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    जालौन में विश्व पर्यावरण दिवस पर महाअभियान:10.37 लाख से अधिक पौधे रोपे, एक पेड़-मां के नाम' बना जन आंदोलन

    2 hours ago

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    विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जालौन में पर्यावरण संरक्षण को लेकर व्यापक जनभागीदारी देखने को मिली। प्रधानमंत्री की प्रेरणा और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में संचालित ‘एक पेड़-माँ के नाम’ अभियान के तहत पूरे जनपद में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। विकास खंड डकोर के ग्राम मोहम्मदाबाद में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक पौधरोपण कर हरियाली बढ़ाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष उर्विजा दीक्षित सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा अधिकाधिक वृक्षारोपण और उनके संरक्षण का आह्वान किया। सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण संतुलन का माध्यम नहीं, बल्कि मानव जीवन का आधार हैं। उन्होंने कहा कि ‘एक पेड़-माँ के नाम’ अभियान मातृ सम्मान और प्रकृति संरक्षण का अनूठा संगम है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी मां के नाम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा। कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को केवल एक दिवस तक सीमित नहीं रखा जा सकता, बल्कि इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने कहा कि बढ़ते तापमान और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपाय है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस पर जनपद के सभी विकास खंडों, नगर निकायों और ग्राम पंचायतों में व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। अमृत सरोवरों, तालाबों, गौशालाओं, सड़कों, नदियों और नहरों के किनारे सहित विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर 10 लाख 37 हजार से अधिक पौधों का रोपण किया गया। अभियान के दौरान स्थानीय, पारंपरिक और फलदार प्रजातियों को प्राथमिकता दी गई, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था और जैव विविधता को भी मजबूती मिल सके। उन्होंने बताया कि इस महाअभियान में विद्यालयों, महाविद्यालयों, स्वयं सहायता समूहों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम प्रधानों और स्थानीय कर्मियों के सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। साथ ही पौधों के संरक्षण और संवर्धन के लिए संबंधित विभागों को नियमित देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह महाअभियान जनपद में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। इसके माध्यम से लोगों को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने और हरित भविष्य के निर्माण का संदेश दिया गया।
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