Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    IIT बॉम्बे टॉपर्स की पहली पसंद:टॉप-500 में से 183 छात्रों ने एडमिशन लिया, कंप्यूटर साइंस पसंदीदा कोर्स; एयरोस्पेस को किसी ने नहीं चुना

    6 hours ago

    1

    0

    IIT-JEE 2026 में भी IIT बॉम्बे टॉपर्स की पहली पसंद रहा। टॉप-100 में 68 और टॉप-500 तक रैंक पाने वाले 183 छात्रों ने IIT बॉम्बे में दाखिला लिया। यह जानकारी IIT-JEE 2026 की ज्वाइंट इंप्लीमेंटेशन कमेटी की रिपोर्ट में सामने आई है। इस बार JEE एडवांस का आयोजन IIT रुड़की ने किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, देश के 23 IIT में पुराने 7 संस्थानों पर छात्रों का भरोसा कायम है। JEE एडवांस में टॉप-5000 रैंक वालों में से 2,460 छात्रों ने इन्हीं संस्थानों में दाखिला लिया। वहीं, टॉप-500 में से किसी छात्र ने इंदौर, मंडी, भुवनेश्वर, जोधपुर, गांधीनगर, पटना, धनबाद, रोपड़ और वाराणसी समेत 15 IIT में एडमिशन नहीं लिया। कंप्यूटर साइंस पहली पसंद, IIT बॉम्बे में 142 ने यही चुनी कोर्स की बात करें तो टॉपर्स की पहली पसंद कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) रही। टॉप-500 में से 365 यानी 73% छात्रों ने अलग-अलग IIT में CSE चुनी। इनमें सबसे ज्यादा 142 छात्रों ने IIT बॉम्बे में कंप्यूटर साइंस ली। इसके मुकाबले सिविल इंजीनियरिंग में टॉप-500 में से सिर्फ 2 यानी 0.4% छात्रों ने दाखिला लिया। टॉप-500 में एयरोस्पेस किसी ने नहीं चुनी टॉप-500 में किसी भी छात्र ने एयरोस्पेस इंजीनियरिंग नहीं चुनी। वहीं, AI एंड डेटा एनालिटिक्स में 17 और सिविल इंजीनियरिंग में सिर्फ 2 छात्रों ने दाखिला लिया। रैंक-1 शुभम कुमार ने चुना IIT दिल्ली रैंक-1 हासिल करने वाले शुभम कुमार समेत टॉप-10 में शामिल 5 छात्रों ने IIT दिल्ली में दाखिला लिया। लड़कियों में टॉप रहीं आरोही देशपांडे ने भी IIT दिल्ली चुना। उनकी रैंक 77 थी। वहीं, मद्रास जोन में दाखिला लेने वाली लड़कियों की संख्या सबसे ज्यादा रही। यहां 4,796 में से 1,260 सीटें लड़कियों को मिलीं। एक्सपर्ट बोले- छात्र बिना रिस्क लिए ट्रेंड अपना रहे प्रो. वी. रामगोपाल, पूर्व निदेशक, IIT दिल्ली और कुलपति, BITS पिलानी समूह के मुताबिक, किसी संस्थान या ब्रांच का ट्रेंड बनने के बाद उसे बदलने में काफी समय लगता है। बॉम्बे, दिल्ली, मद्रास, कानपुर और खड़गपुर जैसे पुराने IIT की फैकल्टी, सुविधाओं और स्तर में कोई कमी नहीं है। टॉपर बॉम्बे में इसलिए भी दाखिला लेना चाहते हैं क्योंकि पिछले साल के टॉपर्स ने भी वहां दाखिला लिया था। उनके मुताबिक, छात्र रिस्क नहीं लेना चाहते। उन्हें लगता है कि पहले के टॉपर ने सोच-समझकर ही किसी संस्थान को चुना होगा। टॉप-7 IIT में यह ट्रेंड समय के साथ बदलता रहा है। कभी खड़गपुर और कानपुर के लिए ऐसा ट्रेंड था, फिर दिल्ली के लिए बना। CSE जैसी ब्रांच में टॉप-1000 रैंक वालों को सीट नहीं मिलती तो वे BITS को पसंद करते हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक, सिविल, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल जैसे कोर कोर्स में कम दिलचस्पी की एक वजह शुरुआती सैलरी पैकेज भी है। CSE का औसत पैकेज 30 लाख रुपए बताया गया है, जबकि सिविल में यह इसके आधे से भी कम है। हालांकि, अनुभव बढ़ने के साथ दोनों ट्रेड में करिअर बराबर हो जाता है। इस बार JEE एडवांस कितनी मुश्किल था? ------------------------------------ यह खबर भी पढ़ें… NCERT की 9वीं की किताब से रूसी, फ्रांसीसी क्रांति गायब: 7वीं सदी का भारत, रानी अब्‍बक्‍का जुड़े NCERT ने क्लास 9 की सोशल साइंस की नई किताब अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड-पार्ट 2’ मंगलवार को जारी की। नई किताब में पहले के कई सारे चैप्टर हटा दिए गए हैं और भारतीय शासकों के संघर्ष और रानियों की वीर गाथा को शामिल किया गया है। साथ ही किताब में दावा किया गया है कि धार्मिक वजहों से भारत ने 7वीं सदी से हमलों का सामना किया है। पूरी खबर पढ़ें…
    Click here to Read more
    Prev Article
    गुवाहाटी के नाइटक्लब में महिला से बदसलूकी, कपड़े उतारकर पीटा:बाउंसरों पर आरोप, वीडियो में दो महिलाएं लात मारती दिखीं; मैनेजर हिरासत में
    Next Article
    भास्कर अपडेट्स:IIT बॉम्बे सुसाइड केस में प्रोफेसर डुल्ला से 8 घंटे पूछताछ, बयान दर्ज; डायरेक्टर केदारे को भी बुला सकती है क्राइम ब्रांच

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment