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    इमरान मसूद बोले-पीएम मोदी भी इंसान हैं...भूल हो सकती है:सहारनपुर में बोटी-बोटी बयान के बाद दिखा सॉफ्टकॉर्नर, कहा-छोटी बातों को मुद्दा नहीं बनाना चाहिए

    8 hours ago

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    सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर अपने बयान के कारण चर्चा में हैं। हालांकि इस बार वजह उनका कोई तीखा राजनीतिक हमला नहीं, बल्कि पीएम मोदी के प्रति दिखाई दिया अपेक्षाकृत नरम रुख है। खास बात यह है कि इमरान मसूद वही नेता हैं, जिनका 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान नरेंद्र मोदी को लेकर दिया गया ‘बोटी-बोटी’ वाला बयान राष्ट्रीय स्तर पर विवाद का विषय बना था। हालिया बयान में इमरान मसूद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े 15 अगस्त के वायरल वीडियो में तिरंगे को कथित तौर पर उल्टा दिखाए जाने के सवाल पर इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री भी इंसान हैं और उनसे भी भूल हो सकती है। हर गलती जानबूझकर नहीं की जाती, इसलिए छोटी-छोटी बातों को राजनीतिक विवाद का मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। बोटी-बोटी बयान के बाद बदला नजरिया? इमरान मसूद की राजनीति में 2014 का बोटी-बोटी बयान लंबे समय तक उनकी पहचान से जुड़ा रहा। लोकसभा चुनाव के दौरान दिए गए इस बयान पर भारी विवाद हुआ था। उनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ और मामला अदालत तक पहुंचा। बाद में उन्होंने अपने बयान पर माफी भी मांगी। अक्टूबर 2024 में विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में इस मामले में उनके खिलाफ आरोप तय किए गए थे। ऐसे में अब प्रधानमंत्री से जुड़े विवादित वीडियो को लेकर उनका नरम बयान राजनीतिक तौर पर खासा अहम माना जा रहा है। इमरान मसूद का कहना है कि राजनीतिक विरोध बड़े मुद्दों और नीतियों को लेकर होना चाहिए। किसी छोटी घटना या मानवीय भूल को लेकर विवाद खड़ा करना उचित नहीं है। वंदे मातरम् पर भी साफ किया रुख वंदे मातरम् को लेकर चल रही बहस पर इमरान मसूद ने कहा कि राष्ट्रगीत का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भी वंदे मातरम् का सम्मान करती है और इसके गायन के दौरान किसी तरह का व्यवधान नहीं होना चाहिए। हालांकि, उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता का हवाला देते हुए कहा कि हर व्यक्ति की आस्था और उपासना का तरीका अलग हो सकता है। दूसरे व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं और पूजा-पद्धति का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने सामाजिक सौहार्द को अपनी प्राथमिकता बताया। जाति-धर्म नहीं, बच्चों का भविष्य खतरे में बाबा रामदेव के जाति-धर्म खतरे में नहीं, बच्चों का भविष्य खतरे में है, वाले बयान पर भी इमरान मसूद ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि देश में असली चिंता बच्चों की शिक्षा और रोजगार को लेकर होनी चाहिए। उन्होंने बेरोजगारी, महंगी शिक्षा और युवाओं को रोजगार नहीं मिलने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि माता-पिता बच्चों की पढ़ाई के लिए कर्ज तक लेते हैं। पढ़ाई पूरी होने के बाद रोजगार नहीं मिलने पर परिवार आर्थिक दबाव में आ जाता है। उनके मुताबिक शिक्षा और रोजगार युवाओं से जुड़े सबसे बड़े मुद्दों में शामिल हैं। जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर सरकार पर निशाना प्रधानमंत्री मोदी के प्रति नरम रुख के बावजूद इमरान मसूद ने सरकार की नीतियों को लेकर अपने तेवर बरकरार रखे। मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के मामले पर उन्होंने कहा कि किसी शिक्षण संस्थान को तबाह करना समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसी संस्थान को लेकर नियमों से जुड़ी कोई समस्या है तो उसे नियमों के तहत ठीक करने का रास्ता तलाशना चाहिए। किसी शिक्षण संस्थान की कार्रवाई का असर वहां पढ़ने वाले छात्रों के भविष्य पर नहीं पड़ना चाहिए। आजम खान के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भी मसूद ने सवाल उठाए और इसे राजनीतिक बदले की भावना से जोड़कर देखने की जरूरत बताई। खाताखेड़ी रोड को लेकर जताई चिंता सहारनपुर के खाताखेड़ी क्षेत्र की खराब सड़क को लेकर भी सांसद ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह इलाका सहारनपुर के काष्ठ नक्काशी उद्योग की पहचान से जुड़ा है और सड़क की खराब हालत शहर की छवि को प्रभावित कर रही है। मसूद के मुताबिक सड़क निर्माण के लिए वह करीब दो साल से प्रयास कर रहे हैं। पहले विकास प्राधिकरण का टेंडर निरस्त हुआ और बाद में स्मार्ट सिटी योजना के तहत भी काम आगे नहीं बढ़ सका। अब इसे सीएम ग्रिड योजना में भेजे जाने की बात सामने आई है। तब तक उपलब्ध संसाधनों से सड़क की स्थिति सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं। सहारनपुर में हो सकती है छात्रों की गूंज राहुल गांधी के छात्रों से जुड़े अभियान छात्रों की गूंज को सहारनपुर में आयोजित किए जाने के सवाल पर इमरान मसूद ने कहा कि यह अभियान कुछ शहरों तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा, रोजगार और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर देशभर में आवाज उठाई जाएगी और सहारनपुर में भी कार्यक्रम आयोजित किए जाने की संभावना है।
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