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    कोलकाता हाईकोर्ट बोला-TMC का ममता गुट बैंक-अकाउंट इस्तेमाल न करे:इनमें ₹804 करोड़, पहले कोर्ट ने रोजमर्रा के खर्च पूरे करने की अनुमति दी थी

    3 hours ago

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    ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC गुट को पार्टी के चार बैंक खाते चलाने की अंतरिम अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इन खातों में करीब ₹804 करोड़ जमा हैं और पुलिस ने इनसे निकासी पर रोक लगा रखी है। कोलकाता हाई कोर्ट ने गुरुवार को इसी मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि ऐसी राहत देने से उसके पहले के आदेश का असर खत्म हो जाएगा। उस आदेश में राजनीतिक दल के रोजमर्रा के खर्च पूरे करने की अनुमति दी गई थी। मामले की अगली सुनवाई दुर्गा पूजा की छुट्टियों के बाद होगी। कोर्ट ने इससे पहले दोनों पक्षों को अपना-अपना पक्ष बताते हुए हलफनामे दाखिल करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा- पहले का आदेश गलत कोलकाता हाईकोर्ट के जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने कहा कि चार खातों को चलाने की आगे अनुमति देने का आदेश उनके पहले के आदेश को “गलत” साबित कर देगा। TMC ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में मौजूद चार खातों को चलाने की अनुमति मांगी थी। पार्टी ने दावा किया था कि इन खातों पर रोक लगाने से जुड़ी FIR में कई कमियां हैं। पश्चिम बंगाल सरकार ने कहा कि आपराधिक मुकदमे में कानून के मुताबिक कदम उठाए गए हैं और पुलिस को जांच जारी रखने की अनुमति दी जानी चाहिए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस भट्टाचार्य ने कहा कि 9 जुलाई के आदेश में राजनीतिक दल के रोजमर्रा के खर्च पूरे करने के लिए पहले ही व्यवस्था की जा चुकी है। इसलिए इस स्तर पर चार खातों के बारे में अलग आदेश की जरूरत नहीं है। दो TMC गुटों के दावे पर चुनाव आयोग का फैसला बाकी कोर्ट ने कहा कि खातों को किस गुट को दिया जाना है, इस पर पहले चुनाव आयोग को फैसला करना चाहिए। TMC में एक गुट ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला है, जबकि दूसरा पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाला है। बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर क्राइम थाने की जांच रिपोर्ट भी कोर्ट के सामने रखी गई। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC गुट ने 7 जुलाई को पुलिस साइबर सेल की ओर से चार बैंक खाते फ्रीज किए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया था। TMC की तरफ से कोर्ट में मेनका गुरुस्वामी ने कहा कि 9 जुलाई के आदेश के तहत करीब 200 कर्मचारियों की सैलरी और पार्टी के कुछ कार्यालयों का किराया दिया जा रहा है। पहले बागी गुट की शिकायत पर खाते फ्रीज किए थे 18 जून को बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि TMC के एक निजी बैंक में मौजूद तीन खाते अपराध की कमाई रखने के लिए इस्तेमाल किए गए हैं। FIR दर्ज होने के अगले ही दिन इन खातों से डेबिट लेनदेन पर रोक लगा दी गई। यह शिकायत TMC के बागी गुट के नेताओं, विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा की ओर से की गई थी। यही शिकायत बैंक खातों के फ्रीज होने का आधार बनी। ED ने भी 440 करोड़ रुपए फ्रीज किए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पार्टी के तीन बैंक खातों में जमा करीब 440 करोड़ रुपए फ्रीज किए हैं। जांच चार्टर्ड प्लेन और निजी जेट किराए पर लेने में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी बताई गई है। -------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… TMC सांसदों की अयोग्यता पर समयसीमा में फैसला लें स्पीकर:सुप्रीम कोर्ट ने 20 बागी सांसदों को नोटिस जारी किया सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को TMC के 20 सांसदों की अयोग्यता पर कार्यवाही तय समयसीमा में करने की बात कही। कोर्ट ने साफ किया कि असली मुद्दा नोटिस जारी करने की औपचारिकता नहीं, बल्कि कार्यवाही पूरी करना है। कोर्ट ने 20 बागी सांसदों को नोटिस जारी किया। पूरी खबर पढ़ें…
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