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    फीस के लिए बोर्ड परीक्षा से नहीं रोकेंगे छात्र:पीलीभीत DM ने प्रधानाचार्यों को दी कड़ी चेतावनी, कहा- मानसिक उत्पीड़न न हो

    4 hours ago

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    पीलीभीत में यूपी बोर्ड परीक्षाओं को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने निजी स्कूलों को कड़ी चेतावनी दी है कि वे बकाया फीस के नाम पर किसी भी छात्र को बोर्ड परीक्षा में बैठने से नहीं रोक सकते। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि फीस जमा न होना किसी भी छात्र को बोर्ड परीक्षा से रोकने का आधार नहीं हो सकता। उन्होंने जनपद के समस्त प्रधानाचार्यों और विद्यालय व्यवस्थापकों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी छात्र-छात्रा को केवल इसलिए परीक्षा से वंचित नहीं किया जाएगा क्योंकि उसकी फीस बकाया है। ज्ञानेंद्र सिंह ने चेतावनी दी कि यदि किसी छात्र या उसके अभिभावक द्वारा इस संबंध में कोई शिकायत दर्ज कराई जाती है, तो संबंधित प्रधानाचार्य और स्कूल प्रबंधन के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी के प्रमुख निर्देशों में यह भी शामिल है कि सभी परीक्षार्थियों को समय पर प्रवेश पत्र उपलब्ध करवाने की पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित प्रधानाचार्य और केंद्र व्यवस्थापक की होगी। यदि कोई स्कूल प्रवेश पत्र रोकने या परीक्षा केंद्र में प्रवेश न देने की हठधर्मिता दिखाता है, तो प्रशासन तुरंत हस्तक्षेप करेगा। उन्होंने जोर दिया कि छात्र का शैक्षणिक भविष्य उसकी आर्थिक स्थिति या बकाया शुल्क के कारण अधर में नहीं लटकाया जा सकता। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा कि बोर्ड परीक्षा छात्रों के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है और इसमें किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न करना नियम विरुद्ध है। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी निर्देशित किया है कि वे जमीनी स्तर पर निगरानी रखें और सुनिश्चित करें कि किसी भी छात्र का मानसिक उत्पीड़न न हो। प्रशासन के इस आदेश के बाद उन निजी स्कूलों में खलबली मच गई है जो फीस वसूली के लिए बोर्ड परीक्षाओं को हथियार के रूप में इस्तेमाल करते थे। अभिभावकों ने जिलाधिकारी के इस मानवीय और कड़े फैसले का स्वागत किया है। परीक्षा केंद्रों पर सतर्कता के निर्देश प्रवेश पत्र वितरण के साथ-साथ जिलाधिकारी ने परीक्षा केंद्रों पर नकल विहीन और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए भी केंद्र व्यवस्थापकों को सजग रहने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन की प्राथमिकता हर पात्र छात्र को परीक्षा में शामिल कराना और निष्पक्ष तरीके से परीक्षा संपन्न कराना है।
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