Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    एनएचएम घोटाले पर बढ़ा सियासी दबाव:बलरामपुर में10 विधायकों ने सीएम योगी को लिखा पत्र, जांच की मांग

    4 hours ago

    2

    0

    राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) घोटाले में मुख्य आरोपित पूर्व कांग्रेस विधायक मुकेश श्रीवास्तव को अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मामले ने नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है। देवीपाटन मंडल के 10 विधायकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर घोटाले में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, शेष आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराने की मांग की है। इस पत्र के सामने आने के बाद मामले में राजनीतिक दबाव बढ़ता दिख रहा है। विधायकों ने अपने पत्र में कहा है कि बलरामपुर, श्रावस्ती और गोंडा सहित देवीपाटन मंडल के विभिन्न जनपदों में स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं में करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप सामने आए हैं। उनका तर्क है कि केवल कुछ लोगों की गिरफ्तारी से जांच का उद्देश्य पूरा नहीं होगा, बल्कि पूरे नेटवर्क का खुलासा कर उन सभी व्यक्तियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए जिन्होंने किसी भी स्तर पर घोटाले को अंजाम दिया या उसे संरक्षण दिया। मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र पर पयागपुर विधायक सुभाष त्रिपाठी, बलरामपुर सदर विधायक पल्टूराम, तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ल, उतरौला विधायक राम प्रताप वर्मा और श्रावस्ती विधायक रामफेरन पांडेय समेत कुल 10 विधायकों के हस्ताक्षर बताए जा रहे हैं। विधायकों ने जोर दिया कि स्वास्थ्य योजनाओं के लिए जारी सरकारी धन जनता के हितों से जुड़ा होता है, इसलिए इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए। बीते सोमवार को पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव की नियमित जमानत और बलरामपुर, श्रावस्ती तथा गोंडा में दर्ज मुकदमों में अग्रिम जमानत याचिकाएं अदालत द्वारा खारिज किए जाने के बाद विजिलेंस ने जांच की गति तेज कर दी है। जांच एजेंसियों का मानना है कि अब विवेचना बिना किसी कानूनी बाधा के आगे बढ़ेगी और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका की भी गहन जांच की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, विजिलेंस टीम वित्तीय लेनदेन, नियुक्तियों, भुगतान, सरकारी अभिलेखों और प्रशासनिक निर्णयों की पूरी कड़ी का मिलान कर रही है। इसके साथ ही, पूर्व में तैनात कुछ चर्चित लिपिकों, अस्पताल कर्मियों और अन्य कर्मचारियों से दोबारा पूछताछ की तैयारी भी की जा रही है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    झांसी में कांस्टेबल की मौत:समरसेबल का कनेक्शन जोड़ते समय करंट लगा, छुट्टी लेकर घर आया था
    Next Article
    'दोबारा शादी नहीं करने वाली', तलाक के बाद खुद के दम पर अकेले जिएंगी आकांक्षा चमोला, Lock Upp में बताया फ्यूचर प्लान

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment