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    डॉक्टरों को एक यूनिक ID मिलेगी:नेशनल मेडिकल कमीशन का प्रस्ताव, एक रजिस्ट्रेशन से कहीं भी प्रैक्टिस कर पाएंगे; मरीज भी देख सकेंगे डिजिटल रिकॉर्ड

    9 hours ago

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    नेशनल मेडिकल कमीशन ने हर रजिस्टर्ड डॉक्टर को केंद्रीय स्तर पर एक यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर देने का प्रस्ताव रखा है। इसके बाद एक बार राज्य मेडिकल रजिस्टर में रजिस्ट्रेशन होने पर डॉक्टर को देश के किसी दूसरे राज्य में प्रैक्टिस करने के लिए अलग से नया रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस नहीं लेना होगा। प्रस्ताव के तहत डॉक्टरों का एक राष्ट्रीय डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार होगा। इसमें रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस की स्थिति और डॉक्टर के खिलाफ हुई अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानकारी दर्ज रहेगी। यह रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध होगा, जिसे मरीज और अस्पताल भी देख सकेंगे। डॉक्टर का नाम NMR में दर्ज होगा, लाइसेंस 5 साल के लिए वैध यह प्रस्ताव डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन और प्रैक्टिस लाइसेंस से जुड़े 2026 के ड्राफ्ट नियमों में रखा गया है। राज्य मेडिकल काउंसिल से रजिस्ट्रेशन मिलने के बाद NMC का एथिक्स एंड मेडिकल रजिस्ट्रेशन बोर्ड (EMRB) डॉक्टर को UID जारी करेगा। UID मिलने के बाद डॉक्टर का नाम नेशनल मेडिकल रजिस्टर (NMR) में दर्ज होगा। यही UID देशभर में डॉक्टर की पहचान के तौर पर काम करेगा और उसे किसी भी राज्य या केंद्रशासित प्रदेश में प्रैक्टिस करने की अनुमति होगी। प्रस्ताव के मुताबिक, डॉक्टर का प्रैक्टिस लाइसेंस 5 साल तक वैध रहेगा। अवधि खत्म होने के 3 महीने के अंदर रिन्यू नहीं कराने पर डॉक्टर का रजिस्ट्रेशन इनएक्टिव हो जाएगा। इसके बाद वह प्रैक्टिस नहीं कर सकेगा और यह जानकारी NMR में भी अपडेट हो जाएगी। डॉक्टर पर कार्रवाई भी पूरे देश में दिखेगी NMR में डॉक्टर के रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस की स्थिति और अनुशासनात्मक कार्रवाई का रिकॉर्ड रखा जाएगा। अगर किसी डॉक्टर पर मेडिकल लापरवाही, गलत आचरण या पेशेवर कदाचार का मामला सामने आता है, तो संबंधित राज्य मेडिकल काउंसिल उसकी जांच करेगी। अगर किसी दूसरे राज्य की काउंसिल डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करती है, तो इसकी जानकारी NMR में भी अपडेट होगी। साथ ही डॉक्टर के मूल राज्य के मेडिकल रजिस्टर में भी यह जानकारी अपने आप दर्ज हो जाएगी। एक ही पोर्टल से होगा रजिस्ट्रेशन IMA के डायरेक्टर अनिल नायक के मुताबिक, नए सिस्टम के तहत ‘यूनिफाइड पैन इंडिया रजिस्ट्रेशन पोर्टल’ तैयार किया जाएगा। जिन राज्यों में पहले से डिजिटल रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था है, उन्हें इस राष्ट्रीय पोर्टल से जोड़ा जाएगा। पुराने डॉक्टरों को भी मिलेगा UID जो डॉक्टर पहले से इंडियन मेडिकल रजिस्टर या राज्य मेडिकल रजिस्टर में रजिस्टर्ड हैं, लेकिन उनके पास UID नहीं है, उनके लिए एक बार का अपडेट अभियान चलाया जाएगा। वे EMRB पोर्टल पर अपनी जानकारी अपडेट कर UID ले सकेंगे। इस प्रक्रिया के लिए EMRB की ओर से कोई फीस नहीं ली जाएगी। ------------ ये खबर भी पढ़ें… केरलम- डॉक्टर की सैलरी ₹20 हजार, इतनी ही सफाईकर्मी की:जरूरत से 10 गुना ज्यादा डॉक्टर; इंडियन मेडिकल एसोसिएशन बोला- 66% डॉक्टर की हालत बंधुआ मजदूरों जैसी केरलम का मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर देश में सबसे मजबूत माना जाता है, लेकिन वहां डॉक्टरों को दिक्कत हो रही है। पूरी खबर पढ़ें…
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