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    गाजीपुर में 10 साल से जलभराव, 20 घरों में पानी:8-9 गांवों का रास्ता कमर तक पानी में डूबा; गड़ही पाटकर निर्माण का आरोप

    11 hours ago

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    गाजीपुर सदर ब्लॉक की बिंदवलिया ग्राम पंचायत में पिछले 10 साल से जलभराव की समस्या बनी हुई है। बारिश के दिनों में हालात और बिगड़ जाते हैं। 8-9 गांवों को जोड़ने वाले मुख्य रास्ते पर घुटनों से लेकर कमर तक पानी भर जाता है। करीब 20 मकान इसकी चपेट में हैं। कई घरों में पानी घुसने से परिवारों को दूसरी जगह रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की सरकारी गड़ही को पूरी तरह पाट दिया गया है। यह गड़ही राजस्व रिकॉर्ड में भी दर्ज है। इसके अलावा पानी निकासी के लिए बनाया गया नाला भी बंद है। ग्रामीणों के मुताबिक, निकासी वाली जगह पर मकान बन जाने से पानी का बहाव रुक गया है। बारिश होने पर पानी सड़क पर जमा हो जाता है और कई दिनों तक नहीं निकलता। बच्चों को गंदे पानी से होकर जाना पड़ता है ग्रामीण मिंटू यादव ने बताया कि करीब 10 साल से शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। स्कूल जाने वाले बच्चों को रोज गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। कई बार वाहन भी पानी में फंसकर गिर चुके हैं। लंबे समय तक पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और ग्रामीणों को मलेरिया व डेंगू जैसी बीमारियों का डर बना रहता है। ‘निकासी का रास्ता बंद है तो पानी बाहर कैसे निकलेगा’ श्याम नारायण चौधरी ने बताया कि पहले नाले के जरिए पानी नदी तक पहुंचता था। अब पानी का बहाव पूरी तरह रुक गया है। उन्होंने कहा कि जब निकासी का रास्ता ही बंद कर दिया गया है तो पानी बाहर कैसे निकलेगा। वीरेंद्र यादव ने बताया कि उन्हें रोज पानी पार करके आना-जाना पड़ता है। कई बार रास्ते में भाई के घर खाना खाकर काम पर जाना पड़ता है, ताकि गहरे पानी से बार-बार न गुजरना पड़े। उनका कहना है कि अगर गड़ही को पाटकर निर्माण नहीं किया गया होता तो बारिश का पानी वहीं जमा हो जाता और मुख्य रास्ते पर इतना जलभराव नहीं होता। पांचों कमरों में पानी, बच्चों को दूसरे घर में रखा सुखारी सिंह कुशवाहा ने बताया कि उन्हें अपने घर तक पहुंचने के लिए कमरभर पानी से होकर गुजरना पड़ा। घर के पांचों कमरों में पानी भरा है। बच्चों को मजबूरी में दूसरे के घर रखना पड़ा है। पशुओं के चारे के लिए भी इसी जलमग्न रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। मवेशी भी पानी में खड़े रहने को मजबूर हैं। उन्होंने गांव में सफाईकर्मी और सचिव के नियमित पहुंचने को लेकर भी सवाल उठाए। बारिश के बाद भी महीनों जमा रहता है पानी अनूप दास ने बताया कि बारिश खत्म होने के बाद भी कई महीने तक पानी जमा रहता है। आसपास के गांवों से आने वाले छात्र-छात्राओं, दुकानदारों और ग्रामीणों के लिए यही प्रमुख रास्ता है। लगातार जलभराव से लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने बंद नाले को खुलवाकर पानी की निकासी बहाल करने और पाटी गई सरकारी गड़ही की दोबारा खुदाई कराने की मांग की है। उनका कहना है कि नाला खुलने और गड़ही की खुदाई होने से पानी को प्राकृतिक निकासी मिल सकेगी और गांव को जलभराव की समस्या से स्थायी राहत मिल सकती है।
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