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    HP अफसरों के हत्यारोपी की मार्केट पर चला बुलडोजर:बदायूं में 11 दुकानें ढहाईं, 53 खाली कराई जा रहीं; 100 पुलिसवाले तैनात

    4 hours ago

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    बदायूं में हिंदुस्तान पेट्रोलियम के 2 अफसरों के हत्यारोपी अजय सिंह की मार्केट पर बुलडोजर चल रहा है। अब तक 11 दुकानें ढहा दी गई हैं, जबकि 53 और खाली कराई जा रही हैं। पुलिस और PAC के 100 से ज्यादा जवान तैनात हैं। बैरिकेडिंग कर किसी के आने-जाने पर रोक लगा दी गई है। प्रशासन का कहना है कि मार्केट सरकारी जमीन पर बनाई गई थी। आरोपी ने फर्जी कागजों के जरिए इसे खुद, अपने ताऊ और रिश्तेदारों के नाम करवा लिया था। ज्यादातर दुकानों किराए पर उठी हुई थीं। 1 लाख से ज्यादा किराया हर महीने आता था। 2 दिन पहले नोटिस दिया गया था। आज सुबह 10 बजे SDM धर्मेंद्र सिंह 2 बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंचे और कार्रवाई शुरू हुई। अजय सिंह ने 12 मार्च को HPCL प्लांट में घुसकर DGM सुधीर गुप्ता (55) और असिस्टेंट मैनेजर हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या की थी। वारदात के बाद पुलिस ने आरोपी का हाफ एनकाउंटर किया था। उसके दोनों पैरों में गोली मारी थी। वहीं, दातागंज CO केके तिवारी को भी हटा दिया गया है। बिल्सी में तैनात CO राहुल कुमार अब दातागंज सर्किल की जिम्मेदारी संभालेंगे। बुलडोजर एक्शन की तस्वीरें देखिए- अब डबल मर्डर का घटनाक्रम जानिए… भरी मीटिंग में घुसकर की थी वारदात आरोपी अजय ने पुलिस पूछताछ में बताया था- 12 मार्च को दोपहर 1 बजे मैं HPCL प्लांट गया। उस वक्त प्रशासनिक भवन में मीटिंग चल रही थी। मैं वहां पहुंचा तो 5 लोग बैठे थे। मैंने सभी को बातों में उलझाए रखा कि मुझे नौकरी पर वापस रख लो। इसी बीच असिस्टेंट मैनेजर हर्षित मिश्रा के पीछे पहुंचा और पीठ पर तमंचा सटाकर ट्रिगर दबा दिया। आगे पड़ी मेज पर खून का फव्वारा छूटा, जिसे देखकर लोग डर गए और भागने लगे। मैं DGM सुधीर गुप्ता को दौड़ा लिया। तीन राउंड फायरिंग की, जिनमें से 2 गोलियां सुधीर को लगीं। वह जमीन पर गिर पड़े। पुलिस ने गेट के भीतर लगे CCTV चेक किए तो पता चला कि 1:55 बजे बोलेरो लेकर आरोपी प्लांट के अंदर गया और 1:59 बजे बाहर निकला। यानी उसने सिर्फ 4 मिनट में वारदात को अंजाम दिया। पुलिस की लापरवाही सामने आई, FIR के बाद एक्शन नहीं लिया इस पूरे हत्याकांड में बदायूं पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई। आरोपी अजय सिंह आउटसोर्स कर्मचारी था और प्लांट में पराली की सप्लाई का ठेका लेता था। उसे नौकरी से निकालकर उसकी फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया था। इसके बाद अजय करीब तीन महीने से DGM सुधीर गुप्ता को जान से मारने की धमकी दे रहा था। सुधीर गुप्ता ने 4 फरवरी को मुसाझाग थाने में अजय के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि अजय लगातार धमका रहा है और उनका पीछा करता है। सुधीर गुप्ता इतने डर गए थे कि उन्होंने रिटायरमेंट के 5 साल पहले ही VRS के लिए आवेदन दे दिया था, जो मंजूर हो गया था। 31 मार्च को उनकी नौकरी का आखिरी दिन था। वहीं, हर्षित मिश्रा ने भी अपने ट्रांसफर के लिए आवेदन किया था, लेकिन उससे पहले ही दोनों की हत्या कर दी गई। FIR के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। SSP-CO हटाए गए हत्याकांड के बाद 13 मार्च को SSP डॉ. बृजेश कुमार सिंह और उझानी के CO डॉ. देवेंद्र कुमार पचौरी को हटा दिया गया। SSP को पुलिस मुख्यालय में लॉजिस्टिक विभाग में तैनाती दी गई है। उनकी जगह कासगंज की SP अंकिता शर्मा को जिम्मेदारी दी गई। वहीं, CO को DGP ऑफिस से अटैच किया गया। उनकी जगह CO राहुल पांडेय को उझानी सर्किल की कमान सौंपी गई। आरोपी को दोनों पैरों में मारी गई गोली CO डॉ. देवेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी अजय सिंह ने वारदात में इस्तेमाल हथियार जंगल में छिपा दिया था। 13 मार्च को पुलिस उसे बरामदगी के लिए जंगल ले गई। इसी दौरान उसने झाड़ियों से तमंचा निकालकर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके दोनों पैरों में गोली लग गई। आरोपी ने कबूला-बेइज्जती करते थे, इसलिए मार डाला पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया-अफसर मेरे सम्मान को ठेस पहुंचाते थे। कभी मुझसे मेज साफ करवाते थे, तो कभी लोगों के सामने पानी लाने को कहते थे। बाद में साजिश कर मुझे नौकरी से निकलवा दिया। इलाके में मेरी छवि खराब कर दी। इसलिए दोनों को मार डाला। सुधीर नोएडा, हर्षित पीलीभीत के रहने वाले थे सुधीर गुप्ता के पिता का नाम दयाकिशन है। वे मूल रूप से नोएडा सेक्टर-50 के सिल्वर एस्टेट अपार्टमेंट के रहने वाले थे और फिलहाल बरेली में रह रहे थे। वहीं, हर्षित मिश्रा पीलीभीत के पूरनपुर के निवासी थे। उनकी शादी करीब दो साल पहले हुई थी और उनका कोई बच्चा नहीं था। हर्षित के पिता और पत्नी को मिलेगा शस्त्र लाइसेंस वहीं, पीलीभीत प्रशासन हर्षित के पिता और पत्नी को शस्त्र लाइसेंस देगा। मंगलवार को पूरनपुर के नायब तहसीलदार ने हर्षित के घर पहुंचकर आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी कराई। आज हर्षित मिश्रा के पिता, मां, पत्नी और मामा कड़ी सुरक्षा के बीच बदायूं के लिए रवाना हुए। वहां डीएम-एसपी और अन्य अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। परिजनों का आरोप है कि मामले में लीपापोती की जा रही है। हर्षित की मां रानी मिश्रा ने एक सप्ताह में संतोषजनक कार्रवाई न होने पर पूरे परिवार सहित आत्मदाह की चेतावनी दी है। हर्षित की पत्नी सुमति मिश्रा ने बताया कि घटना के दिन उनके पति बैठक में शामिल नहीं होना चाहते थे, लेकिन अफसरों द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा था। ------------------------------- ये खबर भी पढ़िए बरेली में सास-साले का हत्यारोपी दामाद एनकाउंटर में ढेर:17 घंटे बाद मारा गया, पत्नी से विवाद के बाद भरी पंचायत में की थी वारदात बरेली में सास और साले की हत्या करने वाले आरोपी दामाद अफसर उर्फ बौरा (40) को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया। SSP अनुराग आर्य के मुताबिक, मंगलवार सुबह 6 बजे मुखबिर की सूचना पर आरोपी की घेराबंदी की गई। खुद को घिरा देखकर उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में आरोपी के सीने में 2 गोली लगी। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। मुठभेड़ इज्जतनगर थाना क्षेत्र में हुई। पढ़ें पूरी खबर
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