Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    हिमाचल CM का श्रीनगर में FTA पर वार:बोले- विदेशी फलों का बढ़ेगा आयात, सेब और स्टोन फ्रूट पर पड़ेगी मार, बागवानों को बड़ा नुकसान

    14 hours ago

    1

    0

    हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने श्रीनगर में प्रेस कॉन्फ्रेंस को कहा कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के किसानों-बागवानों पर गंभीर प्रभाव डालेंगे। उन्होंने कहा कि इन समझौतों के कारण सेब, अखरोट, बादाम और अन्य फलों का आयात विदेशों से बढ़ेगा, जिससे स्थानीय किसानों-बागवानों को अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी नीतियों के प्रतिकूल प्रभाव आने वाले वर्षों में स्पष्ट रूप से दिखाई देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा- ऐसे समझौते देश के किसानों और आम जनता के हित में नहीं हैं। विपक्ष के नेता राहुल गांधी लगातार किसानों और आम जनता की आवाज उठा रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार उन्हें बोलने से रोकने का प्रयास कर रही है। राहुल गांधी की आवाज दबाई नहीं जा सकती। कांग्रेस पार्टी किसानों और बागवानों के साथ मजबूती से खड़ी है तथा उनके अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगी। केंद्र ने अमेरिका और न्यूजीलैंड के सेब पर इम्पोर्ट ड्यूटी 50 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत कर दी है, जबकि यूरोपीय देशों के लिए इसे 20 प्रतिशत किया गया। इस फैसले के बाद भारत के बाजारों में विदेशी सेब की आमद बढ़ने की आशंका है। इससे हिमाचल सहित जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के सेब उद्योग पर संकट गहरा सकता है। हिमाचल में सेब कारोबार 5500 करोड़ रुपए से अधिक का है और ढाई लाख से ज्यादा परिवारों की रोजी-रोटी इस पर निर्भर है। जम्मू-कश्मीर में हिमाचल से भी अधिक सेब उत्पादन होता है। ऐसे में FTA ने घरेलू सेब उत्पादकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। हिमाचल के बागवान बीते माह शिमला में सचिवालय का घेराव भी कर चुके हैं। इसी मसले पर जम्मू कश्मीर सरकार से बातचीत के लिए सीएम सुक्खू आज श्रीनगर पहुंचे और यहां जम्मू कश्मीर सरकार के साथ इस मसले पर लंबी चर्चा की। इसके बाद कांग्रेस नेताओं के साथ भी इम्पोर्ट ड्यूटी, RDG और विशेष राज्यों को स्पेशल ग्रांट देने को लेकर चर्चा की। FTA से क्यों घबराए बागवान? देश में बीते 15 वर्षों के दौरान विदेशों से सेब आयात में काफी वृद्धि हुई है। इसका असर स्थानीय बागवानों पर पड़ा है। प्रधानमंत्री बनने से पहले नरेंद्र मोदी ने हमीरपुर के सुजानपुर में एक रैली के दौरान सेब पर इम्पोर्ट ड्यूटी 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने का वादा किया था। हालांकि, ड्यूटी बढ़ाने के बजाय इसे लगातार कम किया जा रहा है। विरोध की एक और वजह हिमाचल में वर्तमान में प्रति हेक्टेयर 7 से 8 मीट्रिक टन सेब की पैदावार होती है, जबकि न्यूजीलैंड में प्रति हेक्टेयर 60 से 70 मीट्रिक टन उत्पादन होता है। हिमाचल में प्रति किलो सेब तैयार करने की लागत लगभग 27 रुपए आती है। बागवानों को लाभ तभी होता है जब उनका सेब कम से कम 50 से 60 रुपए प्रति किलो बिके। ऐसे में यदि अधिक उत्पादन वाले देशों से कम ड्यूटी पर सेब आयात होता है, तो हिमाचल का सेब बाजार में प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएगा। इससे हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड का सेब उद्योग गंभीर संकट में पड़ सकता है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    वो तस्वीर और डॉक्यूमेंट, जिसकी वजह से पूर्व राजकुमार प्रिंस एंड्रयू हुए अरेस्ट, अय्याशी की ऐसे खुली पोल
    Next Article
    हरियाणा पुलिस और किसानों के बीच झड़प:अंबाला में रिंग रोड से टेंट उखाड़े, कई हिरासत में; नेशनल हाईवे पर हंगामा, दो घंटे बाद सहमति नहीं

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment