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    गोंडा में खुले नाले बने जानलेवा:डीएम आवास से 100 मीटर दूर 200 मीटर लंबा नाला खुला, हजारों लोगों की जान पर खतरा

    4 hours ago

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    प्रदेश के कई जिलों में खुले नालों में गिरकर लोगों की मौत की घटनाओं के बावजूद गोंडा शहर में खुले नाले लोगों की जान पर खतरा बने हुए हैं। शहर के कई प्रमुख स्थानों पर नाले बिना ढक्कन और सुरक्षा बैरिकेडिंग के खुले पड़े हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि जिलाधिकारी आवास से महज 100 मीटर दूर भी करीब 200 मीटर लंबा नाला खुला पड़ा है, जहां से रोजाना हजारों वाहन और लोग गुजरते हैं। बुधवार दोपहर करीब एक बजे श्रम विभाग कार्यालय के सामने गोंडा-लखनऊ-बलरामपुर हाईवे के किनारे बने इस खुले नाले में कई जगह लोहे की सरिया भी बाहर निकली हुई मिलीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कोई वाहन अनियंत्रित होकर इसमें गिर जाए तो गंभीर हादसा हो सकता है। स्कूल के पास भी पांच साल से खुला नाला शहर के टॉमसन इंटर कॉलेज के पास भी पिछले करीब पांच वर्षों से नाला खुला पड़ा है। यह नाला लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय चौराहे की ओर जाता है और प्रतिदिन हजारों छात्र-छात्राएं इसी रास्ते से गुजरते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान नाला दिखाई नहीं देता, जिससे दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है। निर्माणाधीन नाले पर भी नहीं सुरक्षा व्यवस्था कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के कार्यालय के पास बन रहे निर्माणाधीन नाले पर भी पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं। निर्माण कार्य के दौरान नाले को खुला छोड़ दिया गया है। यह भी गोंडा-बलरामपुर-लखनऊ मार्ग के किनारे स्थित है, जहां किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष नाला निर्माण, मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद शहर के प्रमुख मार्गों पर खुले नाले लोगों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं। सिटी मजिस्ट्रेट बोले- चलाया जाएगा अभियान मामले में गोंडा के सिटी मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा ने बताया कि नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) को पूरे शहर का सर्वे कर अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। जहां भी खुले नाले मिलेंगे, उन्हें बंद कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह भी जांच की जाएगी कि निर्माणाधीन परियोजनाओं में नालों को ढकने या सुरक्षा व्यवस्था का प्रावधान था या नहीं। उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं होने दिया जाएगा।
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