमाने वाला था। वह कॉस्मेटिक की दुकान पर काम करता था। उसे 10 से 12 हजार रुपए महीने मिलते थे। परिवार में पत्नी पुन्ना, 9 साल की बेटी अपर्णा, 5 साल का बेटा आर्यन और बुजुर्ग पिता फकीरे हैं। पिता की देखभाल की जिम्मेदारी भी रमेश पर थी। पिता ने बताया कि रमेश स्कूटी से दुकान पर निकला था। आधे घंटे बाद एक व्यक्ति आया और हादसे के बारे में बताया। इसके बाद हम लोग अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक बेटे की मौत हो चुकी थी। जिला अस्पताल के डॉ. आरडी रमन ने बताया- अस्पताल पहुंचने से पहले ही युवक की मौत हो गई थी। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। इसके बाद ही पता चल पाएगा कि गर्दन कितनी कटी थी या गिरने की वजह से सिर में चोट लगने से मौत हुई थी। लोग बोले- बैन होने के बावजूद बिक रहा चाइनीज मांझा स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रतिबंध के बावजूद 10 दुकानों पर चोरी-छिपे चाइनीज मांझा बेचा जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि रमेश के परिवार का खर्च और बच्चों की जिम्मेदारी कौन उठाएगा? प्रशासन को मांझे की बिक्री पर सख्ती करनी चाहिए। एसपी सिटी बोले- मांझा बेचते मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया- मामले में FIR दर्ज की गई है। डोमिनगढ़ चौकी इंचार्ज आलोक सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल रोकने के लिए अगले 48 घंटे तक अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान मांझा बेचते मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब पढ़िए चाइनीज मांझे से हुईं 6 बड़ी घटनाएं… यूपी में कब से बैन है चाइनीज मांझा, क्यों खतरनाक? नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने साल 2017 में देश भर में नायलॉन या चाइनीज मांझे की खरीद, बिक्री, स्टोरेज और इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई थी। तब से ही यूपी में भी चाइनीज मांझा बैन है। इसके बावजूद बहुत से लोग इसे खरीदते-बेचते हैं। इस वजह से अक्सर हादसे होते हैं। यह सामान्य मांझे की तुलना में कई गुना धारदार होता है। यह आसानी से टूटता नहीं है। सामान्य मांझे से कई गुना तीखा होता है। इसकी वजह से पतंगबाजों की पतंगें आसानी से कट जाती हैं। लेकिन, इंसानों या जानवरों के हाथ-पैर पर लगने पर गंभीर चोटें आ सकती हैं। चाइनीज मांझा कैसे बनता है, बनाने-बेचने पर कितनी सजा? चीनी मांझा चीन से नहीं आता। इसे प्लास्टिक मांझा भी कहा जाता है। चाइनीज मांझा सामान्य मांझे की तरह केवल धागों से नहीं बनाया जाता। इसे नायलॉन और मेटेलिक पाउडर से तैयार करते हैं। इसके बाद इस मांझे पर कांच या लोहे के चूरे से धार भी लगाई जाती है। मांझा बनाने-बेचने और इससे पतंग उड़ाने पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 की धारा 15 के तहत 5 साल तक की सजा और 1 लाख तक का जुर्माना हो सकता है। कई बार जमानत भी नहीं मिलती। दुकान को भी सील कर दिया जाता है। अगर मांझा किसी की मौत का कारण बना, तो सजा और गंभीर हो सकती है। किन-किन राज्यों में चाइनीज मांझा बैन है? भारत में चीनी मांझा की बिक्री, भंडारण और उपयोग पर कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रतिबंध लगाया गया है। यह प्रतिबंध मुख्य रूप से मानव और पशु सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लागू किया गया है। दिल्ली में भी 2017 से चीनी मांझे पर बैन है। उसके बावजूद भी धड़ल्ले से बिक्री होती है। गुरुग्राम (हरियाणा)- 2025 में स्वतंत्रता दिवस से पहले, जिला प्रशासन ने चीनी मांझा और अन्य सिंथेटिक धागों की बिक्री, भंडारण और उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया। कर्नाटक- PETA इंडिया की अपील पर राज्य सरकार ने सभी प्रकार के मांझे पर प्रतिबंध लगाया, जिसमें कांच या धातु से कोटेड धागे शामिल हैं। महाराष्ट्र- राज्य सरकार ने कांच-कोटेड कॉटन और अन्य खतरनाक मांझे पर प्रतिबंध लगाया है, ताकि मानव, पक्षी और अन्य जानवरों को होने वाली चोटों को रोका जा सके। पश्चिम बंगाल- राज्य सरकार ने चीनी मांझा की बिक्री, भंडारण और उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है। चंडीगढ़- सिंथेटिक या नायलॉन धागों की बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना, उत्तराखंड, पंजाब, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ , ओडिशा और असम में राज्य सरकारें भी समय-समय पर इन खतरनाक मांझे की बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगा ------------------------------- यह खबर भी पढ़िए अखिलेश बोले- सीएम ने नाम बदला, जनता उन्हें बदल देगी: जिंदा व्यक्ति के नाम पर एयरपोर्ट कर दिया, भरोसा नहीं था कोई याद रखेगा बलिया में अखिलेश यादव ने कहा कि नाम बदलने वाले सीएम को इस बार जनता बदलने जा रही है। नोएडा एयरपोर्ट को पीएम मोदी के नाम पर किए जाने को लेकर भी सपा प्रमुख ने तंज कसा। पूरी खबर पढ़ें
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