Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    गोरखपुर में कांवड़ मार्ग की CCTV से होगी निगरानी:जिले के 154 शिव मंदिरों में सावन में जुटेगी भीड़, पुलिस अलर्ट

    1 day ago

    1

    0

    गोरखपुर परिक्षेत्र में सावन माह शुरू होने से पहले पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। इस बार सुरक्षा व्यवस्था का फोकस सिर्फ कांवड़ यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि हाईवे, कांवड़ मार्ग, शिव मंदिरों, जलभराव घाटों, रेलवे स्टेशन, होटल, ढाबों और अस्थायी दुकानों तक बढ़ा दिया गया है। कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था या असामाजिक गतिविधि रोकने के लिए सत्यापन अभियान तेज कर दिया गया है। संवेदनशील स्थलों की पहचान कर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जा रहा है, जबकि प्रमुख कांवड़ मार्गों पर सीसी कैमरे लगाए जा रहे हैं। जिले में कुल 154 प्रमुख शिव मंदिरों में सावन के दौरान जलाभिषेक होगा। इनमें 25 मंदिर ऐसे हैं, जहां प्रत्येक सोमवार को पांच हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचते हैं। जिले के नौ मंदिरों को अति संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। हाइवे पर बढ़ाई गई गश्त सावन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आवागमन को देखते हुए पुलिस ने हाईवे पर गश्त बढ़ा दी है। कांवड़ यात्रा मार्ग से सटे होटल, ढाबे, अस्थायी दुकानें और अन्य प्रतिष्ठानों का सत्यापन कराया जा रहा है। पुलिस अधिकारी लगातार हाईवे और यात्रा मार्ग का निरीक्षण कर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा कर रहे हैं। संदिग्ध व्यक्ति और गतिविधि पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय पुलिस के साथ पीआरवी और मोबाइल टीमें भ्रमणशील रहेंगी, ताकि किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। गोरखपुर में कांवड़िए बड़हलगंज के सरयू घाट से जल भरकर पिपराइच स्थित मोटेश्वर शिव मंदिर तक करीब 75 किलोमीटर की पदयात्रा करते हैं। इस पूरे मार्ग को सुरक्षा की दृष्टि से चिन्हित किया गया है। मार्ग पर सीसी कैमरे लगाए जा रहे हैं और प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। इसके अलावा 14 घाटों से कांवड़िए जल भरेंगे। देवरिया में 10 प्रमुख शिव मंदिर हैं, जिनमें सात संवेदनशील हैं और दो स्थानों से कांवड़िए जल भरेंगे। कुशीनगर में 25 प्रमुख मंदिर, नौ संवेदनशील मंदिर और छह जलभराव स्थल चिन्हित किए गए हैं। वहीं महराजगंज में 22 प्रमुख शिव मंदिर, तीन संवेदनशील मंदिर और चार जलभराव स्थल सुरक्षा व्यवस्था के दायरे में हैं।
    Click here to Read more
    Prev Article
    वाराणसी में 5-साल के बच्चे को जलाने की हुई पुष्टि:24 जुलाई को शिक्षिका ने जलाया था नर्सरी के बच्चे का प्राइवेट पार्ट, FIR दर्ज
    Next Article
    यूपी में 41 पीसीएस अफसरों का तबादला:इंद्र नंदन सिंह महोबा के एडीएम, एसडीएम बिंदु लता को एडीएम कानपुर बनाया गया

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment