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    कानपुर सांसद ने कांग्रेस पर साधा निशाना:बोले- वंदेमातरम पर तुष्टिकरण की राजनीति कर रही, विशेष वर्ग को खुश करना चाहती है

    11 hours ago

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    कांग्रेस की कार्य समिति की बैठक में वंदे मातरम को लेकर लिए गए फैसले पर कानपुर बीजेपी सांसद रमेश अवस्थी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा- कांग्रेस का फैसला तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने कहा- कांग्रेस ने पहले मुस्लिम लीग को खुश करने के लिए वंदेमातरम को बांट दिया था। आज कांग्रेस वोट बैंक को अपना करने के लिए फिर वंदेमातरम को लेकर ऐसा फैसला ले रही है। प्रदेश की जनता 2027 के विधानसभा चुनाव में इसका जवाब देगी। बता दें दिल्ली में कार्य समिति की बैठक में कांग्रेस ने कहा था कि वंदेमातरम के दो ही छंद गाए जाएंगे, जिसके बाद से बीजेपी लगातार इसपर सवाल उठा रही है। पढ़िए सांसद रमेश अवस्थी से बातचीत… सवाल: कांग्रेस की कार्य समिति के फैसले पर आपका क्या कहना है? जवाब: वंदे मातरम के संबंध में कांग्रेस का फैसला पूरी तरह तुष्टिकरण से प्रेरित है। वंदे मातरम एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा का स्वर है। यह स्वतंत्रता संग्राम की प्राणवायु रहा है। कांग्रेस ने जब-जब भारत की अस्मिता और वोट बैंक के बीच चुनाव किया, तब-तब वोट बैंक की राजनीति को प्राथमिकता दी और भारत की अस्मिता को पीछे छोड़ा। 1937 में भी कांग्रेस ने एक विशेष वर्ग और मुस्लिम लीग को खुश करने के लिए यह निर्णय लिया था। आज भी वोट बैंक के लिए कुछ ऐसा ही किया गया ह है। किसको खुश करने के लिए यह किया जा रहा है, यह पूरा देश देख रहा है। कांग्रेस सिर्फ वोट बैंक की राजनीति कर रही है। उसे देश की अस्मिता और स्वाभिमान से कोई मतलब नहीं है। सवाल: वंदे मातरम को लेकर आप कांग्रेस के फैसले को किस तरह देखते हैं? जवाब- जब वंदे मातरम को कानूनी मान्यता मिल गई है, उसके बाद भी इसे पूरा न गाना क्या दर्शाता है? यह तुष्टिकरण की राजनीति को दिखाता है। कांग्रेस को देश से ज्यादा अपने वोट बैंक की चिंता है और इसके लिए वह किसी भी हद तक जा सकती है। वंदे मातरम स्वतंत्रता संग्राम की प्राणवायु बना था। इसे गाते समय स्वतंत्रता सेनानियों के रक्त में नया संचार होता था। लोग वंदे मातरम गाते-गाते देश और अपनी धरती मां के लिए शहीद हो गए। भगत सिंह जैसे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान से भी इसकी भावना जुड़ी हुई है। आज वंदे मातरम को पूरा न गाना उन स्वतंत्रता सेनानियों का भी अपमान करने की तरह है। जनता सब देख रही है। उत्तर प्रदेश में होने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता इसका जवाब देगी। इसी तुष्टिकरण की नीति के चलते बंगाल में भी जनता ने कांग्रेस को जवाब दिया था।
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