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    चंदौली के सकलडीहा में खाद पर मनमानी वसूली:DAP-यूरिया की बोरी पर 400 रुपए तक ज्यादा, विरोध पर किसानों को नहीं मिलती खाद

    12 hours ago

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    चंदौली के सकलडीहा तहसील क्षेत्र में खाद की कथित कालाबाजारी ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। किसानों का आरोप है कि उर्वरक दुकानदार डीएपी, यूरिया और एनपीके की बोरी पर निर्धारित कीमत से 300 से 400 रुपये तक अधिक वसूल रहे हैं। मनमानी कीमत देने से इनकार करने पर दुकानदार खाद देने से भी मना कर देते हैं। किसानों का कहना है कि खेती के सीजन में मजबूरी का फायदा उठाकर उनका आर्थिक शोषण किया जा रहा है। DAP पर 300-350 और यूरिया पर 100 रुपए ज्यादा वसूली किसानों के मुताबिक शासन स्तर से डीएपी की निर्धारित कीमत 1350 रुपये प्रति बोरी और यूरिया की कीमत 266 रुपये प्रति बोरी तय है। इसके बावजूद क्षेत्र में डीएपी पर 300 से 350 रुपये और यूरिया पर करीब 100 रुपये अधिक वसूले जाने का आरोप है। किसानों का कहना है कि खाद खरीदना मजबूरी है, इसलिए अधिक कीमत देने के बावजूद वे शिकायत करने से बचते हैं। विरोध करने पर खाद नहीं देने का आरोप किसानों का आरोप है कि जब कोई निर्धारित दर पर खाद देने की मांग करता है तो दुकानदार उसे खाद देने से ही इनकार कर देते हैं। खेती का समय होने के कारण किसान मजबूरी में मनमानी कीमत चुकाकर खाद खरीदने को विवश हैं। इससे किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। कई बाजारों में कालाबाजारी का आरोप किसानों के अनुसार सकलडीहा कस्बा, चतुर्भुजपुर, नईबाजार, नोनार (तुलसी आश्रम), डेढ़गावा, पपौरा, डेढ़ावल, चहनिया और मारूफपुर समेत क्षेत्र के कई स्थानों पर खाद की कथित कालाबाजारी हो रही है। किसानों का कहना है कि तहसील प्रशासन और कृषि विभाग से कई बार शिकायत की गई, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। दुकानों से अलग गोदामों में भंडारण का आरोप चतुर्भुजपुर में कई उर्वरक विक्रेताओं पर दुकानों के बजाय अलग-अलग बड़े गोदामों में खाद का भंडारण करने का भी आरोप लगाया गया है। किसानों का कहना है कि इन गोदामों में डीएपी समेत अन्य उर्वरकों का बड़ी मात्रा में स्टॉक रखा जा रहा है। आरोप है कि इसके बाद खाद की कृत्रिम कमी दिखाकर अधिक दाम पर बिक्री की जाती है। हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। किसानों ने मिलीभगत का लगाया आरोप किसान बच्चा सिंह, हरेंद्र सिंह, श्यामसुंदर और राहुल सिंह ने तहसील प्रशासन, कृषि विभाग और कुछ उर्वरक विक्रेताओं के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि नियमित रूप से दुकानों और गोदामों की जांच की जाए तो खाद की कथित कालाबाजारी पर रोक लग सकती है। किसानों ने दोषी दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई और निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध कराने की मांग की है। कृषि विभाग बोला- जल्द चलेगा जांच अभियान मामले में कृषि अधिकारी बिनोद यादव ने बताया कि जल्द ही अभियान चलाकर उर्वरक दुकानों की जांच की जाएगी। जांच के दौरान यदि निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने या नियमों के विपरीत खाद का भंडारण करने की पुष्टि होती है तो संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल किसानों की नजर विभाग की प्रस्तावित जांच और कार्रवाई पर टिकी है।
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