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    गोरखपुर की महिला का सफल हार्ट वाल्व रिप्लेसमेंट:परिवार वाले छोड़ दिए थे उम्मीद, डाक्टर ने बचाई जान

    6 hours ago

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    मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, लखनऊ के डॉक्टरों ने गोरखपुर की 67 साल महिला का सफलतापूर्वक इलाज कर मरीज की जान बचाई है। मरीज को गंभीर एओर्टिक स्टेनोसिस नाम की बीमारी थी, जो दिल से शरीर में खून पहुंचाने वाले एओर्टिक वाल्व के सिकुड़ जाने से होती है। यह बीमारी जानलेवा भी हो सकती है। जानिए क्या होती है एओर्टिक स्टेनोसिस इस बीमारी में दिल के एओर्टिक वाल्व पर कैल्शियम जमने लगता है और वाल्व की पत्तियां मोटी हो जाती हैं। इससे वाल्व का मुंह संकरा हो जाता है और दिल से शरीर की ओर खून का प्रवाह बाधित होता है। नतीजतन मरीज को सांस फूलना, जल्दी थकान होना, चक्कर आना या बेहोशी जैसी समस्याएं होने लगती हैं। गोरखपुर में जांच, लखनऊ में इलाज मरीज पार्वती ने गोरखपुर में आयोजित ओपीडी के दौरान डॉ. विजयंत देवेनराज से संपर्क किया। उन्हें लगातार बढ़ती सांस फूलने की शिकायत, अत्यधिक थकान, बार-बार झपकी आने और हाल ही में बेहोश होने की समस्या थी। डॉक्टरों ने उनकी विस्तृत जांच की, जिसमें इकोकार्डियोग्राफी और अन्य उन्नत जांच शामिल थीं। जांच में पुष्टि हुई कि उन्हें गंभीर एओर्टिक स्टेनोसिस है और तुरंत इलाज की जरूरत है। बिना ओपन हार्ट सर्जरी के हुआ इलाज डॉक्टरों ने मरीज को लखनऊ स्थित मैक्स अस्पताल में टैवी प्रक्रिया कराने की सलाह दी। टैवी एक आधुनिक और कम जोखिम वाली प्रक्रिया है। इसमें पैर की नस के जरिए एक पतली नली डालकर खराब एओर्टिक वाल्व को बदला जाता है। इस प्रक्रिया में छाती खोलने या ओपन हार्ट सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे बुजुर्ग मरीजों के लिए यह ज्यादा सुरक्षित विकल्प बन जाता है। डॉ. विजयंत देवेनराज ने बताया कि बुजुर्ग मरीजों में अक्सर सांस फूलना और थकान को उम्र का असर मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। लेकिन समय पर इकोकार्डियोग्राफी करवा लेने से इस बीमारी की पहचान जल्दी हो सकती है और जान बचाई जा सकती है। 3–4 दिन में मिली छुट्टी सफल टैवी प्रक्रिया के बाद मरीज को 3 से 4 दिन के भीतर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। फॉलो-अप जांच में नया वाल्व पूरी तरह सही काम करता पाया गया। कोई बड़ी जटिलता जैसे स्ट्रोक, खून की नली को नुकसान या पेसमेकर की जरूरत सामने नहीं आई। मरीज की स्थिति अब पहले से बेहतर है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए बड़ी राहत मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, लखनऊ पूर्वी उत्तर प्रदेश के मरीजों तक उन्नत हृदय उपचार पहुंचाने के लिए नियमित ओपीडी और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। यह मामला दिखाता है कि समय पर जांच, सही सलाह और टैवी जैसी आधुनिक तकनीक से बुजुर्ग मरीजों को नई जिंदगी दी जा सकती है। दिल के वाल्व की गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए यह उम्मीद की बड़ी खबर है।
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