Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    कश्मीर में सड़क पर सियासी जंग! रोजगार को मुद्दा बनाकर BJP ने किया वार, राज्य का दर्जा बना NC का हथियार

    4 hours from now

    1

    0

    जम्मू-कश्मीर की सियासत आज एक बार फिर सड़क पर उतर आई। श्रीनगर के लाल चौक से लेकर सिविल सचिवालय और जवाहर नगर तक सुरक्षा के कड़े पहरे के बीच भाजपा और नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) आमने-सामने दिखाई दीं। एक तरफ भाजपा ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सरकार पर चुनावी वादों से मुकरने, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया, तो दूसरी ओर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने केंद्र सरकार को जम्मू-कश्मीर की राज्य का दर्जा बहाल करने के वादे पर घेरा।भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लाल चौक के ऐतिहासिक घंटाघर से सिविल सचिवालय की ओर मार्च निकाला। पार्टी का आरोप है कि 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादों को उमर अब्दुल्ला सरकार पूरा करने में विफल रही है। भाजपा ने खास तौर पर युवाओं से जुड़े मुद्दों को केंद्र में रखा। पार्टी का कहना है कि जम्मू-कश्मीर के युवा बेरोजगारी, कथित तौर पर पिछले दरवाजे से नियुक्तियों, आउटसोर्सिंग और भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं, जबकि सरकार जवाबदेही से बच रही है।इसे भी पढ़ें: Jammu-Kashmir में Medical Interns के Stipend बढ़ाने की मांग तेज, डॉक्टरों के प्रदर्शन के बाद Congress ने CM Omar को लिखा पत्रभाजपा नेताओं ने सिविल सचिवालय के बाहर कथित ‘बैकडोर नियुक्तियों’, रोजगार संकट, आउटसोर्सिंग, भ्रष्टाचार और अधूरे चुनावी वादों का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। भाजपा का स्पष्ट संदेश है कि युवाओं को केवल राजनीतिक आश्वासन नहीं, बल्कि पारदर्शी नियुक्तियां और वास्तविक रोजगार चाहिए।हालांकि, भाजपा के प्रदर्शन के जवाब में नेशनल कॉन्फ्रेंस ने भी अपना मोर्चा खोल दिया। NC ने जम्मू और श्रीनगर में विरोध प्रदर्शन का ऐलान करते हुए भाजपा मुख्यालय का घेराव करने की बात कही थी लेकिन पुलिस ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को पहले ही रोक दिया। नेशनल कांफ्रेंस का कहना है कि उसका संघर्ष उमर सरकार को बचाने के लिए नहीं, बल्कि केंद्र सरकार को उसके उन वादों की याद दिलाने के लिए है, जो जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने को लेकर संसद और सुप्रीम कोर्ट में किए गए थे।गौरतलब है कि अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर का पुनर्गठन कर इसे केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया था। दिसंबर 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र के फैसले की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखते हुए राज्य का दर्जा जल्द बहाल करने की बात कही थी।देखा जाये तो आज का सियासी टकराव इसलिए भी अहम है क्योंकि दोनों दल जनता के अलग-अलग मुद्दों को लेकर एक-दूसरे पर राजनीतिक दबाव बनाने में जुटे हैं। भाजपा उमर सरकार से रोजगार और चुनावी वादों का हिसाब मांग रही है, जबकि नेशनल कॉन्फ्रेंस केंद्र से राज्य का दर्जा बहाल करने की समयसीमा पूछ रही है। श्रीनगर की सड़कों पर उतरी यह सियासी लड़ाई साफ संकेत देती है कि जम्मू-कश्मीर में अब सवाल सिर्फ सत्ता का नहीं, बल्कि वादों की विश्वसनीयता और जवाबदेही का है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    Lucknow में सड़क धंसने से 2 बाइक सवार घायल, Kanpur में भी ढहा नाला
    Next Article
    Ayodhya Ram Mandir को मिलेगा पहला CEO: आज होगा अहम प्रशासनिक पद का चयन, ये हैं टॉप 3 दावेदार

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment