Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    कानपुर में 35 हजार पौधों का ‘ऑक्सीजन हब’:मियावाकी तकनीक से सुधरेगा शहर का AQI, बरगद-पीपल-पाकड़ की त्रिवेणी बनाई; एंट्री फ्री

    9 hours ago

    1

    0

    औद्योगिक शहर कानपुर अब सिर्फ धुएं और फैक्ट्रियों के लिए नहीं जाना जाएगा। शहर के बीच वन विभाग कार्यालय के पास खाली पड़ी एक हेक्टेयर जमीन को हरियाली की चादर ओढ़ा दी गई है। यहां उत्तर प्रदेश वन विभाग ने ‘मिनी फॉरेस्ट’ के रूप में एक इको पार्क विकसित किया है। यह पार्क न केवल आबोहवा को सुधारने में मदद करेगा, बल्कि शहरवासियों को प्रकृति के बीच सुकून के पल बिताने का नया ठिकाना भी देगा। मियावाकी तकनीक से घना जंगल तैयार डीएफओ दिव्या ने बताया कि इस पार्क को जापानी ‘मियावाकी’ तकनीक से विकसित किया गया है। इस पद्धति से कम जगह में घना और तेजी से बढ़ने वाला जंगल तैयार किया जाता है। महज 1 हेक्टेयर क्षेत्र में करीब 35 हजार पौधे लगाए गए हैं। यह तकनीक पौधों की वृद्धि को सामान्य से दस गुना तेज और 30 गुना ज्यादा घना बनाती है। कुछ ही समय में यह क्षेत्र घने जंगल जैसा नजर आएगा और शहर के बढ़ते तापमान को नियंत्रित करने में ‘माइक्रो क्लाइमेट’ की भूमिका निभाएगा। बरगद-पीपल-पाकड़ की त्रिवेणी, स्थानीय प्रजातियों पर जोर पार्क में स्थानीय और अधिक ऑक्सीजन देने वाली प्रजातियों को प्राथमिकता दी गई है। चितवन, पीपल, पाकड़ और बरगद जैसे वृक्षों के साथ विभिन्न हर्ब और झाड़ियों की प्रजातियां लगाई गई हैं। पार्क का मुख्य आकर्षण ‘त्रिवेणी वाटिका’ है, जहां जनप्रतिनिधियों ने स्वयं पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। 15–20 लाख की लागत, एंट्री फ्री जुलाई से शुरू हुए इस प्रोजेक्ट पर अब तक करीब 15 से 20 लाख रुपए खर्च किए गए हैं। इसमें मिट्टी की तैयारी, फेंसिंग और पौधों की सुरक्षा के विशेष इंतजाम शामिल हैं। राहत की बात यह है कि पार्क में प्रवेश पूरी तरह निशुल्क रखा गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग प्रकृति से जुड़ सकें और पर्यावरण के प्रति जागरूक बनें। AQI पर सीधा असर, बनेगा शहर का ‘कार्बन सिंक’ खराब वायु गुणवत्ता (AQI) को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले कानपुर के लिए यह पार्क बड़ी राहत बन सकता है। डीएफओ के अनुसार, 35 हजार पौधों का यह समूह ‘कार्बन सिंक’ की तरह काम करेगा, जो जहरीली गैसों को सोखकर ताजी हवा उपलब्ध कराएगा। भीड़भाड़ वाले इलाके में विकसित यह ‘मिनी फॉरेस्ट’ शहर के फेफड़ों के लिए संजीवनी साबित होने की उम्मीद है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    घोसी सांसद ने मऊ के लिए सीधी ट्रेनें मांगी:लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस को प्रतिदिन चलाने की अपील की
    Next Article
    महाशिवरात्रि और वेलेंटाइन डे पर 1000 से ज्यादा विवाह:मेरठ में मंडप से मेन्यू तक दिखा डेकोरेशन का क्रेज, शिव-पार्वती थीम की डिमांड

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment