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    कानपुर की डेयरियों पर ईंधन संकट:सिलेंडर की कमी और महंगी लकड़ी ने बढ़ाए दूध, दही और पनीर के दाम

    15 hours ago

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    कानपुर के डेयरी उद्योग पर इन दिनों दोहरी मार पड़ रही है। एक तरफ कमर्शियल गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत है, तो दूसरी तरफ ईंधन के विकल्प के रूप में इस्तेमाल हो रही लकड़ी के दाम भी आसमान छू रहे हैं। परिणामस्वरूप डेयरी संचालकों को 30 साल पुराने पारंपरिक तरीकों यानी भट्टी और लकड़ी पर लौटना पड़ रहा है। इस संकट का सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ रहा है। दूध, दही और पनीर की कीमतों में 5 से 20 रुपये तक उछाल आ गया है। लकड़ी भी हुई महंगी कन्हैया डेयरी के मालिक अमित सिंह चौहान बताते हैं कि पहले कमर्शियल सिलेंडर आसानी से उपलब्ध हो जाते थे, जिससे काम सुचारू रूप से चलता था। अब सिलेंडर की कमी के कारण मजबूरी में लकड़ी का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। होली जैसे त्योहार और बढ़ती मांग के कारण लकड़ी के दाम भी दोगुने हो गए हैं। जो लकड़ी पहले 7 से 10 रुपये प्रति किलो मिलती थी, वह अब 15 से 25 रुपये तक पहुंच गई है। ईंधन की बढ़ी हुई लागत ने डेयरी उत्पादों के दाम बढ़ा दिए हैं। उत्पादों के दाम में उछाल पनीर: पहले ₹340 प्रति किलो, अब ₹360 के पार। दही: 100 रुपये प्रति किलो का दही अब 120-130 रुपये में बिक रहा है। दूध: 60 रुपये वाला दूध अब 65 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। अकेले कन्हैया डेयरी से ही करीब 2-3 हजार उपभोक्ता जुड़े हैं, जिन पर इन बढ़ती कीमतों का सीधा असर पड़ रहा है। 20 हजार डेयरियों पर संकट का साया यह समस्या किसी एक डेयरी तक सीमित नहीं है। कानपुर में लगभग 15 से 20 हजार छोटी-बड़ी डेयरियां संचालित हैं। सिर्फ दक्षिण कानपुर इलाके में ही करीब 2,000 डेयरियां गैस सिलेंडर न मिलने से प्रभावित हुई हैं। संचालकों का कहना है कि अगर यही स्थिति रही, तो आने वाले समय में घी, क्रीम और मक्खन जैसे उत्पादों के दाम और भी बढ़ सकते हैं। किसानों और निर्यात पर पड़ सकता है असर डेयरी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईंधन की समस्या के कारण उत्पादन लागत इसी तरह बढ़ती रही, तो इसका असर दूध के निर्यात पर भी पड़ सकता है। भारत दुनिया का बड़ा दूध उत्पादक देश है, लेकिन अगर लागत बढ़ने से निर्यात प्रभावित हुआ तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग कम हो सकती है। ऐसी स्थिति में घरेलू बाजार में दूध के दाम गिर सकते हैं, जिससे ग्रामीण किसानों को नुकसान होगा, जिनकी आजीविका दूध उत्पादन पर टिकी है। डेयरी संचालकों की मांग फिलहाल, कानपुर के डेयरी संचालक प्रशासन से कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति सामान्य करने की मांग कर रहे हैं, ताकि आम उपभोक्ताओं को बढ़ती महंगाई से राहत मिल सके।
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