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    कानपुर में यूपीआई पर MDR शुल्क पर विरोध प्रदर्शन:व्यापारियों ने नगाड़ा और डमरू बजाया; शुल्क वापस लेने की मांग

    3 hours ago

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    कानपुर में गांधी जयंती के मौके पर भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने यूपीआई भुगतान पर एमडीआर शुल्क को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इसके साथ ही ‘नो यूपीआई डे’ मनाया। सागर मार्केट, कैनाल रोड के बाहर ‘व्यापारियों की आवाज सुनो सत्याग्रह’ के तहत धरना-प्रदर्शन हुआ। इस दौरान व्यापारियों ने नगाड़ा और डमरू बजाकर विरोध जताया। प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र, जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता गोरे, जिला वरिष्ठ महामंत्री मनीष गुप्ता सलोने और प्रदेश मंत्री रोशन गुप्ता के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में व्यापारियों ने यूपीआई से भुगतान स्वीकार नहीं किया। हाथों में पोस्टर लेकर ‘यूपीआई पर MDR शुल्क मंजूर नहीं’ के नारे लगाए गए। व्यापारियों ने कहा- लागत बढ़ेगी प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र ने कहा कि 15 अक्टूबर से ₹2,000 से अधिक के चयनित UPI व्यापारिक लेनदेन पर MDR लागू होने की व्यवस्था से व्यापारियों की लागत बढ़ने की चिंता है। उनके मुताबिक MDR पर 18% GST भी लागू होने से शुल्क का प्रभाव और बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि खासकर कम मार्जिन वाले कारोबारियों पर इसका असर पड़ने की आशंका है। व्यापारियों का कहना है कि यूपीआई आज छोटे-बड़े कारोबार में भुगतान का प्रमुख माध्यम बन चुका है। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त लागत आने से व्यापारियों की आय और कारोबार की लागत प्रभावित हो सकती है। उन्होंने सरकार से डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए MDR व्यवस्था वापस लेने की मांग की। हालांकि उपलब्ध जानकारी के मुताबिक प्रस्तावित MDR ग्राहकों से नहीं, व्यापारियों से लिया जाना है। साथ ही ₹2,000 तक के UPI व्यापारिक भुगतान MDR से मुक्त रहेंगे। त्योहारी सीजन में शुल्क का असर पड़ने की आशंका जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता गोरे ने कहा कि दीपावली समेत आगामी त्योहारी सीजन में व्यापार बढ़ता है। ऐसे समय में अतिरिक्त भुगतान लागत व्यापारियों के लिए परेशानी बढ़ा सकती है। उन्होंने कहा कि व्यापारी किसी भी अतिरिक्त लागत को अपनी व्यापारिक लागत में शामिल करने का प्रयास करेगा, जिसका अप्रत्यक्ष असर ग्राहकों तक पहुंच सकता है। प्रदेश मंत्री रोशन गुप्ता और जिला वरिष्ठ महामंत्री मनीष गुप्ता सलोने ने MDR वापस लेने की मांग करते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। मोबाइल कारोबारियों ने भी जताई चिंता कानपुर मोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नीरज बलेचा, संरक्षक सुरेश सिंहवानी और उपाध्यक्ष सुशील तुली ने कहा कि मोबाइल और होलसेल कारोबार में मार्जिन पहले से कम है। ऐसे में भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क कारोबारियों की लागत बढ़ा सकता है। प्रदेश संगठन मंत्री संजय भदौरिया, जिला युवा अध्यक्ष आशीष मिश्र, जिला कोषाध्यक्ष मनोज गुप्ता कुक्कू, प्रदेश युवा संगठन महामंत्री विनायक पोद्दार और युवा महामंत्री मनोज विश्वकर्मा ने कहा कि छोटे दुकानदारों और रिटेल कारोबारियों के हित में डिजिटल भुगतान को बिना अतिरिक्त आर्थिक बोझ के बढ़ावा दिया जाना चाहिए। कानपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में ‘नो यूपीआई डे’ संगठन के पदाधिकारियों के मुताबिक कानपुर के अलावा प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी 2 अक्टूबर को ‘नो यूपीआई डे’ मनाया गया। व्यापारियों ने यूपीआई से भुगतान स्वीकार नहीं किया और MDR वापस लेने की मांग उठाई। प्रदर्शन में वरिष्ठ उपाध्यक्ष अब्दुल वहीद, अजय गुप्ता राजू, रतन सिंह राजू, अनुराग साहू, कुंदन शर्मा, अनुज त्रिपाठी, अरविंद गुप्ता, अतुल ओमर, राहुल शर्मा, सुरेंद्र जायसवाल, आशीष गोयल, सिद्धार्थ सिंह, प्रताप परिहार, रामनरेश शुक्ला, अनुराग जायसवाल, सुशील तोमर, शरद गुप्ता, नागेंद्र सिंह, सत्यनारायण खन्ना, अवतार शर्मा समेत बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।
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