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    फैक्ट्रियों का प्रदूषण, घर में लगाना पड़ रहा एयर प्यूरीफायर:वार्ड-31 में निगम पर कचरा फैलाने का आरोप, पार्षद बोले- जंगल भी बर्बाद किया

    20 hours ago

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    फैक्ट्रियों के प्रदूषण से सांस के मरीज बढ़ गए हैं। घर में एयर प्यूरीफायर की जरूरत पड़ रही है। नगर निगम खुद सड़क किनारे कूड़ा डाल रहा है…। वार्ड-31 के ये हालात वहां के स्थानीय निवासियों ने बताए हैं। यहां की सड़कों पर कचरा ही कचरा नजर आता है। मुख्य मार्ग पर तीन किलोमीटर का रास्ता स्ट्रीट लाइट न होने की वजह से अंधेरे में डूब जाता है। उधर, पार्षद ने नगर निगम के अधिकारियों पर समस्या का समाधान न करने का आरोप लगाया है। कहा कि निगम ने कूड़ा हटाने की बजाय जंगल में फैला दिया है। दैनिक भास्कर की वार्ड परिक्रमा के दौरान लोगों ने खुलकर अपनी बात रखी। कहा कि शिकायतें लगातार होती हैं, लेकिन जिम्मेदार सिर्फ आश्वासन देकर चले जाते हैं। दैनिक भास्कर वार्ड परिक्रमा अभियान चला रहा है। इसी कड़ी में वार्ड-31 का जायजा लिया गया... मुख्य सड़क किनारे नगर निगम की ओर से डाला गया कूड़ा पूरे इलाके में बदबू फैला रहा है। बंद नालों के कारण वार्ड का पानी अस्थायी रूप से जंगल की ओर छोड़ा जा रहा है। बिना बारिश के भी कई सड़कें जलभराव की चपेट में नजर आईं। नालों में जमा कूड़े से जलनिकासी पूरी तरह प्रभावित मिली। वहीं बिजली लाइन बिछाने के बाद खोदे गए गड्ढे महीनों से खुले पड़े मिले, जिससे हादसों का खतरा बना हुआ है। पहले ये नजारा देखिए... 35 साल बाद भी अधूरी सुविधाएं स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम में शामिल होने के बावजूद वार्ड को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल सकीं। मुख्य मार्ग पर स्ट्रीट लाइटें नहीं हैं। सड़क किनारे नगर निगम खुद कूड़ा डाल रहा है, जिससे आसपास का वातावरण दूषित हो रहा है। लोगों का आरोप है कि अधिकारियों को कई बार शिकायत दी गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। 35 साल बाद भी अधूरी सुविधाएं स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम में शामिल होने के बावजूद वार्ड को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल सकीं। मुख्य मार्ग पर स्ट्रीट लाइटें नहीं हैं। सड़क किनारे नगर निगम खुद कूड़ा डाल रहा है, जिससे आसपास का वातावरण दूषित हो रहा है। लोगों का आरोप है कि अधिकारियों को कई बार शिकायत दी गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। जलनिकासी ठप, बिना बारिश भी भरता पानी वार्ड के नाले और नालियां नियमित रूप से साफ नहीं होतीं। कई स्थानों पर नाले पूरी तरह चोक हैं, जिससे बिना बारिश के भी सड़कों पर पानी भरा रहता है। बरसात में हालात और खराब हो जाते हैं तथा लोगों का आवागमन प्रभावित होता है। वार्ड की बड़ी समस्याएं जलनिकासी ठप: नाले और नालियां चोक होने से बिना बारिश भी जलभराव। सड़क किनारे कूड़ा: निगम द्वारा डंपिंग से बदबू और प्रदूषण। स्ट्रीट लाइट का अभाव: तीन किलोमीटर मुख्य मार्ग अंधेरे में। लीक पाइपलाइन: सड़क पर पानी बहता है, घरों में सप्लाई प्रभावित। खुले गड्ढे: बिजली लाइन बिछाने के बाद सड़कें अधूरी छोड़ दी गईं। मुख्य सड़क पर आज तक नहीं लगी स्ट्रीट लाइट करीब तीन किलोमीटर लंबे मुख्य मार्ग पर स्ट्रीट लाइट नहीं होने से शाम ढलते ही अंधेरा छा जाता है। पैदल चलने वाले, साइकिल सवार और स्कूल के बच्चे सबसे ज्यादा परेशान होते हैं। लोगों का कहना है कि कई वर्षों से मांग के बावजूद रोशनी की व्यवस्था नहीं की गई। कूड़ा बना सबसे बड़ी परेशानी नगर निगम द्वारा आसपास का कूड़ा सड़क किनारे डंप किए जाने से पूरे इलाके में बदबू फैल रही है। तेज हवा चलने पर कचरा रिहायशी क्षेत्र तक पहुंच जाता है। लोगों का कहना है कि इससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है और जंगल का क्षेत्र भी प्रभावित हो रहा है। पानी की पाइपलाइन लीक, घरों तक नहीं पहुंच रहा पर्याप्त पानी वार्ड में कई जगह पानी की पाइपलाइन लीक है। सड़क पर लगातार पानी बहता रहता है जबकि घरों तक पर्याप्त दबाव से पानी नहीं पहुंचता। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बाद भी लीकेज ठीक नहीं कराई गई। बिजली और स्ट्रीट लाइट की समस्या से लोग परेशान दीपक घोपला ने बताया कि वार्ड में बार-बार बिजली कटौती और खंभों में फॉल्ट की समस्या रहती है। स्ट्रीट लाइटें भी खराब हैं और शिकायतों के बाद सिर्फ आश्वासन मिलता है। वहीं धर्मेंद्र ने कहा कि 30 साल से नगर निगम क्षेत्र में शामिल होने के बावजूद तीन किलोमीटर लंबे मुख्य मार्ग पर आज तक स्ट्रीट लाइट नहीं लगी, जिससे रात में लोगों को परेशानी होती है। जलभराव, गंदगी और पेयजल व्यवस्था बदहाल रविंद्र ने बताया कि नालों-नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से बारिश में जलभराव हो जाता है। सफाई के बाद निकाला गया कूड़ा भी समय पर नहीं उठाया जाता, जिससे गंदगी और बीमारियां बढ़ रही हैं। विशाल चौधरी ने कहा कि नगर निगम की पानी की पाइपलाइन जगह-जगह लीक है। इससे सड़क पर पानी भर जाता है और घरों तक पर्याप्त प्रेशर से पानी नहीं पहुंचता। फैक्ट्रियों के प्रदूषण से बढ़ रहे सांस के मरीज डॉ. अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि क्षेत्र की फैक्ट्रियों से निकलने वाले प्रदूषण के कारण सांस के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि लोग छत पर कपड़े तक नहीं सुखा पा रहे हैं और कई घरों में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। उन्होंने जलनिकासी की समस्या और नगर निगम की अनदेखी पर भी नाराजगी जताई। ---------------- ये खबर भी पढ़िए… हम कीचड़ में जिंदगी काट रहे, जिम्मेदार आश्वासन बांट रहे...:वार्ड-8 में गंदगी-जलभराव, लोग जनप्रतिनिधियों से खफा हम कीचड़ में जिंदगी काट रहे, जिम्मेदार आश्वासन बांट रहे। लोग चंदा जुटाकर सड़क बना रहे हैं, जबकि नगर निगम विकास के दावे कर रहा है…। ये नाराजगी मेरठ के वार्ड-8 लिसाड़ी में रहने वालों की है। यहां के लोग पार्षद पर क्षेत्र में न आने और काम न कराने का आरोप लगा रहे हैं। जबकि पार्षद का कहना है कि वे लगातार प्रस्ताव भेज रहे हैं, लेकिन नगर निगम उन्हें मंजूरी ही नहीं देता। नतीजा यह है कि सड़क, नाला, सफाई और जलनिकासी जैसी बुनियादी समस्याएं भी नहीं मिल रही हैं। दैनिक भास्कर की वार्ड परिक्रमा के दौरान लोगों ने निगम ही नहीं, जनप्रतिनिधियों के प्रति भी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि नगर निगम से लेकर विधायक, सांसद और मंत्रियों तक वार्ड की समस्याएं उठाई गईं, लेकिन प्रस्ताव स्वीकृत नहीं होने से विकास कार्य अटके हुए हैं। पूरी खबर पढ़िए… ---------------- ये खबर भी पढ़िए… वोट पार्षद को नहीं तो क्या गड्‌ढे में देकर आए…:वार्ड-88 के लोग बोले- रास्ते टूटे और जलमग्न हैं, शिकायत करो तो कहते हैं वोट नहीं दिया पार्षद कह देते हैं कि मुझे यहां से वोट नहीं मिला इसलिए काम नहीं कराऊंगा। हम पूछना चाहते हैं कि क्या हम अपना वोट गड्ढे में देकर आए हैं…? यह सवाल वार्ड-88 श्यामनगर पूर्वी निवासी अफजल का है। उन्हीं की तरह वार्ड के कई और लोगों ने भी यही शिकायत की है। उनका कहना है कि सड़कें नाले के पानी में डूबी हैं और जर्जर हो चुकी हैं। घरों में गंदा पानी पहुंच रहा है। बिजली के तार खुले हैं। शिकायत लेकर जब पार्षद के पास जाते हैं तो वह कहते हैं कि इस क्षेत्र से मेरा कोई मतलब नहीं है। आपने मुझे वोट नहीं दिया। दैनिक भास्कर की वार्ड परिक्रमा के दौरान लोगों ने वार्ड के हालात बयां किए। उनका कहना है कि इस वार्ड जैसी बदतर स्थिति किसी और वार्ड में नहीं है। पूरी खबर पढ़िए…
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