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    गोंडा में हाईकोर्ट वकील की हत्या से पहले का VIDEO:नौ बीघे जमीन पर कब्जे की लड़ाई; हॉकी-डंडे चले; 3 आरोपी गिरफ्तार

    14 hours ago

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    गोंडा में जमीन विवाद में हाईकोर्ट के वरिष्ठ वकील की पीटकर हुई हत्या का वीडियो सामने आया है। वीडियो में पूरा घटनाक्रम रिकॉर्ड है। पुलिस इस फुटेज को अपनी जांच का अहम हिस्सा मान रही है। उधर, गांव में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। इस मारपीट में वकील के बेटे और 2 भतीजे भी घायल हैं। गोंडा मेडिकल कॉलेज में उनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने वीडियो के आधार पर 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल, 9 बीघा जमीन को लेकर कोर्ट में केस चल रहा था। अपने पक्ष में फैसला आने के बाद वकील रविवार को खेत की जुताई करने पहुंचे थे। तभी विरोधी पक्ष के 15-20 लोगों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियार लेकर पहुंचे और हमला कर दिया। देखें 3 तस्वीरें पहले जानिए वीडियो में क्या है... वकील की हत्या के बाद सामने आए वीडियो में दिख रहा है कि ट्रैक्टर से विवादित खेत की जुताई की जा रही है। ट्रैक्टर पर दो लोग बैठ हैं। 10 से 12 लोग लाठी-डंडे और हॉकी लेकर खड़े हैं। वीडियो में आवाज आ रही है कि देखिए हमने इस जमीन का बैनामा कराया है, उसे दबंगई से जोता जा रहा है। वीडियो में वकील सुभाष चंद्र भी दिख रहे हैं। इसी दौरान हॉकी लेकर एक आदमी उनके पास पहुंचता है। फिर दोनों दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद मारपीट शुरू हो जाती है। कुछ देर बाद आवाज आती है, पुलिस आ गई भागो। फिर वीडियो में अंधेरा छा जाता है और आवाज आती है कि ट्रैक्टर चढ़ा दिया। जानिए पूरा मामला क्या है… सुदाई पुरवा गांव के 67 वर्षीय सुभाष चंद्र मिश्रा लखनऊ हाईकोर्ट में प्रशासनिक अधिवक्ता रहे हैं। वह अवध बार एसोसिएशन के मंत्री भी रह चुके हैं। उनके दो बेटे हैं-बड़ा बेटा अभिषेक मिश्रा भी हाईकोर्ट में अधिवक्ता है, जबकि छोटा बेटा अनुराग मिश्रा खेती-बाड़ी संभालता है। अधिवक्ता सुभाष चंद्र मिश्रा के पिता पारस मिश्रा की 30 साल पहले मौत हो चुकी है। उनके चार बेटे थे-सुभाष चंद्र मिश्रा (हाईकोर्ट अधिवक्ता), दिनेश मिश्रा (मृत), अरुण मिश्रा (वर्तमान में किसान इंटर कॉलेज भंभुआ में क्लर्क के पद पर तैनात) और सबसे छोटे बेटे अभय मिश्रा। पारस मिश्रा के छोटे भाई जगदंबा मिश्रा की केवल दो बेटियां थीं। उन्होंने कोरोना काल में अपनी मौत से 1–2 साल पहले अपने 9 बीघा जमीन की वसीयत अपने भतीजे सुभाष मिश्रा, दिनेश मिश्रा और अभय मिश्रा के नाम कर दी थी। वसीयत करते समय जगदंबा मिश्रा ने अपने भतीजे अरुण मिश्रा के नाम जमीन नहीं की थी, क्योंकि पिता पारस मिश्रा की मौत के बाद उन्हें अनुकंपा नियुक्ति मिल चुकी थी। अरुण मिश्रा को पिता की नौकरी भाई सुभाष चंद्र मिश्रा, दिनेश मिश्रा और अभय मिश्रा के आपसी समझौते के आधार पर मिली थी। कोरोना काल में जगदंबा मिश्रा की मौत के बाद उनकी पत्नी रामावती के नाम 9 बीघा जमीन दर्ज हो गई थी। निधन के बाद जमीन का कराया गया बैनामा मौत के करीब दो साल बाद अधिवक्ता सुभाष चंद्र मिश्रा के सगे छोटे भाई अरुण मिश्रा ने अपनी चाची रामावती से अपने नाम तथा गांव के पट्‌टीदार और पूर्व प्रधान हरि शरण मिश्र एवं राम केवल मिश्रा के नाम जमीन का बैनामा करा लिया। बैनामा होने के बाद से अरुण मिश्रा, हरि शरण मिश्र और राम केवल मिश्रा इस जमीन पर अपना हक जताने लगे। इसे लेकर अधिवक्ता सुभाष चंद्र मिश्रा ने करनैलगंज ग्राम न्यायालय में वाद दायर किया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद सुभाष चंद्र मिश्रा को जमीन पर कब्जा लेने की अनुमति दी और विपक्षी पक्ष को हस्तक्षेप करने से मना किया। कोर्ट के इसी आदेश को लेकर शनिवार को सुभाष चंद्र मिश्रा का पक्ष करनैलगंज कोतवाली पहुंचा और लिखित आदेश देकर जमीन पर कब्जा दिलाने की मांग की। पुलिस ने कहा कि यदि जमीन उनकी है तो वे कब्जा कर सकते हैं। इसके बाद अधिवक्ता सुभाष चंद्र मिश्रा अपने दोनों भाइयों दिनेश मिश्रा और अभय मिश्रा तथा परिवार के अन्य सदस्यों के साथ खेत की जुताई करने गए। इसी दौरान विवाद हो गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, सुभाष चंद्र मिश्रा की मौत सिर में गंभीर चोट लगने से हुई। शरीर पर कुल आठ चोटों के निशान मिले हैं। दो डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम किया। रिपोर्ट में बताया गया कि सिर में चोट से खून जम गया था, जिससे नसें काम करना बंद कर गईं और इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस जांच और गिरफ्तारी करनैलगंज कोतवाली पुलिस ने वकील के भतीजे विश्वास मिश्रा की तहरीर पर सुभाष चंद्र के छोटे भाई अरुण कुमार मिश्रा, पट्टीदार पूर्व ग्राम प्रधान हरिशरण मिश्रा, रामकेवल और संतोष कुमार के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करवाया है। जिसमें अरुण कुमार मिश्रा को मुख्य आरोपी बनाया गया है। वह फरार है। अन्य की तलाश में टीमें दबिश दे रही हैं। गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात है। करनैलगंज कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय के अनुसार, दो वीडियो सामने आए हैं, एक में कोई विवाद स्पष्ट नहीं है, जबकि दूसरे में विवाद और ट्रैक्टर चलाते एक व्यक्ति को देखा जा सकता है। पुलिस वीडियो की सत्यता की जांच कर रही है। वकीलों में आक्रोश, विधायक का बयान घटना के बाद अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश है। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए और निष्पक्ष जांच की मांग की। कटरा बाजार से भाजपा विधायक बावन सिंह भी मौके पर पहुंचे। उनका एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें वह अधिवक्ताओं से हाईकोर्ट में आंदोलन करने की बात कहते दिख रहे हैं। हालांकि पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के आश्वासन के बाद स्थिति कुछ शांत हुई। भाई के कान के पास से निकल गई गोली अनुराग ने बताया कि रविवार को जैसे ही वे लोग खेत पर पहुंचे, आरोपियों ने हमला कर दिया। लाठी-डंडों से पिटाई की गई और फायरिंग भी की गई। गोली उनके भाई के कान के पास से निकल गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि घटना में 20 से 30 लोग शामिल थे। उन्होंने सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है। एएसपी पश्चिमी राधेश्याम राय ने बताया- वकील के भतीजे विश्वास चंद्र की शिकायत पर 4 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। 2 आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात है। 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी हत्याकांड मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें पूर्व प्रधान हरि शरण मिश्रा, राम केवल मिश्रा और संतोष कुमार मिश्रा शामिल हैं। तीनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराया और उन्हें जेल भेजा गया है। यह सुनिश्चित किया गया कि इस प्रक्रिया की जानकारी अधिवक्ताओं को न मिल सके। अधिवक्ता सुभाष चंद्र मिश्रा का सगा छोटा भाई अरुण मिश्रा, जो क्लर्क के पद पर तैनात है, अभी भी फरार है। गोंडा पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने अरुण मिश्रा की गिरफ्तारी के लिए चार पुलिस टीमें गठित की हैं। पुलिस टीमें कई स्थानों पर दबिश दे रही हैं। अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी राधेश्याम राय ने बताया कि सुदाईपुरवा में एक विवादित जमीन को लेकर दो सगे भाइयों और उनके परिजनों के बीच मारपीट हुई थी। इस घटना में सुभाष चंद्र मिश्रा की मौत हो गई थी, जबकि आकाश और विश्वास घायल हुए थे, जिनका इलाज कराया गया है। ------------------------ ये खबर भी पढ़िए… कासगंज में पत्नी, 3 बच्चों की हत्या कर जान दी:बच्चों को जहर देकर पत्नी का गला काटा; 3 दिन घर में पड़ी रहीं लाशें कासगंज में पत्नी और बच्चों की हत्या के बाद पति फंदे से झूल गया। उसने पहले बच्चों को जहर दिया और फिर पत्नी का गला काट दिया। तीन दिन तक शव घर में पड़े रहे और किसी को इसकी जानकारी नहीं हुई। पड़ोसियों के मुताबिक, घटना का पता उस वक्त चला, जब शनिवार शाम एक युवक शादी का कार्ड देने घर गया। पढ़िए पूरी खबर…
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