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    कानपुर में खोया और रंगीन पापड़ से 500 बीमार:डॉक्टर बोले- मिलावटी पकवान और केमिकल रंगों से मरीज बढ़े

    1 hour ago

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    होली का त्योहार बीतने के बाद अब शहर के लोगों की सेहत पर इसका गहरा असर दिखने लगा है। कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से संबद्ध एलएलआर अस्पताल (हैलट) के मेडिसिन विभाग में मरीजों की लाइन लगी हुई है। त्योहार की मस्ती के बाद अब लोग पेट दर्द, उल्टी और डायरिया (दस्त) जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। अस्पताल की ओपीडी में सुबह से ही मरीजों की काफी भीड़ देखी जा रही हैं। 48 घंटे में आए 500 केस, ओपीडी में मरीजों की लगी लाइन मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रो.डॉ. रंजीत कुमार रंजन ने बताया कि होली के बाद से अस्पताल में मरीजों की संख्या में अचानक भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। डॉ. रंजन के मुताबिक, आज सुबह ओपीडी शुरू होने के कुछ ही घंटों के भीतर करीब 50 से ज्यादा ऐसे मरीज आ चुके थे, जो केवल पेट दर्द और डायरिया की शिकायत लेकर पहुंचे थे। पिछले 48 घंटों में यह आंकड़ा करीब 500 के पार पहुँच गया है। अस्पताल की इमरजेंसी सेवाओं पर भी दबाव काफी बढ़ गया है। मिलावटी खोया और तीखा खान-पान बना बीमारी की वजह डॉक्टरों का मानना है, कि इस बीमारी के पीछे सबसे बड़ी वजह त्योहार के दौरान खान-पान में बरती गई भारी लापरवाही है। बाजार में बिकने वाला मिलावटी खोया और उससे बनी मिठाइयों ने लोगों के पाचन तंत्र को बुरी तरह प्रभावित किया है। इसके साथ ही त्योहार पर बना अधिक मिर्च-मसाले वाला भोजन और गरिष्ठ पकवान जीआई (GI) लक्षणों का मुख्य कारण बने हैं। डॉ. रंजन ने यह भी चिंता जताई कि कई मामलों में भोजन के साथ शरीर के अंदर गए रासायनिक रंगों ने भी पेट में संक्रमण फैलाया है, जिससे मरीजों की हालत बिगड़ी है। गंभीर हालत में चार मरीज भर्ती, डिहाइड्रेशन का बढ़ा खतरा अस्पताल पहुंचे मरीजों में से कई की स्थिति काफी चिंताजनक पाई गई है। डॉ. रंजन ने जानकारी दी कि ओपीडी में आए मरीजों में से चार लोगों को तुरंत एडमिट करना पड़ा क्योंकि वे सीवियर डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की भारी कमी का शिकार हो चुके थे। इसके अलावा अस्पताल की इमरजेंसी में भी सीधे मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। डॉक्टरों को अंदेशा है कि शाम तक मरीजों की यह संख्या और भी ज्यादा बढ़ सकती है क्योंकि बड़ी संख्या में लोग अभी भी इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
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