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    कानपुर मेट्रो के हर स्टेशन पर AI कैमरे लगे:लावारिस सामान, पीली पट्टी पार करते ही करेगा अलर्ट, चप्पे-चप्पे पर रहेगी नजर

    17 hours ago

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    कानपुर मेट्रो अब सुरक्षा के मोर्चे पर और भी हाईटेक हो गई है। कॉरिडोर-1 के तहत कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता के बीच मेट्रो परिचालन की तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। इसी क्रम में बारादेवी से नौबस्ता तक के सभी 5 एलिवेटेड स्टेशनों पर अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (यूपीएमआरसी) ने न केवल इन कैमरों का इंस्टॉलेशन पूरा कर लिया है, बल्कि अधिकांश कैमरों को कॉन्फिगर कर लाइव भी कर दिया है। अब इन स्टेशनों के चप्पे-चप्पे पर कंट्रोल रूम से सीधी नजर रखी जा रही है। वीडियो एनालिटिक्स से लैस हैं ये स्मार्ट कैमरे मेट्रो प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए साधारण कैमरों के बजाय वीडियो एनालिटिक्स तकनीक वाले स्मार्ट कैमरों का चुनाव किया है। इन कैमरों की सबसे बड़ी खासियत इनका आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित अलर्ट सिस्टम है। अगर स्टेशन परिसर में कोई लावारिस वस्तु काफी देर तक पड़ी रहती है या कोई यात्री प्लेटफॉर्म पर सुरक्षा के लिए बनी पीली पट्टी को पार करता है, तो ये कैमरे तुरंत कंट्रोल रूम को अलर्ट भेज देंगे। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ ये कैमरे भीड़ प्रबंधन में भी मददगार साबित होंगे। हर एंगल पर नजर, नहीं बचेगा कोई डार्क स्पॉट मेट्रो स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था को इस तरह डिजाइन किया गया है कि परिसर का कोई भी कोना निगरानी से अछूता न रहे। सुरक्षा घेरे को मजबूत करने के लिए अलग-अलग श्रेणियों के कैमरे लगाए गए हैं। बाहरी हिस्सों और कम रोशनी वाले इलाकों के लिए इंफ्रारेड कैमरों का इस्तेमाल किया गया है, जो रात के अंधेरे में भी क्रिस्टल क्लियर फुटेज देने में सक्षम हैं। स्टेशन के भीतर बॉक्स कैमरे और वाइड एंगल कवरेज के लिए डोम कैमरे लगाए गए हैं। सबसे खास पीटीजेड (पैन-टिल्ट-जूम) कैमरे हैं, जिन्हें रिमोट के जरिए 360 डिग्री तक घुमाया और जूम किया जा सकता है। अंडरग्राउंड स्टेशनों और ट्रेनों में भी कड़ी निगरानी एलिवेटेड स्टेशनों के साथ-साथ झकरकटी और ट्रांसपोर्ट नगर जैसे भूमिगत स्टेशनों पर भी कैमरों का इंस्टॉलेशन तेजी से किया जा रहा है। आंकड़ों के लिहाज से देखें तो हर स्टेशन पर औसतन 40 से 45 कैमरे लगाए जा रहे हैं, जबकि मेट्रो ट्रेन के अंदर भी करीब 12 कैमरे हर गतिविधि को रिकॉर्ड करेंगे। इन कैमरों का सीधा प्रसारण स्टेशन कंट्रोल रूम के साथ-साथ ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर और मेट्रो डिपो के सेंट्रल सिक्योरिटी रूम में होगा। सुरक्षा की कमान उत्तर प्रदेश स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (यूपीएसएसएफ) के हाथों में होगी, जो चौबीसों घंटे मॉनिटरिंग करेंगे। पारदर्शिता और महिला सुरक्षा पर विशेष जोर यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार का कहना है- स्टेशनों का डिजाइन इस तरह तैयार किया गया है कि कहीं भी कोई डार्क स्पॉट न रहे। सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए लिफ्ट, स्टेशन कंट्रोल रूम और टिकट काउंटर में पारदर्शी ग्लास का इस्तेमाल किया गया है। महिला यात्रियों के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करने के उद्देश्य से स्टेशनों पर महिला सुरक्षाकर्मी और महिला हाउसकीपिंग स्टाफ की तैनाती भी सुनिश्चित की जा रही है। कॉनकोर्स एरिया को भी इस तरह बनाया गया है कि वह यात्रियों की नजर से ओझल न हो, जिससे यात्री खुद को हर समय सुरक्षित महसूस कर सकें।
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