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    Cervical Cancer से बचाव के लिए HPV Vaccination जरूरी, Supreme Court ने अभियान के खिलाफ याचिका पर सुनवाई से किया इनकार

    3 hours from now

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    सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। इस याचिका में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए किशोरियों के लिए सरकार द्वारा चलाए जा रहे देशव्यापी ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) टीकाकरण अभियान पर चिंता जताई गई थी। कोर्ट ने कहा कि गलत तरीके से टीकाकरण होने के मामलों में मुआवज़े से जुड़े सामान्य नियम ही लागू होंगे। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच 'यूनिवर्सल हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन' की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में सरकार समर्थित कार्यक्रम को लागू करने के तरीके को चुनौती दी गई थी। जब कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया, तो याचिकाकर्ता के वकील ने इसे वापस ले लिया और मामला वापस लिए जाने के कारण खारिज कर दिया गया।इसे भी पढ़ें: Salboni Land Scam: TMC को बड़ा झटका, Abhishek Banerjee के PA Sumeet Roy अरेस्टसुनवाई के दौरान बेंच ने पूछा, क्या आप अपनी याचिका वापस लेना चाहते हैं? क्या आप चाहते हैं कि हम किसी बात पर टिप्पणी करें? इसके बाद बेंच ने कहा, हमसे कड़ी टिप्पणी करने के लिए न कहें। अगर याचिकाकर्ता डॉक्टर हैं, तो यह बहुत ही गंभीर मामला है। यह हमारी लाखों बेटियों की सेहत का सवाल है। और आप इसे पटरी से उतारना चाहते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि यह याचिका गलत मकसद से दायर की गई थी और इसमें नेक नीयत की कमी थी। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि वे सिर्फ़ वैक्सीन के बुरे असर और मुआवज़े का मुद्दा उठा रहे हैं, न कि HPV वैक्सीन का विरोध कर रहे हैं। वकील ने कहा मैं वैक्सीन के ख़िलाफ़ बिल्कुल नहीं हूँ। मेरा पहला तर्क इसके लागू करने के तरीके को लेकर है। दूसरा, इसके बुरे असर (एडवर्स इवेंट) से निपटने का कोई सिस्टम नहीं है। जब भी कोई बुरा असर हो, तो उसकी निगरानी होनी चाहिए। साथ ही, मुआवज़े की कोई योजना भी होनी चाहिए।इसे भी पढ़ें: Supreme Court ने अभिषेक बनर्जी के PA सुमित रॉय की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कीयाचिका में आरोप लगाया गया था कि टीकाकरण कार्यक्रम को लागू करने से जानकारी के आधार पर सहमति, शरीर पर अपना अधिकार, पारदर्शिता और जवाबदेही जैसी संवैधानिक गारंटियों का उल्लंघन हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 फरवरी को राजस्थान के अजमेर से 14 साल की लड़कियों के लिए देशव्यापी HPV टीकाकरण अभियान की शुरुआत की। इस अभियान के तहत सिंगल-डोज़ वाली गार्डसिल 4 वैक्सीन (एक क्वाड्रिवेलेंट HPV वैक्सीन) का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह HPV के टाइप 16 और 18 (जो सर्वाइकल कैंसर का कारण बनते हैं) के साथ-साथ टाइप 6 और 11 से भी सुरक्षा देती है। आखिरकार, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि गलत टीकाकरण के मामलों में मुआवज़े के नियम लागू होंगे और याचिकाकर्ता को HPV टीकाकरण अभियान को लागू करने के खिलाफ दायर याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी।
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