Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    जांच रिपोर्ट-सरकारी जमीन पर बना रखी थी मेयर ने बाउंड्री:CM के ड्रीम प्रोजेक्ट में आड़े आने पर चला था बुलडोजर;मेयर ने प्रशासन पर लगाए थे आरोप

    2 hours ago

    1

    0

    मुरादाबाद में 6 दिन पहले जिस जमीन पर जिला प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर मेयर विनोद अग्रवाल की बाउंड्री ध्वस्त की थी, वो जमीन की मेयर नहीं बल्कि सरकार की थी। डीएम के निर्देश पर दोबारा से कराई गई पैमाइश में जमीन के मालिकाना हक की स्थिति स्पष्ट हो गई है। सूत्रों का कहना है कि डीएम ने इस बाबत एक रिपोर्ट कमिश्नर को सौंपने के साथ-साथ शासन को भी भेज दी है। बता दें कि महापौर विनोद अग्रवाल ने जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत शासन तक की थी। इसके बाद प्रशासन की ओर से शासन को पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट भेजे जाने की बात सामने आई है। सूत्र बताते हैं कि प्रशासनिक रिपोर्ट में स्थिति स्पष्ट होने के बाद मेयर अब मामले को बातचीत से सुलझाने पर जोर दे रहे हैं। पहले मेयर ने आरोप लगाए थे कि प्रशासन उनके पॉलिटिकल करियर को खत्म करने के लिए उनकी छवि को खराब कर रहा है। मेयर ने अपर मुख्य सचिव के साथ-साथ कमिश्नर और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष को भी शिकायती पत्र भेजे थे। लेकिन पैमाइश में स्थिति स्पष्ट होने के बाद मेयर बैकफुट पर हैं। इससे पहले अपनी बाउंड्री पर बुलडोजर चलने से आगबबूला हुए मेयर ने कहा थ कि प्रशासन उनकी बाउंड्री उसी जगह पर बनाकर दे या फिर उन्हें मुआवजा दे। यहां तक कि मेयर ने सरकार की बुलडोजर नीति पर सवाल उठाते हुए अधिकारियों को बुलडोजर एक्शन के संबंध में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी की गई गाइडलाइंस की भी याद दिलाई थी। 12 मार्च को प्रशासन ने ध्वस्त करा दी थी मेयर की बाउंड्री मुरादाबाद में नेशनल हाईवे बाईपास पर पुराने टोल प्लाजा के पास धीमरी गांव के रकबे में मेयर ने करीब 10 बीघा जमीन की बाउंड्री करा रखी थी। बीच में 12 मीटर चौड़ी चमचमाती सड़क थी। दूसरी साइड में करीब इतनी ही जमीन पर भाजपा नेता ऋषिपाल चौधरी के भाई अमित चौधरी ने बाउंड्री करा रखी थी। प्रशासन ने यह जमीन ‘सीएम मॉडल कंपोजिट स्कूल’ के लिए रिजर्व कर रखी थी। प्रशासन के मुताबिक यह जमीन सरकारी है और इस पर सीएम कंपोजिट स्कूल बनाया जाना है। जिसे बनाने का कांट्रेक्ट यूपीपीसीएल (उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉर्पोरेशन लिमिटेड ) को दिया गया है। यूपीपीसीएल के प्रोजेक्ट मैनेजर जब मौके पर पहुंचे तो स्कूल के लिए चिन्हित की गई जमीन पर बाउंड्री बनी हुई थी। इसकी सूचना उन्होंने जिला प्रशासन को दी। इसके बाद एसडीएम सदर डॉ. राम मोहन मीणा के निर्देश पर एक टीम मौके पर पहुंची और सरकारी जमीन पर बनी बाउंड्री को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई में भाजपा के मेयर विनोद अग्रवाल और भाजपा नेता अमित चौधरी की बाउंड्री भी ध्वस्त कर दी गई। इसके बाद मेयर आग बबूला हो गए थे। उन्होंने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए अफसरों पर कार्रवाई की मांग की थी। मेयर ने कहा था-मैंने दस साल पहले खरीदी थी जमीन प्रशाासन के बुलडोजर एक्शन के बाद मेयर विनोद अग्रवाल ने अपनी सफाई में कहा था कि, उन्होंने यह जमीन 10 साल पहले चांद बाबू नाम के व्यक्ति से खरीदी थी। जमीन में उनके पार्टनर संजय रस्तोगी भी साझीदार थे। बाद में संजय रस्तोगी ने जमीन का अपना हिस्सा आगे अमित चौधरी को बेच दिया था। चांद बाबू इन दिनों आजाद समाज पार्टी में हैं और कुंदरकी उपचुनाव भी लड़ चुके हैं। चांद बाबू का नाम विवादित जमीनों के सौदों में उछलता रहा है। मेयर के हंगामा करने पर अगले दिन डीएम खुद मौके पर पहुंचे मेयर विनोद अग्रवाल ने बाउंड्री तोड़े जाने पर हंगामा किया तो अगले ही दिन डीएम अनुज कुमार सिंह खुद मौके पर पहुंचे। 13 मार्च को सुबह करीब 8 बजे डीएम अपने साथ दो एसडीएम और दो तहसीलों की टीम को लेकर मौके पर पहुंचे थे। मेयर विनोद अग्रवाल भी इस दौरान पैमाइश के लिए अपनी एक प्राइवेट टीम लेकर साथ में मौजूद रहे। डीएम द्वारा गठित टीम ने पूरे तीन दिन तक मौके पर पैमाइश की। इसके बाद रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। हालांकि, इस मामले में डीएम अनुज सिंह कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। रिपोर्ट की बाबत उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी है। हालांकि सूत्र बताते हैं कि टीम की पैमाइश रिपोर्ट में यह साफ हो चुका है कि जिस जमीन पर मेयर और भाजपा नेता अमित चौधरी ने बाउंड्री बना रखी थी वह जमीन मेयर और भाजपा नेता की नहीं है। बल्कि यह पूरी जमीन सरकारी है। महापौर ने बुलडोजर एक्शन पर उठाए थे सवाल, बोले-इन अफसरों पर ट्रस्ट नहीं ‘मैं 15 साल से मेयर, मेरी बाउंड्री पर बुलडोजर चला दिया’ मेयर विनोद अग्रवाल ने अपर मुख्य सचिव को भेजे पत्र में लिखा है- ‘मैं पिछले करीब 15 वर्षों से मुरादाबाद नगर निगम के महापौर पद पर पदस्थ हूं। मैंने धीमरी गांव में करीब साढ़े नौ बीघा भूमि 12 जुलाई 2017 को क्रय की थी। इसके बाद सदर तहसील में राजस्व अभिलेखों में अपना नाम दर्ज करा लिया और भूमि पर दाखिल व काबिज हो गया। इसके बाद मैंने उक्त भूमि की बाउंड्रीवॉल बना ली। 12 मार्च को उपजिलाधिकारी (सदर) मुरादाबाद राममोहन मीणा (आईएएस) ने मुझे कोई नोटिस दिए बगैर प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत सुनवाई का अवसर दिए बिना मेरी उक्त भूमि पर बनी करीब 55 मीटर की बाउंड्रीवॉल को ध्वस्त कर दिया गया। जिससे मेरा करीब 75 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। मेरे साथ ही भाजपा नेता अमित चौधरी की भूमि भी मेरी भूमि के पास ही है। उनकी भी बाउंड्रीवॉल को अवैध रूप से बिनना विधिक प्रक्रिया को पूर्ण किए ध्वस्त कर दिया गया।’ मुरादाबाद के अफसरों पर यकीन नहीं, दूसरे जिले से कराएं पैमाइश मेयर ने अपने शिकायती पत्र में कहा है- आईएएस राममोहन मीणा का कृत्य माननीय सर्वोच्च न्यायालय की ओर से अवैध बुलडोजर कार्रवाई के संबंध में दिए गए आज्ञापक दिशा-निर्देशों का भी उल्लंघन है। सर्वोच्च न्यायालय का आदेश उत्तर प्रदेश शासन ने अनुपालन के लिए सभी जिलाधिकारियों को प्रेषित किया है। अतिक्रमण हटाने के लिए न्यूनतम 15 दिन का नोटिस देना अनिवार्य है। इस नोटिस की प्रति जिलाधिकारी की ओर से इस कार्य के लिए बनाई गई ई-मेल आईडी पर भेजने के भी निर्देश हैं। ACS संजय प्रसाद को भेजे खत में मेयर विनोद अग्रवाल आगे लिखते हैं- श्रीमान जी मेरी भूमि की पैमाइश किसी अन्य जिले के उपजिलाधिकारी द्वारा कराई जाए ताकि जांच निष्पक्ष एवं सही हो सके। मुझे मुरादाबाद सदर के एसडीएम व लेखपाल के कार्यों पर संदेह है और इनसे उचित न्याय की अपेक्षा नहीं है। कृपया विषय की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्यवाही करने की कृपा करें। इनके द्वारा महानगर के निर्वाचित प्रथम नागरिक महापौर की छवि को धूमिल करने की नियत से ये गलत कृत्य किया गया है। आगे भी गलत करने का प्रयास कर रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष से गुहार-मेरे सम्मान की रक्षा करें अपर मुख्य सचिव और कमिश्नर मुरादाबाद को पत्र भेजने के साथ ही मेयर विनोद अग्रवाल ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी को भी एक चिट्‌ठी भेजी है। इसमें खुद को 40 साल पुराना भाजपा व संघ का कार्यकर्ता बताते हुए मेयर ने खुद को एक कार्यकर्ता बताते हुए सम्मान की रक्षा की गुहार लगाई है। मेयर ने आरोप लगाया है कि प्रशासन उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहा है। यही हाल रहा तो किस मुंह से विधानसभा चुनाव 2027 में वोट मांगने निकलेंगे। पब्लिक नाली-खड़ंजें को तरसी, नेताओं की खाली जमीन तक बनी चमचमाती सड़क शहर में कई हिस्सों में लोग नाली-खड़ंजे को भी तरसे हैं। लाइनपार की बड़ी आबादी मामूली बारिश में भी जलभराव झेलने को मजबूर है। लेकिन दूसरी ओर सत्ताधारी दल के नेताओं की जंगल में खाली पड़ी जमीन तक भी 12 मीटर चौड़ी चमचमाती सड़क बना दी गई। जबकि यहां अभी दूर तक कोई नहीं रहता है। सरकारी खजाने से यहां चमचमाती सड़क तैयार कर दी गई। मेयर विनोद अग्रवाल का कहना है कि सड़क जिला पंचायत ने बनवाई थी। लेकिन जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ.शैफाली सिंह चौहान ने दैनिक भास्कर से कहा कि उन्होंने पिछले 10 साल का रिकॉर्ड चेक करा लिया है। यह सड़क जिला पंचायत द्वारा नहीं बनवाई गई है। ऐसे में सड़क या तो नगर निगम की ओर से बनाई गई है या फिर मुरादाबाद विकास प्राधिकरण ने इसे बनवाया है। मामले में नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल से जब पूछा गया कि क्या यह सड़क नगर निगम द्वारा बनवाई गई है तो उन्होंने कोई उत्तर नहीं दिया।
    Click here to Read more
    Prev Article
    पीलीभीत में कार्यक्रम के दौरान पिस्टल से हर्ष फायरिंग, VIDEO:पुलिस वीडियो के जांच में जुटी, युवक बेखौफ होकर कर रहा फायरिंग
    Next Article
    गोंडा में जमीन पैमाइश के दौरान लेखपाल से मारपीट:ग्राम समाज की जमीन पर, कट्टा दिखाकर खसरा फाड़ने का आरोप, 9 पर केस

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment