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    लखनऊ विवि में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि कार्यक्रम:स्टूडेंट्स ने किताबें दान की, कुलपति रहे मौजूद

    6 hours ago

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    लखनऊ विश्वविद्यालय के समाज कार्य विभाग ने बुधवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर 'समर्पण दिवस' के तहत एक पुस्तक समर्पण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांवों के स्कूली विद्यार्थियों के शैक्षिक उन्नयन को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम की शुरुआत पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। अपने संबोधन में कुलपति प्रो. सैनी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का एकात्म मानववाद आज भी समाज के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने छात्रों से ज्ञान को समाज कल्याण में लगाने का आह्वान करते हुए शिक्षकों और शोधार्थियों को कमजोर वर्गों तक शिक्षा पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। विकास और शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्यरत समाज कार्य विभागाध्यक्ष एवं शोधपीठ के निदेशक प्रो. राकेश द्विवेदी ने स्वागत भाषण में बताया कि शोधपीठ अंत्योदय की भावना के साथ ग्रामीण विकास और शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्यरत है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राज्यपाल के निर्देशानुसार टीबी उन्मूलन और गोद लिए गए गांवों के विद्यार्थियों के विकास के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। 20 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बक्शी का तालाब क्षेत्र के भैंसामऊ, मिश्रीपुर, डिंगुरपुर, सोनवां और गाजीपुर गांवों के स्कूलों में बुक रीडिंग कॉर्नर स्थापित करने की पहल रही। इन स्कूलों की शिक्षिकाओं को पाठ्य पुस्तकें, संदर्भ ग्रंथ और सामान्य ज्ञान की किताबें वितरित की गईं। इसके साथ ही, इन गांवों के 20 मेधावी विद्यार्थियों को शैक्षिक और रचनात्मक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रमाण पत्र और पदक देकर सम्मानित किया गया। इसी क्रम में, समाज कार्य विभाग के छात्रों और शोधार्थियों को ‘शिक्षा समर्पण दूत’ नियुक्त किया गया है। ये दूत गांवों में जाकर विद्यार्थियों की पढ़ाई की निगरानी और मार्गदर्शन करेंगे। कार्यक्रम के दौरान शोध पत्रिका 'अन्त्योदय' के नए अंक का भी विमोचन किया गया, जिसकी उपस्थित विद्वानों ने सराहना की।
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