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    कानपुर के स्कूलों में मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष अभियान:डॉ. अमित निरंजन ने शुरू किया मेंटल हेल्थकेयर मिशन; शिक्षकों और छात्रों को मिला साइकोलॉजिकल ट्रेनिंग

    4 hours ago

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    मानसिक स्वास्थ्य जैसे गंभीर विषय पर अब जमीनी स्तर पर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। सुप्रीम कोर्ट की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए प्रख्यात शिक्षाविद्, लेखक एवं विश्व रिकॉर्ड धारक डॉ. अमित कुमार निरंजन ने स्कूलों में एक विशेष अभियान शुरू किया है। इस मेंटल हेल्थकेयर मिशन के तहत शिक्षकों और विद्यार्थियों को एक साथ व्यावहारिक मनोवैज्ञानिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। लाइव संवाद से सुलझीं बच्चों की उलझनें कार्यशाला के दौरान डॉ. अमित निरंजन ने विद्यार्थियों के साथ सीधे लाइव संवाद किया। उन्होंने बच्चों की व्यक्तिगत और पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं को बेहद ध्यान से सुना। इसके बाद मनोवैज्ञानिक परीक्षणों (Psychological Tests) और सिद्धांतों के जरिए उन्हें हल करने के व्यावहारिक तरीके बताए। उन्होंने मनोविज्ञान के कठिन से कठिन सिद्धांतों को इतनी सहज भाषा में समझाया कि शिक्षकों के लिए भी अपने छात्रों के व्यवहार और मानसिक तनाव को समझना आसान हो गया। छोटे शहरों और कस्बों तक पहुंचने का लक्ष्य इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि इसे सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रखा जा रहा है। इसका मकसद शुक्लागंज, उन्नाव और पूर्वोत्तर (नॉर्थ-ईस्ट) के उन दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचना है, जहां मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े संसाधन और सही सलाह आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाते हैं। डॉ. निरंजन का मुख्य ध्येय लगातार शिक्षक प्रशिक्षण और छात्र काउंसलिंग के जरिए शिक्षा व्यवस्था की कमियों को दूर करना और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाना है। 30 हजार शिक्षकों और 1 लाख छात्रों को कर चुके हैं ट्रेंड डॉ. अमित कुमार निरंजन का अकादमिक करियर बेहद शानदार रहा है। 25 उच्च शैक्षणिक डिग्रियों और 3 विश्व रिकॉर्ड धारक डॉ. निरंजन 80 से अधिक पुस्तकों के लेखक भी हैं। उनकी लिखी पुस्तकें भारतीय संसद के पुस्तकालय में भी शामिल हैं। वे अब तक देश भर में 30 हजार से ज्यादा शिक्षकों और 1 लाख से अधिक विद्यार्थियों को ट्रेनिंग दे चुके हैं। उनका यह नया मिशन छोटे कस्बों के बच्चों के लिए काफी मददगार साबित हो रहा है।
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