Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    जस्टिस करोल बोले- जज भगवान नहीं, हर फैसला सही नहीं:कहा- न्याय के लिए विनम्रता जरूरी, याचिकाकर्ता के पीछे खड़े इंसान को भी देखें

    1 hour ago

    1

    0

    सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजय करोल ने शनिवार को अपने विदाई भाषण में कहा कि जज भगवान नहीं होते। उनसे हर फैसला पूरी तरह सही होने की उम्मीद नहीं की जा सकती। जस्टिस करोल ने कहा, “हम जज कोई भगवान नहीं हैं। हम हर फैसला सही नहीं कर सकते। न्याय करने के लिए विनम्रता जरूरी है। जजों को हर मुकदमे में केवल याचिकाकर्ता नहीं, बल्कि उसके पीछे खड़े इंसान को भी देखना चाहिए।" जस्टिस करोल ने कहा कि संविधान जजों से केवल कानून को सही तरीके से लागू करने की उम्मीद नहीं करता। वह कानून को न्यायपूर्ण तरीके से लागू करने की भी मांग करता है। धर्म का मतलब अनुष्ठान नहीं, कर्तव्य बताया जस्टिस करोल ने संवैधानिकता और न्याय के अर्थ पर बात करते हुए कहा कि कानून, उचित प्रक्रिया और संवैधानिक वैधता जैसे विचारों को समझने का सबसे आसान तरीका धर्म है। उन्होंने साफ किया कि यहां धर्म का अर्थ किसी अनुष्ठान से नहीं, बल्कि कर्तव्य से है। उन्होंने कहा कि जज का कर्तव्य न्याय का सम्मान करना और यह सुनिश्चित करना है कि अदालत के सामने खड़ा हर व्यक्ति, चाहे वह कितना भी छोटा या कमजोर क्यों न हो, देखा और सुना जाए। चार दशक की कानूनी यात्रा को याद किया जस्टिस करोल ने अपनी चार दशक लंबी कानूनी यात्रा को याद करते हुए कहा कि अदालत उनके लिए कभी सिर्फ काम करने की जगह नहीं रही। कोर्ट रूम ने उन्हें हमेशा सहारा दिया और उनके जीवन में उनसे कहीं बड़ी और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि उन्होंने अदालतों में करीब 40 साल बिताए। शुरुआत में वह वकील के तौर पर अदालत के सामने पेश होते थे और पिछले 19 वर्षों से जज के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे थे।
    Click here to Read more
    Prev Article
    भास्कर अपडेट्स:हैदराबाद में बन रही बिल्डिंग ढही, दो लोगों की मौत, कुछ घायल
    Next Article
    एक संसद सत्र में बिल लाने-पास कराने का ट्रेंड बढ़ा:रिपोर्ट- मानसून सत्र में 7 बिल बिना चर्चा 5 मिनट में ही पास

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment