Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    कन्फर्म! BRICS के लिए भारत आ रहे चीनी राष्ट्रपति, पहले दिन ही मोदी-जिनपिंग की होगी बैठक

    39 minutes from now

    1

    0

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार को द्विपक्षीय बैठक करेंगे। चीन का विदेश मंत्रालय जल्द ही इस बारे में कोई घोषणा कर सकता है। सालों से भारत-चीन संबंधों में एक विरोधाभास रहा है। जहाँ इन दोनों एशियाई ताकतों को एक-दूसरे की ज़रूरत है, वहीं आपसी भरोसा सीमित ही रहा है। नई दिल्ली में होने वाला ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन मोदी और शी को यह परखने का मौका दे सकता है कि क्या उनके रिश्ते 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद आई थोड़ी-बहुत नरमी से आगे बढ़ सकते हैं। भारत 12 और 13 सितंबर को भारत मंडपम में ब्रिक्स समिट 2026 की मेज़बानी करने की तैयारी कर रहा है, जिसके लिए राष्ट्रीय राजधानी को पोस्टरों और रोशनी वाली सजावटों से सजाया गया है।इसे भी पढ़ें: Indian Railway की बदली तस्वीर, PM Modi के ₹10,783 करोड़ के निवेश से Coal और Steel सेक्टर की रफ़्तार होगी दोगुनीप्रधानमंत्री मोदी इस अहम समिट की मेज़बानी करेंगे। इसमें सदस्य देशों, सहयोगी देशों और विशेष रूप से आमंत्रित देशों के राष्ट्राध्यक्ष, विदेशी प्रतिनिधि, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख और अन्य महत्वपूर्ण हस्तियां शामिल होंगी। शुरुआत में ब्रिक (BRIC) के तौर पर बने इस समूह में ब्राज़ील, रूस, भारत और चीन शामिल थे, और तब से इसमें काफ़ी बदलाव और विस्तार हुआ है। इन चार देशों ने 2006 में न्यूयॉर्क में UN जनरल असेंबली के दौरान अपने विदेश मंत्रियों की पहली बैठक की थी, जिसके बाद 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में पहला ब्रिक समिट आयोजित हुआ था। 2011 में दक्षिण अफ्रीका के शामिल होने के बाद यह समूह BRICS बन गया और बाद में इसका बड़े पैमाने पर विस्तार हुआ; जनवरी 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और UAE को पूर्ण सदस्य के तौर पर शामिल किया गया, और इसके बाद जनवरी 2025 में इंडोनेशिया भी इसमें शामिल हुआ।इसे भी पढ़ें: PM Narendra Modi के 25 साल पूरे होने पर BJP चलाएगी सेवा संकल्प अभियानआज, 11 पूर्ण सदस्य देशों और कई सहयोगी देशों के साथ, इस गठबंधन का दुनिया भर में आर्थिक और कूटनीतिक स्तर पर काफी असर है। इस शिखर सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी शामिल होंगे। दिसंबर 2025 में नई दिल्ली में हुई सालाना द्विपक्षीय बैठक के बाद, एक साल से भी कम समय में यह उनकी भारत की दूसरी यात्रा होगी। 31 अगस्त को बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन के दौरान जब दोनों नेता मिले थे, तब प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन को व्यक्तिगत रूप से फिर से निमंत्रण दिया था।
    Click here to Read more
    Prev Article
    Shanghai में जन्म दर सुधारने के लिए Maternity Care हुआ पूरी तरह मुफ्त
    Next Article
    Sheikh Hasina की बेटी Saima Wazed का WHO से इस्तीफा, Tedros के नेतृत्व पर उठाए गंभीर सवाल

    Related विदेश Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment