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    डॉ. संजय निषाद बोले-आरक्षण नहीं, तो चैन नहीं:मझवार और तुरैहा के नाम पर एससी आरक्षण और यूपी विधानसभा 2027 चुनाव की बनेगी रणनीति

    1 hour ago

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    आरक्षण नहीं, तो चैन नहीं’ और ‘जिसका दल है, उसी का बल है’ जैसे नारों के साथ निषाद पार्टी ने 21 अक्टूबर को दिल्ली चलो का आह्वान किया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद के नेतृत्व में दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में संवैधानिक मछुआ एससी आरक्षण अधिकार महासम्मेलन आयोजित होगा। इसमें निषाद-मछुआ समाज को अनुसूचित जाति (एससी) आरक्षण का लाभ दिलाने की मांग उठाई जाएगी। पार्टी ने सम्मेलन में आरक्षण से जुड़ी नई नीति की घोषणा करने की बात भी कही है। डॉ. संजय निषाद ने समाज के लोगों से बड़ी संख्या में सम्मेलन में पहुंचने की अपील की है। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय, संवैधानिक अधिकारों और राजनीतिक भागीदारी की लड़ाई का अहम पड़ाव बताया। पार्टी का कहना है कि समाज के अधिकारों के लिए एकजुटता जरूरी है और बिखराव से उसकी आवाज कमजोर होती है। मझवार-तुरैहा के नाम पर आरक्षण की मांग निषाद पार्टी लंबे समय से मछुआ समाज को मझवार और तुरैहा के नाम पर एससी आरक्षण का लाभ दिलाने की मांग कर रही है। पार्टी का तर्क है कि निषाद समाज की विभिन्न जातियों और उनके प्रचलित नामों के संबंध में आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। महासम्मेलन में इस मांग के ऐतिहासिक, सामाजिक और संवैधानिक पहलुओं पर चर्चा होगी। पार्टी ने रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (आरजीआई) से जुड़े दस्तावेज और ऐतिहासिक अभिलेख समाज के सामने रखने की भी बात कही है। संजय निषाद ने कार्यकर्ताओं से आरक्षण के कानूनी और संवैधानिक आधार को मजबूत करने तथा व्यापक जनजागरण अभियान चलाने का आह्वान किया है। लोकसभा चुनाव के बाद भंग कमेटी का पुनर्गठन डॉ. संजय निषाद के मुताबिक, लोकसभा चुनाव के बाद पार्टी की प्रदेश कमेटी भंग कर दी गई थी। अब कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से परामर्श के बाद इसका पुनर्गठन किया गया है। महासम्मेलन में राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर पर पदोन्नति, मनोनयन और नियुक्तियों की जानकारी भी दी जाएगी। कार्यकर्ताओं से मिले सुझावों के आधार पर आगामी नीतियों और संगठनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जाएगी। पार्टी की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, सम्मेलन में राष्ट्रीय और प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारी, मंडल व जिला स्तर के प्रतिनिधि, विधानसभा और ब्लॉक इकाइयों के कार्यकर्ता, युवा व महिला मोर्चा के सदस्य तथा पूर्व सांसद-विधायक शामिल होंगे। 2027 चुनाव की तैयारियों पर भी फोकस महासम्मेलन में उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों में निषाद-मछुआ बहुल विधानसभा सीटों पर संगठन की स्थिति और आगामी चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। पार्टी का लक्ष्य इन सीटों पर संगठन को मजबूत कर चुनावी प्रदर्शन बेहतर करना है। इसके साथ कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण, सामाजिक-राजनीतिक जागरूकता और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा प्रस्तावित है। पार्टी सम्मेलन में पिछले वर्षों के आंदोलनों, संगठनात्मक गतिविधियों और समाज से जुड़े मुद्दों पर किए गए प्रयासों का ब्योरा भी प्रस्तुत करेगी। निषाद पार्टी इसे आरक्षण की मांग के साथ समाज की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने और संगठन को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए तैयार करने के अवसर के तौर पर देख रही है।
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