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    लखनऊ में 5वीं फेल ने विदेशियों से ठगे 200 करोड़:पुलिस ने बचने के लिए नदी में फेंका मोबाइल, रिसार्ट बुकिंग से पकड़े गए

    17 hours ago

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    लखनऊ में इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड कॉल सेंटर चलाने वाले 25 हजार रुपए के इनामी और गिरोह के मुख्य सरगना विनीत वशिष्ट समेत तीन आरोपियों को पुलिस ने कोलकाता से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में कोई भी 10वीं पास नहीं है। पुलिस ने बचने के लिए आरोपियों ने शहर छोड़ते समय अपना मोबाइल नदी में फेंक दिया था। हालांकि, छिपने के लिए रिसार्ट बुकिंग के दौरान पकड़े गए। एडीसीपी क्राइम किरण यादव ने बताया कि एक जुलाई को विभूतिखंड स्थित समिट बिल्डिंग में चल रहे अवैध इंटरनेशनल कॉल सेंटर पर छापा मारकर 119 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। जांच में सामने आया था कि गिरोह इंटरनेट कॉलिंग प्लेटफॉर्म के जरिए अमेरिका के नागरिकों से साइबर ठगी करता था। इस मामले में साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान फरार चल रहे मुख्य आरोपी पर विनीत वशिष्ट पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया। इस दौरान पुलिस टीम ने मुख्य सरगना विनीत वशिष्ट, नायकर जयराज और रिंकी दास गुप्ता को कोलकाता के एक रिसार्ट से गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके कब्जे से एक आईपैड, दो एप्पल आईफोन और पांच हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। कोई 9वीं तो कोई 5वीं पास पकड़े गए आरोपियों में नायकर जयराज ने पूछताछ में बताया कि पांचवीं में फेल होने के बाद पढ़ाई छोड़ दी। रिंकी ने 9वीं तक पढ़ाई की है। विनीत की डिग्री का भी कुछ पता नहीं चल सका है। जयराज और विनीत करीब 10 साल से एक दूसरे को जानते हैं, एक कॉमन फ्रेंड के जरिए संपर्क में आए थे। वहीं रिंकी की मुलाकात काम के सिलसिले में विनीत से हुई। इसके बाद दोनों रिलेशनशिप में आ गए। पुलिस ने बचने के लिए मोबाइल फेंक दिए आरोपियों ने कॉल सेंटर पर छापा पड़ने के बाद लखनऊ छोड़ने का फैसला लिया। तीनों छिपने के लिए कोलकाता पहुंचे। रिंकी वहीं की रहने वाली है, इसलिए उसे वहां की ज्यादा जानकारी है। भागने के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना मोबाइल नदी में फेंक दिया। वहीं रिंकी ने महंगे मोबाइल का हवाला देकर सिर्फ सिम ही फेंका। जिसके बाद नया सिम लगाकर रिसार्ट बुक किया और उसी बुकिंग से पुलिस को लीड मिल गई। तलाश में लगी टीमों ने दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। मुख्य आरोपी चार्ल्स से कोई नहीं मिला पूरे नेटवर्क को चलाने वाला चार्ल्स नाम का सरगना है। लेकिन दिलचस्प बात ये है कि आज तक गिरोह का कोई भी व्यक्ति चार्ल्स से सामने से नहीं मिला। वो सिर्फ व्हाट्सअप कॉलिंग के जरिए विनीत के संपर्क में रहता था। आज तक कोई उससे सामने से नहीं मिला। वो बस इंस्ट्रक्शन देता रहता था। जिसको इंडिया में बैठी टीम फॉलो करती थी। व्हाट्सअप ग्रुप में आते थे टारेगट नंबर विदेश में कॉल करने के बाद टारगेट हुए लोगों की डिटेल व्हाट्सअप ग्रुप पर आती थी। उनको जो कूपन भेजे दिए जाते उसको स्कैच करने के बाद उसकी फोटो ग्रुप में डाली जाती। इसके बाद टीम उसे रिडीम करती। वहीं एक वेंडर नाम का ग्रुप बनारया था। जिसमें टारगेट के नंबर आते थे। जिससे लखनऊ में बैठी टीम उनसे संपर्क करती। हवाला से होता था पैसों का सेटलमेंट पुलिस जांच में पता चला कि विनीत वशिष्ट, विक्रम परमार और ललित खेराजानी उर्फ रोडी इस अवैध कॉल सेंटर का संचालन करते थे। आरोपी नायकर जयराज ने कॉल सेंटर के कार्यालय का रेंट एग्रीमेंट कराया था, जबकि रिंकी दास गुप्ता ठगी से कमाए गए पैसे का देश और विदेश में हवाला के जरिए सेटलमेंट कराती थी। क्या किसका काम था विनीत का अहमदाबाद में रियल स्टेट का कारोबार है। विनीत ही कॉल सेंटर चलाने में पैसा इन्वेस्ट करता था। वहीं विक्रम परमार और ललित खेराजानी पूरे कॉल सेंटर का रिक्रूमेंट से लेकर ठगी के लेनदेन का संचालन देखते थे। वहीं जयराज और विनीत पुराने दोस्त हैं, जयराम के नाम पर ऑफिस एग्रीमेंट था। जिसका उसको कट दिया जाता था। वहीं रिंकी विनीत की गर्लफ्रेंड है। जो हवाला के जरिए पैसे का सेटलमेंट कराती थी। रिंकी का कोलकाता में सैलून और टॉकसिक नाम से एक बार है। एडीसीपी किरण यादव का कहना है कि मामले में आगे की विवेचना जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। मुख्य आरोपी चार्ल्स का पता किया जा रहा है। ----------------------------- संबंधित खबर भी पढ़िए- लखनऊ की समिट बिल्डिंग में बैठकर 200 करोड़ की ठगी : देशभर की 27 लड़कियां पकड़ी गईं, 119 लोगों का स्टाफ; 3 करोड़ किराया लखनऊ में नॉर्थ-ईस्ट की लड़कियों वाला इंटरनेशनल कॉल सेंटर पकड़ा गया है। इस कॉल सेंटर की बिल्डिंग का किराया सभी खर्चों को मिलाकर करीब 3 करोड़ रुपए होता है। कॉल सेंटर में 5 राउंड इंटरव्यू के बाद सिलेक्शन होता था। पुलिस को जब भनक लगी कि यह कॉल सेंटर नहीं, बल्कि साइबर ठगी का अड्डा है तो यहां रेड मार दी। बुधवार दोपहर हुए इस एक्शन में फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर से 27 लड़कियों समेत 119 लोग हिरासत में लिए गए। इसके साथ ही 100 लैपटॉप, 178 कॉलिंग फोन, कई डिजिटल मशीन, डॉक्यूमेंट्स बरामद हुए। दैनिक भास्कर रिपोर्टर ने जब इस फर्जी कॉल सेंटर की पड़ताल की तो बाहर ताला लटका मिला, लेकिन पूरे हॉल में लैविश सीन दिखा। (पूरी खबर पढ़िए)
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