Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    कारोबारी के पोते की हत्या करके एक करोड़ फिरौती मांगी:36 लाख का कर्ज चुकाना था, गोरखपुर वैभव हत्याकांड के आरोपी का कबूलनामा

    18 hours ago

    1

    0

    मुझ पर 36 लाख रुपए का कर्ज था। किस्त जमा न करने पर पिता ताने मारते थे। नालायक कहते थे। इससे परेशान होकर सराफा कारोबारी के बेटे के अपहरण की योजना बनाई। AI की मदद से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के बारे में जानकारी जुटाई। गैंग कैसे काम करता है? फिरौती कैसे मांगता है, यह समझा। इंटरनेट से 199 रुपए में कंबोडिया का मोबाइल नंबर खरीदा और उसी पर वॉट्सऐप अकाउंट बनाया। सोमवार शाम वैभव को गिफ्ट का लालच देकर अपने साथ ले गया। वह चिल्लाने लगा तो गुस्सा आ गया। उसे जमीन पर गिराकर सीने पर घुटना रखा और गला दबा दिया। शव को बोरे में भरकर घर के बेसमेंट में छिपा दिया। वॉट्सऐप कॉल कर वैभव के पिता से एक करोड़ रुपए की फिरौती मांगी। किसी को मुझ पर शक न हो, इसलिए परिवार के साथ वैभव को खोजने का नाटक करता रहा। यह कबूलनामा है गोरखपुर में सराफा कारोबारी के 10 साल के पोते वैभव की हत्या के आरोपी कंप्यूटर टीचर सर्वेश उर्फ बिट्टू भट्ट का। पुलिस ने उसके पिता, भाई, पत्नी समेत सात लोगों को हिरासत में लिया है। सर्वेश 2024 में बिहार के एक पेपर लीक मामले में 40 दिन तक प्रयागराज की नैनी जेल में बंद रह चुका है। उसकी एक साल पहले शादी हुई थी। इधर, कारोबारी के घर पर मातम परसा है। मां-दादा का रो-रोकर बुरा हाल है। आज वैभव का आज अयोध्या में अंतिम संस्कार किया जाएगा। 2 तस्वीरें देखिए- सबसे पहले 4 पॉइंट में पूरा मामला समझिए-- 1- मासूम चौथी कक्षा में पढ़ता था, डेढ़ महीने पहले मां का निधन खजनी कस्बे में लक्ष्मी नारायण वर्मा रहते हैं। उनकी गिनती इलाके के बड़े ज्वेलरी कारोबारियों में होती है। लक्ष्मी नारायण के बेटे हनुमान का सबसे छोटा बेटा वैभव नवेल्स एकेडमी में चौथी कक्षा में पढ़ता था। डेढ़ महीने पहले वैभव की मां श्वेता वर्मा का बीमारी से निधन हो गया था। वैभव का घर जिस गली में है, उसी गली के आखिरी छोर पर 20 मीटर दूर आरोपी सर्वेश का भी घर है। सर्वेश के पिता हरिनारायण की कपड़े की दुकान है। बड़ा भाई सतीश वकील है। सर्वेश खुद एक कंप्यूटर कोचिंग चलाता है, जहां डिप्लोमा कोर्स और TET की तैयारी कराई जाती है। 2- घर से साइकिल लेकर निकला, लेकिन लौटा नहीं सोमवार दोपहर 1:30 बजे वैभव स्कूल से लौटा। घर पहुंचकर बैग रखा और यूनिफॉर्म बदलकर साइकिल लेकर घर से निकल गया। 30 मिनट बाद एक पड़ोसी ने घर आकर बताया कि वैभव की साइकिल घर के पीछे पड़ी हुई है। दादी घर से 50 मीटर दूर पहुंचीं, लेकिन वैभव नहीं दिखा। आसपास तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला। दादी ने परिवार को सूचना दी। जहां साइकिल मिली थी, उससे 100 मीटर दूर खाली खेत में वैभव की एक चप्पल पड़ी हुई थी। 3- CCTV में आरोपी बच्चे के साथ जाता दिखा परिवार को अपहरण का शक हुआ। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने तत्काल पांच टीमें गठित कीं। एक टीम ने CCTV फुटेज खंगालने शुरू किए। इस बीच पुलिस को एक CCTV फुटेज में वैभव पड़ोसी सर्वेश भट्ट के साथ खेत की ओर जाता दिखाई दिया। पुलिस ने सर्वेश को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। 4- शव मिलने के बाद गुस्साई भीड़ थाने में घुस गई वैभव के शव का पोस्टमार्टम मंगलवार को दो डॉक्टरों के पैनल ने किया। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में वैभव की गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। पोस्टमार्टम के बाद बच्चे का शव एंबुलेंस से घर भिजवाया गया। घटना के बाद नाराज भीड़ थाने में घुस गई। वहां लॉकअप में बंद आरोपी को बाहर निकालने की कोशिश की। पुलिस ने सख्ती बरतते हुए भीड़ को हटा दिया। आरोपी बोला- हत्या करके घर के बेसमेंट में छिपाई लाश सर्वेश ने पुलिस को बताया, ‘उसने एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) से 25 लाख रुपए का कर्ज लिया था। इसकी हर महीने 28,700 रुपए की किस्त भरनी थी। इसके अलावा एक दोस्त से 11 लाख रुपए उधार लिए थे। इस तरह उस पर कुल 36 लाख रुपए का कर्ज हो गया था। इसी कर्ज को चुकाने के लिए उसने वैभव के अपहरण की योजना बनाई।’ उसने बताया, 'वैभव घर के सामने से जा रहा था। मैंने उसे रोककर कहा कि तुम्हारे लिए गिफ्ट है, मेरे साथ चलो। उसने मना कर दिया और कहा कि पापा से शिकायत करूंगा। हालांकि बाद में वह मान गया। मैं उसे घर के किनारे खेत में ले गया और गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को बोरे में भर दिया। दोपहर में बोरा लेकर घर पहुंचा। उस समय पिता, पत्नी और भाभी अपने-अपने कमरों में थे। बेसमेंट में अनाज की बोरियों के बीच शव वाला बोरा रख दिया और उसके ऊपर रजाई और गद्दा डाल दिया।' एसपी साउथ दिनेश पुरी ने बताया- पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन खंगाला तो उसमें एआई से किए गए कई सवाल और उनके जवाब मिले। इनमें लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के फिरौती वसूलने के तरीके और गैंग की गतिविधियों से संबंधित जानकारी शामिल थी। पुलिस को उसके पास से कंबोडिया का सिम भी मिला है। आरोपी ने एक म्यूल (फर्जी) बैंक खाता भी तैयार किया था। आरोपी के निर्माणाधीन भवन पर नोटिस चस्पा जिला पंचायत कार्यालय ने आरोपी के पिता हरिनारायण के रुद्रपुर स्थित निर्माणाधीन भवन पर नोटिस चस्पा किया है। जिला पंचायत का कहना है कि भवन का नक्शा पास नहीं कराया गया है। नोटिस में तीन दिन के भीतर कार्यालय में आकर नक्शा पास कराने के लिए कहा गया है। ऐसा नहीं करने पर कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। ------------------------------------- ये खबर भी पढ़िए- ज्वेलरी कारोबारी के पोते की अपहरण के बाद हत्या:गोरखपुर में पड़ोसी टीचर के घर में मिली लाश; खेलते वक्त उठा ले गया था गोरखपुर के ज्वेलरी कारोबारी के 10 साल के पोते की मंगलवार को अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। लाश घर से 20 मीटर दूर रहने वाले पड़ोसी के घर में बोरे में भरी मिली। एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि वैभव वर्मा सोमवार शाम को लापता हो गया था। वह स्कूल से घर लौटा। फिर साइकिल लेकर घर के बाहर खेलने चला गया। करीब 30 मिनट बाद परिवार को सूचना मिली कि बच्चे की साइकिल लावारिस हालत में पड़ी है। पढ़ें पूरी खबर
    Click here to Read more
    Prev Article
    क्या राम मंदिर CEO सिर्फ डमी बनकर रह जाएगा:नियुक्ति के बाद भी महासचिव सबसे ज्यादा ताकतवर; चढ़ावे का असली रखवाला कौन...?
    Next Article
    मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ:राहुल बोले- रेपिस्ट की पैरवी करने वाला शिक्षा मंत्री बना, SC बोला- नाबालिग प्रदर्शनकारी तुरंत रिहा करें, यूपी में पूर्व मंत्री की गिरने से मौत

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment