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    हेमवती नंदन बहुगुणा के दामाद की अस्थियां हरिद्वार में विसर्जित:उत्तराखंड के 4 कैबिनेट मंत्रियों ने दी श्रद्धांजलि, 4 मई को लखनऊ में हुई थी मौत

    8 hours ago

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    हरिद्वार में सोमवार को भाजपा की वरिष्ठ नेत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री रीता बहुगुणा जोशी के दिवंगत पति पी.सी. जोशी की अस्थियां पूरे वैदिक विधि-विधान के साथ मां गंगा में विसर्जित की गईं। हरकी पैड़ी क्षेत्र स्थित वीआईपी घाट पर हुए इस धार्मिक कार्यक्रम में परिवार के सदस्य, राजनीतिक हस्तियां, संत समाज और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। करीब दो हफ्ते पहले पीसी जोशी का लखनऊ के SGPGI में निधन हुआ था। ब्रेन हैमरेज के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 4 मई की सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली थी। निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर प्रयागराज ले जाया गया था, जहां दारागंज श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। अब परिवार ने उनकी अस्थियों का विसर्जन हरिद्वार में गंगा तट पर किया। अस्थि विसर्जन के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूरे परिवार ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने मां गंगा से पीसी जोशी की आत्मा की शांति और परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की। घाट पर मौजूद कई लोग रीता बहुगुणा जोशी और उनके परिवार को सांत्वना देते नजर आए। तस्वीरें देखिए- बेटे मयंक जोशी ने निभाई अंतिम धार्मिक परंपरा अस्थि विसर्जन की मुख्य धार्मिक प्रक्रिया रीता बहुगुणा जोशी के बेटे मयंक जोशी ने निभाई। वैदिक परंपराओं के अनुसार उन्होंने मां गंगा में अपने पिता की अस्थियां प्रवाहित कीं। इस दौरान परिवार के सदस्य भावुक दिखाई दिए। गंगा किनारे वैदिक मंत्रों और पूजा-अर्चना के बीच दिवंगत आत्मा की शांति के लिए विशेष प्रार्थना की गई। पूरे अनुष्ठान के दौरान घाट पर मौजूद लोग शांत और श्रद्धाभाव से धार्मिक प्रक्रिया को देखते रहे। परिवार की महिलाओं समेत करीबी रिश्तेदारों ने भी गंगा जल अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। अस्थि विसर्जन के दौरान कई बार माहौल भावुक हो गया और परिवारजन एक-दूसरे को संभालते नजर आए। राजनीतिक और धार्मिक जगत की कई हस्तियां पहुंचीं कार्यक्रम में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा भी मौजूद रहे। उन्होंने अपने बहनोई पीसी जोशी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परिवार के साथ समय बिताया। इसके अलावा उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, मदन कौशिक, सुबोध उनियाल और प्रदीप बत्रा समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। विधायक आदेश चौहान और कांग्रेस नेता संजय पालीवाल ने भी घाट पहुंचकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी। राजनीतिक दलों से जुड़े कई नेताओं ने रीता बहुगुणा जोशी से मुलाकात कर संवेदनाएं व्यक्त कीं। संत समाज के प्रतिनिधि भी रहे शामिल अस्थि विसर्जन कार्यक्रम में संत समाज की भी बड़ी भागीदारी देखने को मिली। ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी, महंत ललितानंद, विजय विनय सारस्वत और उज्ज्वल पंडित समेत कई संत और धार्मिक प्रतिनिधि घाट पर पहुंचे। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिवार को सांत्वना दी। राज्य मंत्री जयपाल चौहान और शोभाराम प्रजापति समेत कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। संत समाज के लोगों ने कहा कि पीसी जोशी का जीवन सादगी और पारिवारिक मूल्यों से जुड़ा रहा और वे हमेशा शांत स्वभाव के व्यक्ति के रूप में जाने गए। शिक्षाविद् और इंजीनियर रहे पीसी जोशी पीसी जोशी पेशे से शिक्षाविद् और मैकेनिकल इंजीनियर थे। उन्होंने मॉस्को की पैट्रिस लुमुम्बा यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। राजनीति से दूर रहते हुए भी वे परिवार के लिए मजबूत सहारा माने जाते थे। अपने करियर में वे कई बड़े संस्थानों में वरिष्ठ पदों पर रहे और नैनी स्थित TCL कंपनी से रिटायर हुए थे। परिवार और करीबी लोगों के अनुसार पीसी जोशी बेहद अनुशासित और सरल जीवन जीने वाले व्यक्ति थे। उन्होंने हमेशा रीता बहुगुणा जोशी का साथ दिया और सार्वजनिक जीवन में उनका मनोबल बढ़ाया। राजनीतिक परिवार से जुड़े होने के बावजूद वे खुद हमेशा लो-प्रोफाइल रहे और शिक्षा तथा पारिवारिक जीवन पर ज्यादा ध्यान देते रहे। हेमवती नंदन बहुगुणा के दामाद थे पीसी जोशी हमवती नंदन बहुगुणा देश की राजनीति का बड़ा नाम रहे हैं। वे दो बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और केंद्र सरकार में भी कई अहम मंत्रालय संभाल चुके थे। रीता बहुगुणा जोशी उनकी बेटी हैं, जबकि पीसी जोशी उनके दामाद थे। इसी वजह से पीसी जोशी का परिवार लंबे समय से देश और उत्तराखंड-उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़ा माना जाता रहा है। हेमवती नंदन बहुगुणा ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत विधायक के रूप में की थी। वे उत्तर प्रदेश सरकार में उद्योग, श्रम, वित्त और परिवहन जैसे विभाग संभाल चुके थे। बाद में वे केंद्र सरकार में संचार राज्यमंत्री, पेट्रोलियम मंत्री और वित्त मंत्री भी रहे। कांग्रेस संगठन में भी उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अहम जिम्मेदारियां निभाईं। राजनीतिक गलियारों में उन्हें मजबूत संगठनकर्ता और प्रभावशाली नेता के रूप में पहचाना जाता था। रीता बहुगुणा जोशी ने भी अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया। वे कांग्रेस और बाद में भाजपा में रहते हुए सांसद, मंत्री और कई बड़े पदों पर रहीं।
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