Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    गर्लफ्रेंड के शौक के लिए भाई की हत्या:गोंडा में पैसे नहीं दिए, आंख में मिर्ची पाउडर डाला, चाकू से 17 वार किए

    6 hours ago

    1

    0

    गोंडा में UPSC की तैयारी कर रहे युवक ने अपने बड़े भाई की हत्या कर दी। आरोपी ने गर्लफ्रेंड के शौक पूरे करने के लिए भाई से पैसे मांगे। उसने मना कर दिया। इससे नाराज आरोपी ने भाई की हत्या की साजिश रची। रात में पानी लगाने के बहाने उसे खेत ले गया। मौका देखकर भाई की आंखों में मिर्ची पाउडर डाल दिया। इसके बाद चाकू से ताबड़तोड़ 17 वार करके उसे मौत के घाट उतार दिया। भाई के पास से रुपए लेकर उसे खेत की मेड़ पर दबा दिया। किसी को शक ना हो, इसलिए उसने खुद को भी घायल किया। शोर मचाकर लोगों को लूट और हत्या की झूठी कहानी बताई। गांव के ही कुछ लोगों पर हत्या कर लूट करने का आरोप लगाया। हालांकि, बार-बार बयान बदलने पर पुलिस को उस पर शक हुआ। मोबाइल की लोकेशन के आधार पर पुलिस ने आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की। जिसके बाद उसने अपना जुर्म कबूल किया। घटना 3 फरवरी की देर रात करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र की है। पुलिस ने 11 फरवरी को खुलासा किया है। पहले एक नजर में मामला… दुल्हिन पुरवा गांव में शिव शंकर (32) उर्फ लल्ला दूबे अपने परिवार के साथ रहते थे। परिवार में पिता देवी दयाल, मां सुनीता, और 6 भाई हैं। शिव शंकर खेती किसानी का काम करते थे। उन्होंने 30 भैंसे रखी थी। उन्हीं का दूध बेचने का व्यापार करते थे। पैसों का हिसाब-किताब भी वही देखते थे। शिवशंकर के परिवार में पत्नी नीतू, बेटा सौरभ (11) शिवांश (9) बेटी लक्ष्मी (7) हैं। छोटे भाई अमरनाथ दूबे ने 12वीं और ग्रेजुएशन प्रयागराज से किया। साल 2023 से उसने दिल्ली में रहकर बाजीराम और रवि कोचिंग सेंटर से यूपीएससी की तैयारी शुरू की। इसके बाद अगस्त 2025 से उसने लखनऊ में रहकर तैयारी जारी रखी। अमरनाथ को पढ़ाई के लिए शिव शंकर ही रुपए दिया करते थे। लखनऊ में रहने के दौरान अमरनाथ का किसी लड़की से अफेयर हो गया। घर से पढ़ाई के लिए मिल रहे पैसे उसने प्रेमिका पर खर्च करने शुरू कर दिए। ये बात उसके घरवालों को पता चल गई। पढ़ाई में उसका मन भी नहीं लगता था। सफलता न मिलने पर परिवार वालों ने अमरनाथ को रुपए देने से मना कर दिया। अमरनाथ दूसरी कोचिंग ज्वाइन करने के लिए 1 लाख रुपए मांग रहा था। घर वालों को लगा कि वह रुपए उस लड़की पर खर्च कर देगा। उन्होंने अमरनाथ से कहा कि उस लड़की को छोड़ दो, हम रुपए दे देंगे। अमरनाथ को लगा कि उसका भाई जानबूझकर उसका करियर खराब कर रहा है। वह उससे जलन रखने लगा। उसने भाई की हत्या करने की योजना बनाई। माता-पिता 2 जनवरी को कल्पवास के लिए प्रयागराज गए थे। 3 फरवरी को वह लौटने वाले थे। माता-पिता के लौटने से पहले ही अमरनाथ ने भाई की हत्या कर दी। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की। अमरनाथ के बयान दर्ज कराए गए। वह बार-बार अपने बयान बदल रहा था। पुलिस को अमरनाथ पर शक हुआ। सर्विलांस से पता चला कि घटना वाली जगह पर सिर्फ अमरनाथ और शिव शंकर के ही मोबाइल एक्टिव थे। इससे शक और गहराया। पुलिस ने जब अमरनाथ से कड़ाई से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल किया। अब पढ़िए आरोपी का कबूलनामा… अमरनाथ ने पूछताछ में बताया- पढ़ाई के दौरान मुझे परिवार से सहयोग नहीं मिल रहा था। मैं तनाव में रहने लगा। पैसों का हिसाब-किताब बड़े भाई शिवशंकर दुबे ही देखते थे। मुझे लगा कि वह जानबूझकर मुझे रुपए नहीं दे रहे हैं। वह मेरा भविष्य खराब कर रहे हैं। मुझे अपने भाई से जलन होने लगी। माता-पिता 2 जनवरी को एक महीने के लिए कल्पवास करने प्रयागराज गए थे। 1 जनवरी को मैं लखनऊ से घर आया। घर आने के बाद मुझसे खेती-बाड़ी और पशुओं की देखभाल कराने लगे। मुझे मेरा भविष्य अंधकार में लगने लगा। मुझे पैसों की जरूरत थी। मुझे मालूम था कि भाई के पास अक्सर नकदी रहती है। रुपयों के लिए मैंने भाई को मारने का प्लान बनाया। 27 जनवरी को कस्बा कर्नलगंज बस स्टॉप के पास कटरा रोड पर एक साइकिल से चाकू बेचने वाले से 60 रुपये में चाकू खरीदा। इसके बाद सही मौके की तलाश करने लगा। 31 जनवरी को पड़ोस की भाभी को बैंक ले जाना था। इसी दौरान कर्नलगंज कस्बे में रामतेज बिल्डिंग की दुकान पर 20 रुपए देकर मैंने चाकू की धार तेज कराई। 3 फरवरी की रात मुझे लगा कि भाई के पास ज्यादा पैसे हैं। रात 11 बजे मैं भाई को खेत में पानी लगाने के बहाने घर से ले गया। चाकू को मैंने अपनी जैकेट के अंदर छिपा लिया। रास्ते में सुनसान स्थान पर पहुंचते ही मैंने उनकी आंखों में मिर्ची पाउडर डाल दिया। इसके बाद भाई पर चाकू से 17 वार किए। भाई की मौके पर ही मौत हो गई। इस बीच हम दोनों के बीच हाथापाई भी हुई। मेरे हाथों में भी चोट आई। मैंने भाई की जेब से रुपए निकाल लिए। रुपयों को कुछ दूरी पर एक खेत की मेड़ में मिट्टी में दबा दिया। खून लगा चाकू गेहूं के खेत में फेंक दिया। लोगों को गुमराह करने के लिए मैं चिल्लाते हुए गांव की ओर भागा। मैं चिल्लाता रहा कि भाई को किसी ने मार दिया। इसके बाद मैंने अज्ञात लोगों को खिलाफ हत्या कर लूट करने की बात सभी को बताई। 11 फरवरी को पुलिस ने मामले का खुलासा किया है। अमरनाथ की निशानदेही पर भुलावन यादव के खेत की मेड़ के पास छिपाए गए 31,500 रुपए बरामद किए हैं। नोटों पर खून के धब्बे भी मिले हैं। ---------------- ये खबर भी पढ़ें… पीलीभीत में महिला को बाघ ने मार डाला:घर से 200 मीटर दूर घने जंगल में मिला क्षत-विक्षत शव पीलीभीत में 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला को बाघ ने मार डाला। महिला जंगल में गई हुई थी। तभी झाड़ियों में छिपे बाघ ने हमला कर दिया। जबड़े में गला दबोचकर घने जंगल में लेकर चला गया। परिजनों को सुबह महिला का शव कॉलोनी से महज 200 मीटर दूर जंगल में पड़ा मिला। महिला के पेट और गले का मांस गायब था। गले की हड्‌डी को बाघ ने तोड़ दिया था।पढ़ें पूरी खबर…
    Click here to Read more
    Prev Article
    बलिया में समर्पण दिवस मनाया:पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि मनाई, कहा- शोषण मुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया
    Next Article
    लखनऊ में दोस्त ने युवती का अश्लील वीडियो बनाया:वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेलिंग, धर्म छुपाकर की दोस्ती

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment