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    मां चाहती थी बेटा अफसर बने, वो फर्जी ब्रिगेडियर बना:उम्र- 22, नीट में 2 बार फेल; शाहजहांपुर में मां टीचर, पिता इंस्पेक्टर

    8 hours ago

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    मां चाहती थीं कि मैं सेना में अफसर बनूं। पिता मुझे डॉक्टर बनाना चाहते थे। माता-पिता को निराश नहीं करना चाहता था, इसलिए मैंने हर कोशिश की। दो बार NEET परीक्षा दी, लेकिन फेल हो गया। मां का सपना पूरा करने के लिए वर्दी खरीदी और ब्रिगेडियर बन गया। दो सुरक्षा गार्ड भी रख लिए, जिन्हें NGS कमांडो की वर्दी दिलवाई। कार पर ‘डॉक्टर’ और ‘आर्मी’ लिखवाया। सेना का झंडा भी लगवाकर चलने लगा। यह कहना है 22 साल के फर्जी ब्रिगेडियर आर्यन वर्मा का। उसके पिता उद्यान विभाग में इंस्पेक्टर और मां सरकारी टीचर हैं। वह दो महीने से वर्दी पहनकर शाहजहांपुर में घूम रहा था। पूर्व सैनिकों को उस पर शक हुआ। उन्होंने सेना के अधिकारियों के साथ मिलकर उसे पकड़ने का जाल बिछाया। शुक्रवार को कार्यक्रम आयोजित कराया और आर्यन वर्मा को बुलाया। जैसे ही वह पहुंचा, सेना के अधिकारियों ने उससे आर्मी से जुडे़ सवाल पूछे। एक के बाद एक सवाल से वह हड़बड़ा गया। घबरा गया। इसके बाद अफसरों ने उसे पकड़ लिया। सख्ती से पूछताछ में उसने जुर्म कबूल कर लिया। अपनी पूरी कहानी सुनाई। इसके बाद सेना ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया। 3 तस्वीरें देखिए- संपन्न परिवार, मां सरकारी टीचर, पिता इंस्पेक्टर आर्यन वर्मा शहर के रोजा इलाके का रहने वाला है। उसका तीन मंजिला मकान है। पिता अनिल वर्मा पुवायां क्षेत्र में उद्यान विभाग में इंस्पेक्टर हैं। मां मनोज देवी सदर तहसील क्षेत्र के जलालपुर में सरकारी टीचर हैं। एक छोटा भाई भी है, जो कक्षा चार में पढ़ता है। नीट की परीक्षा 2 बार दी, दोनों बार फेल परिवार संपन्न हैं। ऐसे में इंटर पास करने के बाद आर्यन वर्मा को माता-पिता ने दिल्ली तैयारी के लिए भेज दिया। वहां नीट की तैयारी करता था। उसने दो बार परीक्षा दी, लेकिन पास नहीं हुआ। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि परिवार का ऐसा दबाव था कि परीक्षा में सफलता न मिलने के बाद आर्यन ने जनवरी महीने में दिल्ली से ब्रिगेडियर की वर्दी खरीदी। दो लड़कों को किराए पर रखा। फिर घरवालों को बताया कि सेना में चयन हो गया। फिर वर्दी पहनकर घूमने लगा। कैसे अफसरों ने जाल बिछाकर पकड़ा, पढ़िए नकली आईडी, पिस्तौल और बैटन बरामद आर्यन की फर्जी ब्रिगेडियर की ऐसी तैयारी कर रखी थी कि पुलिस या आम आदमी का उसे पकड़ पाना मुश्किल था। सिर्फ वर्दी ही नहीं, बल्कि नकली पिस्तौल, फर्जी दस्तावेज, बैटन (डंडा) और सैन्य प्रतीक चिह्न भी उसके पास से बरामद हुए। शुक्रवार देर रात नायब सूबेदार अमित कुमार ने आर्यन के खिलाफ पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। सेना की शिकायत पर उसके खिलाफ FIR दर्ज कर पुलिस को सौंप दिया। आर्यन ने अपने घर के बाहर भी ‘सेना के ब्रिगेडियर’ की नेम प्लेट लगवा रखी थी। उसकी कार पर ‘आर्मी’ और ‘डॉक्टर’ भी लिखा मिला। एडमिन कमांडेंट कर्नल जेएस जगरान ने बताया कि कैंट क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रहे एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। उसके पास से आपत्तिजनक और संदिग्ध सामग्री मिली है। सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। --------------------------- ये खबर भी पढ़िए- थाने में बेटी की हत्या, लव-मैरिज से नाराज था पिता:बांदा में समझाया था- दूसरी जाति का लड़का है, बदनामी होगी; खून देख मां बेहोश बांदा में एक पिता ने अपनी 19 साल की बेटी की थाने के अंदर चाकू मारकर हत्या कर दी। वह बेटी के लव मैरिज करने से नाराज था। बेटी ने 18 मई को मोहल्ले के ही रहने वाले एक लड़के के साथ भागकर शादी कर ली थी।पुलिस शुक्रवार को लड़की और उसके प्रेमी को मध्यप्रदेश से बरामद कर थाने लाई थी। पढ़ें पूरी खबर…
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