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    चित्रकूट-बांदा में 37 बच्चों से 10 साल रेप-कुकर्म की कहानी:7 से 15 साल के बच्चे टारगेट पर थे, जेई की पत्नी भी करती थी गलत काम

    9 hours ago

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    मामा रामभवन और मामी दुर्गावती मुझे टीबी में गेम खिलाते थे। मामा के पास कई मोबाइल थे, टीबी थी, और एक कैमरा था। मामा मेरे साथ जबरजस्ती गलत काम करते थे। मामा ने मेरे साथ एक साल से अधिक समय तक गलत काम किया। जब मेरे साथ पहली बार गलत काम हुआ था तब मैं सिर्फ 9 साल का था। आंटी ने रामभवन अंकल के कहने पर मेरा यौन शोषण किया था। दोनों मुझे अपने साथ गलत काम करने के लिए कहते थे। कई दिनों तक मेरे साथ ऐसा किया। और भी बच्चों के साथ ऐसा ही करते थे। ये दो बयान बांदा और चित्रकूट के उन दो बच्चों का है, जिनका जेई रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती ने यौन शोषण किया। ये दोनों बच्चे दोषियों के रिश्तेदार हैं। जेई पति-पत्नी के निशाने पर 7- 15 साल तक के स्मार्ट और सुंदर बच्चों को टारगेट करते थे। अपने करीबियों- सगे रिश्तेदारों के बच्चों तक को नहीं छोड़ा। ऐसे ही 30 से ज्यादा बच्चों की गवाही पर बांदा कोर्ट ने 20 फरवरी को रामभवन और दुर्गवाती को फांसी की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने कहा था- अगर इन दोषियों को मौत की सजा नहीं दी गई, तो समाज में न्याय की भावना कमजोर होगी और बच्चों में डर का माहौल बनेगा। इसलिए इन्हें फांसी की सजा दी जानी चाहिए। दोनों को मरते दम तक फंदे पर लटकाए रखा जाना चाहिए। रिपोर्ट में पढ़िए कुकर्मियों ने कैसे बच्चों का वीडियो बनाकर पैसों के लिए विदेशों में बेचा। कैसे बच्चों को फंसाते थे। किस तरह से उनका यौन शोषण करते थे। अब इन तीन और बच्चों की गवाही पढ़िए 1. रामभवन अंकल और दुर्गावती आंटी मेरे साथ गलत काम करते थे। फिर कहते थे ये सब किसी से बताना मत। फिर मुझे खाने पीने को कुछ पैसे और वीडियो गेम खेलने के लिए मोबाइल देते थे। जब हमारे साथ गलत काम करते थे तब दुर्गावती आंटी घर मे ही रहती थी और उनको गलत काम करने को रामभवन अंकल की जानकारी रहती थी। 2. मैं रामभवन अंकल के घर दूध देने जाता था। वह मुझे कभी-कभी लैपटाप चलाना सिखाते थे। फिर गलत काम करते थे। मेरे छोटे भाई के साथ भी करते थे। रामभवन अन्य बच्चों को भी बुलाते थे। बाकी लड़कों को दूसरे लड़को के साथ भी गलत काम कराते थे। फोटो वीडियो कैमरे लैपटाप व मोबाइल फोन से बनाते थे। गलत काम करते थे तो दुर्गावती वही पर रहती थी। दुर्गावती आंटी खाने को अच्छी अच्छी चीजें देती थीं। 3. रामभवन हम लोगों के वीडियो गेम्स खिलवाते थे। कई बार खेलते हुए हमारे साथ गलत काम करते थे। कहते थे अपने दोस्तों को ले आओ पैसे भी देंगे। जब हमारे साथ गलत काम होता था तो दुर्गवती आंटी वहीं होती थीं। सभी का वीडियो भी बनाते थे। हमें डराते भी थे कि अगर किसी को बताया तो वीडियो फोटो घर में दिखा देंगे, इंटरनेट पर डाल देंगे। सीबीआई जांच में खुलासा- ईमेल और क्लाउड पर रखा था डेटा सीबीआई की जांच में सामने आया कि रामभवन इंटरनेट और ईमेल के जरिए बच्चों से जुड़े फोटो-वीडियो दूसरों को भेजता था। सीबीआई अधिकारियों ने रामभवन से पूछताछ की। इस दौरान उसने खुद बताया कि उसने ईमेल आईडी बना रखी है, जिसका इस्तेमाल वह अश्लील सामग्री शेयर करने के लिए करता था। ड्राइव और फोटो सेक्शन में मिला सारा सबूत जांच में ड्राइव और फोटो से बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक वीडियो और फोटो मिले। सीबीआई की तलाशी में आरोपी के घर से बच्चों के नग्न फोटो, कैमरा, पेन ड्राइव, मोबाइल फोन, कथित सेक्स सामग्री, एक डायरी, रिकॉर्डिंग से जुड़ा उपकरण और करीब 8.27 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। CBI ने 700 पन्नों की चार्जशीट, 74 गवाह पेश किए CBI ने बांदा कोर्ट में 700 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। चार्जशीट में मेडिकल रिपोर्ट और बच्चों के बयानों को आधार बनाया गया था। CBI टीम ने 4 से 42 साल तक की उम्र के 74 लोगों के बयान दर्ज किए। पॉक्सो कोर्ट के अधिवक्ता कमल सिंह ने बताया- यह मामला अक्टूबर- 2020 का है। सीबीआई को इंटरपोल की तरफ से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति 3 मोबाइल नंबरों से 7 से लेकर 18 साल के बच्चों के पोर्न वीडियो बनाकर इंटरनेट में अपलोड करता है। साथ ही एक पेन ड्राइव भी मिली थी। उसमें 34 बच्चों के वीडियो और 679 फोटो थीं। ये बच्चे बांदा, चित्रकूट समेत आसपास के जिलों के रहने वाले थे। उस नंबर को ट्रेस किया गया, तो पता चला कि रामभवन अपनी पत्नी के साथ यह गंदा काम कर रहा था। रामभवन सिंचाई विभाग में जेई के पद पर तैनात था। सीबीआई ने बांदा पुलिस के साथ मिलकर जेई और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया था। बच्चों से जुड़ा मामला होने के चलते सीबीआई ने पॉक्सो कोर्ट में ट्रायल कराया। इस मामले में फरवरी 2021 में चार्जशीट लगाई। 74 गवाह CBI ने पॉक्सो कोर्ट में पेश किए। 47 देशों में बेचे वीडियो वकील ने बताया कि इन दोनों ने ये गंदे वीडियो चीन, अमेरिका, ब्राजील और अफगानिस्तान समेत 47 देशों को बेचे थे। जो बच्चे दरिंदगी का शिकार हुए थे, उनका इलाज दिल्ली AIIMS में किया गया था। दुर्गावती ने कहा- उन्हें झूठा फंसाया गया दुर्गावती ने अदालत में खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि पारिवारिक विवाद के कारण उन्हें झूठा फंसाया गया। उनका कहना है कि उन्होंने किसी बच्चे के साथ कोई गलत काम नहीं किया, न कोई फोटो-वीडियो बनाया या भेजा। सभी आरोप बेबुनियाद हैं और उन्हें साजिशन जेल भेजा गया बताया। रामभवन के भाई ने कहा- रामभवन ने कभी कोई गलत काम नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पारिवारिक विवाद के चलते साजिश रचकर दोनों को फंसाया और फर्जी व डीपफेक वीडियो बनवाकर मामला तैयार कराया गया। कोर्ट ने ने कहा- अमानवीय और जघन्य अपराध जज ने कहा कि यह अपराध केवल एक या दो बच्चों के खिलाफ नहीं, बल्कि लगातार एक दशक तक 30 से अधिक बच्चों के साथ किया गया। यह “अमानवीय और जघन्य अपराध” है। दोनों को फांसी की सजा देने के साथ-साथ, सभी पीड़ित बच्चों को दस-दस लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का भी आदेश दिया। दोनों के घर से बरामद आठ लाख रुपये पीड़ित बच्चों में बराबर-बराबर बांटा जाए। यह राशि राहत धनराशि के अतिरिक्त होगी। जानिए मामला क्या था बांदा का रहने वाला रामभवन (55) चित्रकूट में सिंचाई विभाग में जेई के पद पर तैनात था। वह चित्रकूट की एसडीएम कॉलोनी में पत्नी दुर्गावती (50) के साथ रहता था। दोनों के कोई संतान नहीं थी। रामभवन अपनी पत्नी के साथ मिलकर बच्चों को लालच देकर अपने जाल में फंसाता था। दोनों मिलकर नाबालिगों का कुकर्म करते थे। बच्चों की उम्र 5 से 16 साल के बीच होती थी। बच्चों के साथ पत्नी संबंध बनाती थी, जबकि रामभवन उनसे कुकर्म करता था। अगर कोई बच्चा विरोध करता था, तो उसे मारते-पीटते थे। फिर पैसे या खिलौने, मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट देने का लालच देकर उसकी जुबान बंद करा देते थे। इसकी शिकायत मिलने पर 31 अक्टूबर, 2020 को CBI ने रामभवन के खिलाफ केस दर्ज किया। आरोप था कि वह बच्चों के अश्लील वीडियो/फोटो बनाकर डार्क वेब के जरिए अंतरराष्ट्रीय पेडोफाइल नेटवर्क तक पहुंचाता था। इसके बाद 17 नवंबर 2020 को सीबीआई ने रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को गिरफ्तार कर लिया था। मामले की जांच सीबीआई ने की, जिसमें इंटरपोल की मदद से खुलासा हुआ। इससे जुड़ी खबर पढ़ें… ------------------------------------------------ ये खबर भी पढ़ेंः- कासगंज में पत्नी, 3 बच्चों की हत्या कर जान दी:बच्चों को जहर देकर पत्नी का गला काटा; 3 दिन घर में पड़ी रहीं लाशें कासगंज में पत्नी और बच्चों की हत्या के बाद पति फंदे से झूल गया। उसने पहले बच्चों को जहर दिया और फिर पत्नी का गला काट दिया। तीन दिन तक शव घर में पड़े रहे और किसी को इसकी जानकारी नहीं हुई। पड़ोसियों के मुताबिक, घटना का पता उस वक्त चला, जब शनिवार शाम एक युवक शादी का कार्ड देने घर गया। पढ़े पूरी खबर…
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