Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    डिग्री-मार्कशीट फर्जीवाड़ा में SIT को मिला दो एजेंट का सुराग:कानपुर में फ्रेंचाइजी सेंटर से खुला फर्जीवाड़े का राज, जल्द होगी पूछताछ

    7 hours ago

    1

    0

    SIT को रुपए लेकर डिग्री और मार्कशीट बनाने वाले आरोपियों के संपर्क में रहे दो एजेंटों का सुराग मिला है। उनको जल्द ही हिरासत में लेकर पूछताछ की जा सकती है। एक ने डिस्टेंस लर्निंग कोर्स की फ्रेंचाइजी ली हुई थी। कानपुर में उसके फ्रेंचाइजी सेंटर में काफी संख्या में छात्र-छात्राएं कोर्स व डिग्री के संबंध में जानकारी लेने आया करते थे। कुछ अ​भिभावकों ने सेंटर संचालक की डिटेल पुलिस को दी, जिसके आधार पर गिरोह में शामिल अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। नौबस्ता के ललित की गिरफ्तारी से मिली कई जानकारियां किदवई नगर पुलिस ने रुपए लेकर डिग्री व मार्कशीट बनाने के आरोप में शैलेंद्र कुमार ओझा, नागेश मणि त्रिपाठी, जोगेंद्र और अश्वनी कुमार सिंह जेल भेजा है। आरोपियों से जुड़े छतरपुर के मयंक भारद्वाज, हैदराबाद के मनीष उर्फ रवि, गाजियाबाद के विनीत, भोपाल के शेखू व शुभम दुबे की तलाश की जा रही है। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर हेडक्वार्टर संकल्प शर्मा ने बताया कि नौबस्ता के ललित मोहन अवस्थी की गिरफ्तारी से SIT को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। उनसे पूछताछ के बाद दो और एजेंटों का पता चला है। उनमें से एक ने डिसटेंस लर्निंग कोर्स की फ्रेंचाइजी ली हुई थी, उसके कई विश्वविद्यालयों से संपर्क हैं। उसी संपर्क के बदौलत जेल गए शैलेंद्र कुमार ओझा व उसके साथी मार्कशीट व डिग्री बनाने का खेल कर रहे थे। प्रारं​भिक जांच में सामने आया है कि शुरुआत में आरोपी छात्र-छात्राओं का विश्वविद्यालयों से एनरॉल्मेंट कराकर पूरी प्रक्रिया कराया करते थे। कुछ छात्रों ने फीस जमा करने के बाद दा​खिला भी लिया था। बस उनको कक्षाओं में उप​​स्थित होने की अनिवार्यता नहीं थी। केवल परीक्षा के समय हाजिर हो जाते थे। SIT सूत्रों के मुताबिक 14 विश्वविद्यालयों में से दो के कुछ मार्केटिंग और सेल्स टीम के स्टाफ की जानकारी मिली है। यह स्टाफ कर्मी रुपये लेकर डिग्री व मार्कशीट बनाने वाले आरोपियों के संपर्क में लंबे समय से थे। उनके शहर में आकर और कुछ दिन तक रुकने के इनपुट मिले हैं। पुलिस उनसे पूछताछ कर सकती है। इस संबंध में विश्वविद्यालयों को पत्र भी भेजा गया है। उनसे स्टाफ कर्मियों के बारे में जानकारी मांगी गई है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    ​​​​​​​जलते अंगारों के बीच से निकला पंडा:शरीर बिल्कुल झुलसा नहीं, मथुरा में लोग चिल्लाए- श्रीकृष्णा...श्रीकृष्णा
    Next Article
    ‘खामेनाई के निधन पर चुप्पी विदेश नीति के लिए खतरा:सुल्तानपुर में सपा प्रवक्ता बोले- ट्रम्प के आगे भारत सरकार कहीं न कहीं दबाव में

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment