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    कानपुर जू की टॉय ट्रेन 3 साल बाद फिर दौड़ेगी:पिलर हटेंगे, पटरियों को ठीक किया जाएगा; महिला की मौत के बाद रोकी गई थी

    2 hours ago

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    कानपुर चिड़ियाघर आने वाले बच्चों और परिवारों की पहली पसंद रही टॉय ट्रेन एक बार फिर पटरी पर लौटने जा रही है। साल 2022 में हुए दर्दनाक हादसे के बाद बंद की गई इस ट्रेन को दोबारा शुरू करने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। जू प्रशासन के मुताबिक, अगले तीन महीनों के भीतर सभी तकनीकी खामियां दूर कर ट्रेन का संचालन फिर से शुरू कर दिया जाएगा। इस बार खास जोर सुरक्षा पर है, ताकि भविष्य में कोई भी अप्रिय घटना न हो। एक्सपर्ट्स की रिपोर्ट पर बनेगा नया रोडमैप टॉय ट्रेन को सुरक्षित बनाने के लिए चिड़ियाघर प्रशासन ने HBTU (हारकोर्ट बटलर प्राविधिक विश्वविद्यालय) और रायबरेली रेल कोच फैक्ट्री के विशेषज्ञों से विस्तृत जांच कराई। जांच रिपोर्ट में पटरियों के पास लगे खतरनाक पिलरों को हटाने या पीछे करने की सिफारिश की गई है। इसके साथ ही पूरी ट्रैक लाइन की मरम्मत, लेवलिंग और तकनीकी अपग्रेडेशन भी किया जाएगा। सभी सुधार कार्य पूरे होने के बाद विशेषज्ञों की टीम दोबारा निरीक्षण करेगी, तभी ट्रेन को चलाने की अनुमति दी जाएगी। 26 नवंबर 2022 को टीचर की ट्रेन से कटकर मौत हुई थी 26 नवंबर 2022 को कानपुर जू की टॉय ट्रेन एक हादसे के चलते सुर्खियों में आ गई थी। चिड़ियाघर में परिवार के साथ घूमने आई टीचर अंजू शर्मा (40) की टॉय ट्रेन से कटकर मौत हो गई। ट्रेन में चढ़ने के दौरान टीचर प्लेटफॉर्म के पिलर से टकराकर गिर गईं। परिजन और जू प्रशासन आनन-फानन में उन्हें लेकर हैलट अस्पताल पहुंचे।जहां डॉक्टरों ने टीचर को मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि महिला ट्रेन में बैठने के दौरान पिलर से फंसकर ट्रेन के पहिया के नीचे आ गई। अंजू शर्मा की मौत के बाद बेटी अदिति ने रोते हुए बताया, "हम चार लोग चिड़ियाघर घूमने आए थे। मैं, पापा, भाई टॉय ट्रेन में चढ़ गए थे। मम्मी आ रही थीं। इस दौरान बीच में एक खंभा था। वह उससे टकरा कर नीचे गिर गईं। धीरे-धीरे ट्रेन चलने लगी। मम्मी के ऊपर ट्रेन चढ़ गई। मैं चिल्लाई ट्रेन रोको-रोको, मगर ड्राइवर ने नहीं रोका।" इस घटना के बाद प्रशासन ने तत्काल टॉय ट्रेन का संचालन बंद कर दिया था। तभी से यह सवारी जू परिसर में खामोशी से खड़ी रही। अब पुराने ढर्रे पर नहीं चलेगी ट्रेन कानपुर जू के निदेशक डॉ. कन्हैया पटेल ने बताया कि अब टॉय ट्रेन को पुराने सिस्टम पर नहीं चलाया जाएगा। प्लेटफॉर्म के पास मौजूद पिलरों को हटाया या सुरक्षित दूरी पर शिफ्ट किया जाएगा। पटरियों की पूरी लाइन की मरम्मत के साथ ट्रेन के संचालन से जुड़े सभी सुरक्षा मानकों की दोबारा जांच होगी। रेल कोच फैक्ट्री के मानकों पर खरा उतरने के बाद ही ट्रेन को हरी झंडी दी जाएगी। 3 महीने में शुरू करने का लक्ष्य, पर्यटकों को मिलेगी राहत जू प्रशासन का लक्ष्य है कि अगले तीन महीनों के भीतर सभी काम पूरे कर टॉय ट्रेन को फिर से शुरू किया जाए। ट्रेन के दोबारा चलने से न सिर्फ बच्चों और पर्यटकों को आकर्षण मिलेगा, बल्कि चिड़ियाघर की आय में भी बढ़ोतरी होगी। प्रशासन का दावा है कि इस बार सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और टॉय ट्रेन पूरी तरह सुरक्षित माहौल में चलाई जाएगी।
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