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    डिलीवरी बॉय की पिटाई से परिवार दहशत में:मेरठ में मां बोलीं- मेरे दोनों बेटों को कुछ हो जाता तो हम क्या करते, आरोपियों पर कार्रवाई हो

    22 hours ago

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    मेरे दोनों बच्चों को बेरहमी से पीटा गया है। दोनों को काफी चोटें आई हैं और वह दर्द से कराह रहे हैं। अगर उन्हें कुछ हो जाता तो हमारा क्या होता। अगर पढ़ने-लिखने वाले परिवारों के साथ भी ऐसा होगा तो हम कहां जाएंगे। योगी सरकार को आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। ये बातें मेरठ में रोडरेज की घटना में घायल दो बेटों की मां शिवानी गर्ग ने कही। उन्होंने कहा- हमलावरों की भीड़ के बीच उनके बच्चों को कुछ हो जाता तो उनके परिवार का क्या होता? मां के साथ पूरा परिवार बेटों पर हमले के बाद दहशत में है। कसेरूखेड़ा की रहने वाली शिवानी ने कहा- मेरे दोनों बेटे नैतिग गर्ग और वियान गर्ग की पुलिस और कंपनी के जिम्मेदार लोगों ने शिकायत तक नहीं सुनी गई बल्कि भीड़ बुलाकर हमला किया गया। ऐसे में कोई कैसे खुद को सुरक्षित महसूस करेगा। पहले सिलसिलेवार समझिए पूरी घटना नैतिक बोले- वह पल याद कर सहम जाता हूं हमले में घायल हुए नैतिक ने कहा कि घटना को याद करने पर वह आज भी सहम जाते हैं। उनका कहना है कि अगर थोड़ी और देर हो जाती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। जिस तरह कई लोग एक साथ दोनों भाइयों पर टूट पड़े, उससे उनकी जान को भी खतरा पैदा हो गया था। हमले ने खड़े किए कानून-व्यवस्था पर सवाल रोडरेज की इस घटना में सबसे बड़ा सवाल यह है कि सड़क पर हुई कथित टक्कर और उसके बाद शिकायत के विवाद को लेकर इतनी बड़ी संख्या में लोग कैसे जुट गए और मारपीट इतनी गंभीर स्थिति तक कैसे पहुंच गई। परिवार का आरोप है कि दोनों भाइयों को भीड़ ने घेरकर पीटा और गंभीर चोटें पहुंचाईं। हालांकि हमले में किस-किस व्यक्ति की भूमिका रही, कितने लोग मौके पर मौजूद थे और धारदार हथियार से हमला किसने किया, इन सभी बिंदुओं की पुलिस जांच कर रही है। रोडरेज का विवाद और बढ़ता खतरा मेरठ में सड़क पर मामूली टक्कर या कहासुनी के बाद हिंसा का यह अकेला मामला नहीं है। हाल के दिनों में सड़क विवादों के गंभीर परिणाम सामने आए हैं। सदर बाजार क्षेत्र में भी बीच सड़क युवक को घेरकर पीटने का वीडियो सामने आया था, जिसमें पुलिस ने वीडियो के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इससे भी गंभीर मामला सिविल लाइन क्षेत्र का है। 22 अगस्त को सुशीला जसवंत राय अस्पताल के पास स्कूटी की टक्कर के बाद गौरव चौधरी और उसके दोस्त के साथ मारपीट हुई थी। आरोप है कि बॉक्सर अमर ने गौरव के चेहरे पर मुक्का मारा, जिससे वह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। करीब एक महीने उपचार के बाद 22 सितंबर को गौरव की मौत हो गई। सवाल यह है कि कब रूकेंगी रोडरेज की घटनाएं गंगानगर की इस घटना ने फिर यही सवाल सामने खड़ा कर दिया है कि सड़क पर मामूली टक्कर के बाद लोग कानून अपने हाथ में लेने से क्यों नहीं डर रहे हैं। सिविल लाइन की घटना में एक युवक की जान जा चुकी है और अब गंगानगर में दो भाइयों को सड़क विवाद के बाद कथित रूप से घेरकर पीटने का मामला सामने आया है। कानून-व्यवस्था के सामने चुनौती सिर्फ आरोपियों की गिरफ्तारी की नहीं, बल्कि सड़क पर होने वाले मामूली विवादों को हिंसक होने से रोकने की भी है। गंगानगर की घटना में वीडियो साक्ष्य सामने आने के बावजूद गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस की त्वरित कार्रवाई और अपराधियों में कानून का भय कायम रखने की व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
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