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    गोरखपुर में नोएडा जैसा हादसा:12 साल के बच्चे की मौत से सामने आई लापरवाही, बेतरतीब तरीके से हो रहे निर्माण कार्य से परेशानी बढ़ी

    6 hours ago

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    नोएडा में खाली प्लॉट में खोदे गए गड्‌ढे में भरे पानी में डूबकर एक इंजीनियर की मौत हो गई थी। कुछ वैसा ही हादसा 18 फरवरी को गोरखपुर में हुआ। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) के अभियंताओं और ठेकेदार की लापरवाही का नतीजा रहा कि एक 12 साल का बच्चा ट्रंच में निकले सरिया का शिकार हो गया। साइकिल चलाते हुए वह खुले ट्रंच में गिरा, पेट में सरिया घुसा। हास्पिटल पहुंचने में 30 मिनट से अधिक समय लगा और उसकी जान चली गई। इस मामले में एक आउटसोर्सिंग कर्मचारी और जेई पर कार्रवाई की गई है, लेकिन उससे ऊपर के अभियंताओं की जिम्मेदारी तय होना बाकी है। इस बीच कमिश्नर ने शहर में हो रहे बेतरतीब निर्माण कार्यों पर निगरानी बढ़ाने को कहा है। दो दिनों में इस बात का प्रमाण मांगा है कि वहां सुरक्षा के मानकों का पालन किया जा रहा है। हालांकि शहर में चल रहे दर्जनों बड़े निर्माण प्रोजेक्ट और सैकड़ों छोटे निर्माण कार्यों में निर्माण के मानकों का पालन होता नजर नहीं आता। कमिश्नर ने आनलाइन बैठक कर दिए निर्देश कमिश्नर अनिल ढींगरा ने शुक्रवार की शाम ऑनलाइन बैठक की। इसमें सभी कार्यदायी संस्थाओं के प्रमुख जुड़े थे। डीएम, जीडीए उपाध्यक्ष और नगर आयुक्त भी बैठक में शामिल रहे। कमिश्नर ने स्पष्ट कहा है कि सड़क, नाला, पिलर या बेसमेंट खुदाई से पहले संबंधित विभागों को स्थानीय प्रशासन और पुलिस थानों को अनिवार्य रूप से सूचना देनी होगी। लोक निर्माण विभाग, सेतु निगम, जल निगम, विद्युत विभाग समेत सभी विभाग निर्माण शुरू करने से पूर्व वैकल्पिक यातायात डायवर्जन प्लान तैयार कर स्थानीय प्रशासन से अनिवार्य तौर पर समन्वय स्थापित करेंगे। कार्यस्थल से कम से कम 50 फीट पहले रिफ्लेक्टर युक्त साइन बोर्ड लगाना होगा, जिन पर ‘कार्य प्रगति पर है’, ‘धीरे चलें’ और ‘डायवर्जन’ जैसे संकेत बड़े और स्पष्ट अक्षरों में अंकित हों। कमिश्नर अनिल ढींगरा ने कहा है कि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। निर्माण स्थलों पर सुरक्षा के उपाय अनिवार्य कमिश्नर ने कहा कि निर्माण स्थलों पर मजबूत बैरिकेडिंग, परावर्तक टेप और खुले गड्ढों के चारों ओर सुरक्षा घेरा अनिवार्य किया जाए। उन्होंने दो दिनों के भीतर नगर निगम और सभी कार्यदायी विभागों के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे नाला एवं निर्माण कार्यों का सर्वे कर प्रमाणपत्र देने का निर्देश दिया है। कोई भी कार्य बिना सुरक्षा मानकों के नहीं हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इसके बाद औचक निरीक्षण कर दावों की पड़ताल की जाएगी। किसी ने झूठा प्रमाण पत्र दिया तो कार्रवाई होगी। विशेष रूप से स्कूलों, अस्पतालों और भीड़भाड़ वाले इलाकों के पास अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है। कमिश्नर ने यह निर्देश दिए हैं… जारी होगा हेल्पलाइन नंबर, मार्ग परिवर्तन की सूचना का होगा प्रचार कमिश्नर ने निर्देश दिए हैं कि हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित किया जाए ताकि कहीं पर भी बिना सुरक्षा मानकों के निर्माण हो रहा हो तो आमजन भी उसकी सूचना दे सकें। उन्होंने सोशल मीडिया और समाचार पत्रों के माध्यम से मार्ग परिवर्तन की जानकारी प्रसारित करने व स्थानीय निवासियों को संभावित जोखिम से अवगत कराने का भी निर्देश दिया।
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