Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    क्या सपा की मदद करेगी कॉकरोच पार्टी:डेढ़ घंटे की मुलाकात पर CJP प्रवक्ता बोले- अखिलेश ने बुलाया; युवाओं के मुद्दों पर करेंगे प्रदर्शन

    7 hours ago

    1

    0

    सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता आशुतोष रांका की 3 सितंबर (गुरुवार) को लखनऊ में मुलाकात हुई। बंद कमरे में दोनों के बीच करीब डेढ़ घंटे बातचीत हुई। सपा की तरफ से कहा गया कि CJP के अभिजीत दीपके की ओर से धन्यवाद देने के लिए आशुतोष रांका अखिलेश से मिलने आए थे। दिल्ली में हुए आंदोलन के दौरान सपा ने CJP को समर्थन दिया था। सवाल है कि आंदोलन को कई विपक्षी दलों ने समर्थन दिया था, फिर मुलाकात सिर्फ अखिलेश यादव से क्यों हुई? यूपी विधानसभा चुनाव से पहले इस मुलाकात के क्या मायने हैं? आज की संडे बिग स्टोरी में पढ़िए... 1. सबसे पहले- मुलाकात का पूरा सच CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने दैनिक भास्कर के 5 सवालों के जवाब दिए। सवाल: आप खुद अखिलेश से मिलने आए थे या उन्होंने बुलाया था? आशुतोष: जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन चल रहा था। उस दौरान अखिलेश यादव और सपा ने हमें समर्थन दिया था। अखिलेश यादव मिलने के लिए बुला भी रहे थे, इसलिए मैं लखनऊ आया। सवाल: यूपी से आपका जुड़ाव क्या है? आशुतोष: मेरी ससुराल बनारस में है। पढ़ाई आईआईटी कानपुर से हुई है। इसलिए यूपी से मेरा जुड़ाव रहा है। सवाल: यूपी चुनाव में CJP की भूमिका क्या होगी? आशुतोष: पार्टी चुनाव नहीं लड़ेगी। हम सक्रिय राजनीति में नहीं जाएंगे। सवाल: फिर यूपी आने का उद्देश्य क्या है? आशुतोष: यूपी देश का सबसे बड़ा प्रदेश है। यहां संगठन का विस्तार करेंगे। सवाल: मुख्य मुद्दे क्या होंगे? आशुतोष: शिक्षा और रोजगार हमारे प्रमुख मुद्दे हैं। युवाओं को अच्छी शिक्षा और पर्याप्त रोजगार मिलना चाहिए। यूपी में भी इन्हीं मुद्दों पर काम करेंगे। 2. CJP वोट लाएगी या सिर्फ नैरेटिव बनाएगी? CJP की शुरुआत सोशल मीडिया से हुई थी। जमीन पर उसका मजबूत कैडर नहीं है, लेकिन सोशल मीडिया पर उसकी पहुंच अच्छी है। पार्टी के करीब 2.55 करोड़ फॉलोअर्स होने का दावा किया जाता है। यूपी में 18 से 29 साल के जेन-जी युवाओं की संख्या करीब 2.07 करोड़ है। दिल्ली में CJP के आंदोलन के दौरान यूपी के कई शहरों के युवा बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचे थे। प्रयागराज, आगरा और कानपुर में छात्र प्रदर्शन हुए। ऐसे में सपा के लिए CJP की सबसे बड़ी उपयोगिता वोट ट्रांसफर नहीं, बल्कि सोशल मीडिया और युवाओं के बीच मुद्दा खड़ा करना हो सकती है। माना जा रहा है कि अगर CJP यूपी में शिक्षा, रोजगार और भर्ती जैसे मुद्दों को लेकर सक्रिय होती है, तो उसका असर युवाओं के बीच दिख सकता है। सपा और भाजपा के बीच सोशल मीडिया की लड़ाई पहले से चल रही है। ऐसे में CJP का समर्थन सपा के लिए सकारात्मक माहौल बना सकता है। यूपी में कितनी प्रभावी होगी CJP? यूपी में भर्ती, बेरोजगारी और पेपर लीक युवाओं के बड़े मुद्दे हैं। पिछले 8 साल से बेसिक शिक्षक भर्ती नहीं हुई है। अभ्यर्थी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। CJP नेता भी लगातार यूपी में विकास, शिक्षा और रोजगार को मुख्य मुद्दा बनाने की बात कर रहे हैं। आशुतोष रांका ने कहा है कि अगर पेपर लीक और बेरोजगारी को लेकर युवाओं का बड़ा आंदोलन होता है, तो CJP उसमें शामिल होगी। यूपी में 7.7% युवा बेरोजगार पीरियॉडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) 2025 के मुताबिक, यूपी में 15 से 29 साल के युवाओं में बेरोजगारी दर 7.7% है। शहरी इलाकों में यह 10.1% है। सरकार 9 साल में 9 लाख नौकरियां देने का दावा करती है। वहीं, बेसिक शिक्षा और लेखपाल के 55 हजार से ज्यादा पद खाली होने का डेटा सामने आ चुका है। पिछले कुछ सालों में यूपी-टीईटी, RO/ARO, यूपी पुलिस भर्ती और असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा समेत कई भर्ती परीक्षाएं पेपर लीक या अन्य विवादों में रही हैं। इनसे लाखों अभ्यर्थी जुड़े हैं। CJP नेताओं की राजनीतिक महत्वाकांक्षा? सोनम वांगचुक ने CJP नेतृत्व में राजनीतिक महत्वाकांक्षा होने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि राजनीतिक महत्वाकांक्षा गलत नहीं है, लेकिन छात्र मंच को व्यक्तिगत राजनीतिक वाहन नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया था कि अगर CJP के नेता भविष्य में राजनीति में जाना चाहते हैं, तो अलग राजनीतिक दल बनाएं। या किसी मौजूदा पार्टी के जरिए राजनीति करें। इस पर आशुतोष रांका का कहना है कि CJP की राजनीतिक महत्वाकांक्षा सत्ता हासिल करना नहीं, देश की राजनीति के काम करने के तरीके को बदलना है। अलग-अलग समय पर विपक्ष के नेताओं से मिले CJP में इस वक्त 12 प्रमुख सदस्य हैं। इनमें 6 ऐसे हैं, जो पहले कभी न कभी आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे हैं। इनमें अभिजीत दीपके और आशुतोष रांका भी शामिल हैं। CJP के अस्तित्व में आने और दिल्ली में प्रदर्शन शुरू करने के बाद सबसे पहले आम आदमी पार्टी के नेताओं ने उसका समर्थन किया। पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर समर्थन जताया। आंदोलन के दौरान आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल भी CJP नेताओं से मिलने पहुंचे। इसके अलावा टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद, शिवसेना (उद्धव गुट) के संजय राउत, CPI(M) के जॉन ब्रिटास, सपा की प्रिया सरोज, इकरा हसन और डिंपल यादव समेत कई नेताओं ने CJP नेताओं से मुलाकात की। हालांकि, कांग्रेस के नेता इस आंदोलन से दूर रहे। CJP नेताओं ने भी अब तक किसी कांग्रेस नेता से मुलाकात नहीं की है। यूपी में CJP का संभावित मॉडल CJP यूपी चुनाव नहीं लड़ने की बात कह रही है, लेकिन संगठन विस्तार और युवाओं के मुद्दों पर सक्रिय होने की तैयारी में है। ऐसे में CJP की ताकत सीटें जीतने से ज्यादा युवाओं के बीच मुद्दा और नैरेटिव बनाने में हो सकती है। अब सवाल यही है कि क्या वह सपा के लिए सिर्फ आंदोलन की सहयोगी बनेगी या चुनाव से पहले युवाओं में सरकार विरोधी माहौल तैयार करने में भी मदद करेगी? ---------------------------- यह खबर भी पढ़ें - नाजिया को 6 बार जान से मारने की धमकी क्यों?, सऊदी, बांग्लादेश, पाकिस्तान से फोन आए भाजपा नेता नाजिया इलाही को ‘सिर तन से जुदा’ की धमकी मिल रही हैं। ऐसा पहली बार नहीं हुआ। उन्हें 10 महीने में 6 बार धमकियां मिल चुकी हैं। वो भी 3 देशों से- सऊदी अरब, बांग्लादेश और पाकिस्तान। भारत के अलग-अलग राज्यों में उनके पोस्टर जलाए गए। प्रदर्शन में नाजिया के खिलाफ मुस्लिम समुदाय का खुलकर गुस्सा फूटा। ये सब कुछ उनके पैगंबर मोहम्मद साहब पर टिप्पणी के बाद हुआ। पढ़िए पूरी खबर…
    Click here to Read more
    Prev Article
    मुस्लिम धर्मगुरु बोले-100 साल पुरानी मस्जिद के लिए हाईकोर्ट जाएंगे:क्या मस्जिद, मदरसे या मजार ही अवैध; सहारनपुर में 16 घंटे में ढहाई गई मस्जिद
    Next Article
    अखिलेश की सहारनपुर जनसभा क्या गुटबाजी से टली:2 सितंबर को क्यों पहुंचे सपा प्रमुख? किसी के साथ भोजन किया, किसी को साथ लाए

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment