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    कलेक्ट्रेट में गांधी-शास्त्री जयंती पर गूंजा ‘रघुपति राघव राजा राम’:डीएम ने दिलाया सत्य, अहिंसा और सादगी के आदर्शों पर चलने का संकल्प

    23 hours ago

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    जालौन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर गुरुवार को जालौन में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। उरई स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में गांधी जयंती और शास्त्री जयंती श्रद्धा एवं गरिमापूर्ण वातावरण में मनाई गई। जिलाधिकारी समीर ने सुबह 9 बजे तिरंगा फहराया। इसके बाद महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने ‘रघुपति राघव राजा राम’ भजन प्रस्तुत किया। भजन से परिसर का वातावरण देशभक्ति और गांधीवादी विचारों से ओतप्रोत हो गया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने दोनों महान विभूतियों के जीवन, संघर्ष, त्याग और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया। डीएम बोले- गांधी जी के आदर्शों को आचरण में उतारें जिलाधिकारी समीर ने महात्मा गांधी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 2 अक्टूबर देश के इतिहास में विशेष महत्व रखता है। इसी दिन भारत के दो महान सपूतों का जन्म हुआ था। महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा और सत्याग्रह के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी और देशवासियों को एकजुट किया। उन्होंने कहा कि गांधी जी के त्याग, संघर्ष और विचारों ने देशवासियों में स्वतंत्रता की भावना को मजबूत किया। आजादी के बाद भी उनके विचार सामाजिक और नैतिक जीवन को दिशा देते रहे हैं। गांधी जी के आदर्शों को दैनिक जीवन में अपनाकर समाज में भाईचारा, सद्भाव और शांति को मजबूत किया जा सकता है। शास्त्री जी की सादगी और ‘जय जवान, जय किसान’ को किया याद पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि देते हुए डीएम ने उनकी सादगी, विनम्रता, ईमानदारी और देश के प्रति समर्पण को याद किया। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी का जीवन त्याग और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल है। भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान उनके दिए ‘जय जवान, जय किसान’ के नारे ने देश की सुरक्षा और कृषि के महत्व को रेखांकित किया। डीएम ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री महात्मा गांधी के विचारों और आदर्शों से प्रभावित थे। उनका जीवन सादगी, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है। गांधी जी का सत्य और अहिंसा का संदेश तथा शास्त्री जी की सादगी और कर्तव्यनिष्ठा आज भी समाज के लिए प्रासंगिक है। अधिकारियों-कर्मचारियों ने लिया देशहित में काम करने का संकल्प जिलाधिकारी ने कहा कि देश को अंग्रेजी शासन से स्वतंत्र कराने के लिए अनेक स्वतंत्रता सेनानियों ने अपना जीवन समर्पित किया। महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा को आंदोलन का माध्यम बनाकर देशवासियों को एकजुट किया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से गांधी जी के आदर्शों को केवल स्मरण करने तक सीमित न रखने, बल्कि उन्हें अपने आचरण और कार्यशैली में उतारने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के बताए मार्ग पर चलने तथा देशहित में पूरी निष्ठा से कार्य करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राजीव राज समेत कलेक्ट्रेट परिसर के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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