Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    ट्रस्टी इस्तीफा दें, निष्पक्ष जांच हो:राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर सपा नेता बोले- अगर पद नहीं छोड़ा तो डकैती में भागीदार माने जाएंगे

    5 hours ago

    1

    0

    अयोध्या राम मंदिर में आए चढ़ावे में 7 करोड़ रुपए की चोरी के दावे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इसी बीच, पांच दिन में दूसरी बार राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र अयोध्या पहुंच रहे हैं। वह मंदिर समिति की बैठक में शामिल होंगे। इसमें चढ़ावा विवाद पर लिए जा सकते हैं। इससे पहले 9 जून को नृपेंद्र मिश्र ने ट्रस्ट के सदस्यों के साथ बैठक की थी। इसमें चढ़ावे की राशि, उसके उपयोग और लेखा-जोखा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थी। सूत्रों के मुताबिक, चोरी के दावे की जांच के लिए ट्रस्ट की ओर से गठित आंतरिक कमेटी ने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में कुछ कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध मिली है। कमेटी केवल नकदी के गायब होने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि दान संग्रह से लेकर जमा होने तक की पूरी प्रक्रिया का ऑडिट करेगी। रिपोर्ट ट्रस्ट प्रबंधन को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर विभागीय और कानूनी कार्रवाई जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। शुक्रवार को मामले में लखनऊ हाईकोर्ट में वकील मोहित अशोक ने जनहित याचिका दायर की। उन्होंने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) से स्पेशल ऑडिट की मांग की है। वहीं इस मामले में पूर्व मंत्री और सपा नेता पवन पांडे ने कहा कि संघ से जुड़े रहे महिपाल सिंह द्वारा मंदिर के चढ़ावे में धन और आभूषणों की कथित चोरी-डकैती के लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं और इनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। महिपाल सिंह ने जिन ट्रस्ट सदस्यों और पदाधिकारियों के नाम लिए हैं, उन्हें नैतिकता के आधार पर अपने पदों से इस्तीफा देना चाहिए। और इसकी जांच किसी स्वतंत्र और विश्वसनीय एजेंसी से होनी चाहिए। राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था और देश की अस्मिता से जुड़ा विषय है, इसलिए पूरे मामले में पारदर्शिता जरूरी है। यदि नामजद लोग इस्तीफा नहीं देते और जांच का सामना नहीं करते, तो यह माना जाएगा कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के चढ़ावे में जो डकैती हुई है, उसके ये भागीदार हैं, इन्होंने डकैती कराई है और ये डकैती के हिस्सेदार हैं। सपा नेता पवन पांडे बोले- महिपाल सिंह ने कुछ नाम सार्वजनिक किए अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर उठे विवाद के बीच पूर्व मंत्री और सपा नेता पवन पांडे ने वीडियो जारी कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा, "विगत चार-पांच दिनों से अयोध्या, मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम का मंदिर और मंदिर के चढ़ावे में किए गए कथित घोटाले की चर्चा हर जगह हो रही है। कल एक मीटिंग हुई। मीटिंग के बाद उसमें जो निर्णय हुआ, वह सार्वजनिक हो गया। इसके बाद चंपत राय जी की ओर से किया गया वह ट्वीट डिलीट कर दिया गया, जो आज दैनिक जागरण में भी छपा है कि पूर्व न्यायाधीश के द्वारा जांच कराई जाएगी। सवाल मेरा यह है कि महिपाल सिंह, जो संघ से जुड़े हुए थे और संघ के निष्ठावान कार्यकर्ता थे, जब उन्होंने यह स्वीकार किया कि चढ़ावे में चोरी होती थी, चढ़ावे में जो-जो धातुएं चढ़ती थीं—सोना, चांदी, हीरा, मोती—उनकी चोरी होती थी, रुपए की चोरी होती थी। उन्होंने यह भी सार्वजनिक किया कि उन्होंने यह सब कैसे पकड़ा, गड्डियां कैसे पकड़ीं। वह संघ के मजबूत सिपाही और कार्यकर्ता थे, जिनकी ड्यूटी मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के मंदिर में लगी थी। जब महिपाल सिंह जी ने सारी बातें सार्वजनिक कीं, तब उन्होंने आज के अयोध्या के आधुनिक स्वयंभू शंकराचार्य चंपत राय का नाम लिया, अनिल मिश्रा का नाम लिया, गोपाल का नाम लिया और भी कई नाम सार्वजनिक किए। जिन लोगों के नाम महिपाल सिंह ने लिए और जिन पर आरोप लगाए, अब वही लोग मीटिंग करके यह तय कर रहे हैं कि आगे क्या करना है। माता सीता और प्रभु श्री राम ने भी इम्तिहान दिया मैं तो यह कहना चाहता हूं कि यह अयोध्या है। मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम ने भी इम्तिहान दिया था। माता सीता ने भी इम्तिहान दिया था। माता सीता पर इल्जाम लगा तो उन्हें वनवास जाना पड़ा था। और आज ये लोग दिन-रात राम के नाम पर राजनीति करते हैं। मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम का नाम न लें तो शायद इनकी जमानत जब्त हो जाए। चौबीस घंटे राम-राम करते हैं, तो राम के आदर्शों को अपने जीवन में भी उतारिए। मैं ट्रस्ट के उन सदस्यों से कहना चाहता हूं, जिनके नाम लेकर महिपाल सिंह जी ने बातें सार्वजनिक की हैं और जिनके बारे में उन्होंने यह बताया है कि किस तरह से चढ़ावे की डकैती होती थी। चोरी नहीं, बल्कि चढ़ावे की डकैती होती थी। जिस तरह से महिपाल सिंह ने पूरा राज खोला है, उन सभी ट्रस्टियों को, जिनका नाम उन्होंने लिया है, इस्तीफा दे देना चाहिए। अगर वे नैतिकता के आधार पर इस्तीफा नहीं देते हैं, तो यह माना जाना चाहिए कि वे इस डकैती के भागीदार हैं, हिस्सेदार हैं, उन्होंने डकैती करवाई है या डकैती उनके संज्ञान में थी। इस्तीफा नहीं देते, तो डकैती में भागीदार हैं अगर उनमें नैतिकता है, उन्होंने कोई डकैती नहीं की है, तो उन्हें माननीय प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप देना चाहिए और कहना चाहिए कि इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। सबसे विश्वसनीय एजेंसी से जांच कराई जाए। अगर वे दोषी न पाए जाएं, तो उन्हें दोबारा बहाल किया जाए, अन्यथा नए ट्रस्टी बनाए जाएं। क्योंकि आज यह 120 करोड़ हिंदुस्तानियों और भारतीयों की अस्मिता का सवाल है। यह लोगों की आस्था का सवाल है। यह मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम की अयोध्या की अस्मिता का सवाल है। यह मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के मंदिर की विश्वसनीयता का सवाल है। इसलिए मैं कहना चाहता हूं कि जिन लोगों के नाम महिपाल सिंह जी ने लिए हैं और जिन्हें उन्होंने इस कथित डकैती में शामिल बताया है, उन सभी को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। अगर वे इस्तीफा नहीं देते हैं, तो यह माना जाएगा कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के चढ़ावे में जो कथित डकैती हुई है, उसके वे भागीदार हैं, उन्होंने डकैती कराई है और वे उसके हिस्सेदार हैं।" सपा प्रमुख और पूर्व मंत्री ने चोरी का मुद्दा उठाया था पूर्व अकाउंट इंचार्ज बोले- चंपत राय से शिकायत की तो हटा दिया भाजपा नेता ने दो बार पीएम मोदी को लेटर लिखा अयोध्या के भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दो बार लेटर लिखा है। पहला पत्र उन्होंने 9 जून को भेजा था। इसमें उन्होंने लिखा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में चढ़ावे, दान और मंदिर प्रशासन से जुड़े किसी भी आरोप या विवाद में पूरी पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर लगाए गए आरोप गलत हैं, तो जांच के जरिए सच्चाई सामने आनी चाहिए। इसके लिए किसी स्वतंत्र और उच्चस्तरीय एजेंसी, जैसे CBI या ED, से निष्पक्ष जांच कराई जाए। इसके बाद 11 जून को डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री को दूसरा लेटर लिखा। इसमें उन्होंने 6 मांगें रखीं- CBI जांच के लिए हाईकोर्ट में PIL दाखिल राम मंदिर में दानपात्रों से चढ़ावे की संपत्ति के कथित गबन मामले की CBI जांच के लिए जनहित याचिका (PIL) शुक्रवार को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में दाखिल की गई है। स्थानीय अधिवक्ता मोहित अशोक ने यह याचिका दायर की है। इस पर अगले सप्ताह सुनवाई होने की संभावना है। याचिका में कथित गबन मामले की जांच CBI से कराने की मांग की गई है। साथ ही चढ़ावे का ऑडिट नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) से कराने की भी मांग की गई है। चोरी के दावे पर नेताओं ने क्या कहा, जानिए... राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती का सिस्टम और कमियां राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे की CCTV की निगरानी में रोजाना गिनती होती है। कमी- आम श्रद्धालु इस गिनती को नहीं देख सकता। न ही CCTV फुटेज सार्वजनिक किए जाते हैं। गिनती के बाद दान की रकम को रजिस्टर पर चढ़ाया जाता है। फिर उसे मंदिर परिसर में बने लॉकर में रख दिया जाता है। अगले दिन रुपए बैंक में जमा कराए जाते हैं। कमी- मंदिर में कितना चढ़ावा आया, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी नियमित रूप से सार्वजनिक नहीं की जाती। राम मंदिर ट्रस्ट की समय-समय पर होने वाली बैठक में चढ़ावे की रकम की जानकारी दी जाती है। आखिरी बार दिसंबर, 2025 में हुई ट्रस्ट की बैठक में बताया गया था कि ट्रस्ट बनने से अब तक कुल ₹4575 करोड़ का दान मिला है। कमी- इसके बाद जून, 2026 तक कितना चढ़ावा आया, यह किसी को पता नहीं है। देश के अधिकतर बड़े मंदिरों में ऑडिट का काम अंदरूनी लोग या सरकार करती है। जैसे- शिरडी साईंबाबा मंदिर में चढ़ावे का महाराष्ट्र सरकार का 'लोकल फंड ऑडिट' विभाग करता है। कमी- राम मंदिर में चढ़ावे की रकम के ऑडिट का पूरा काम प्राइवेट कंपनी TCS (टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज) करती है। राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती की व्यवस्था जानिए… राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती बैंक कर्मचारी ट्रस्ट के लोगों की मौजूदगी में करते हैं। यह काम सीसीटीवी की निगरानी में होता है। दान की रकम को रजिस्टर पर चढ़ाया जाता है। फिर उसे राम मंदिर परिसर में ही बने लॉकर में रख दिया जाता है। अगले दिन रुपए बैंक में जमा कर दिए जाते हैं। ट्रस्ट का मुख्य खाता अयोध्या धाम के भारतीय स्टेट बैंक में है। चढ़ावे की रकम के ऑडिट का पूरा काम टीसीएस (टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज) की निगरानी में किया जाता है। राम मंदिर में चढ़ावा कितना आता है। इसकी जानकारी ट्रस्ट की बैठक में ही दी जाती है। आखिरी बार दिसंबर 2025 में चढ़ावे की जानकारी दी गई थी। मंदिर पर 2,475 करोड़ रुपए खर्च 13 दिसंबर, 2025 को मंदिर ट्रस्ट की बैठक में जानकारी सामने आई थी कि अब तक ट्रस्ट को कुल 4,575 करोड़ रुपए मिले हैं। पिछले 5 साल 9 महीने में मंदिर निर्माण, श्रीराम जन्मभूमि परिसर के विस्तार, जमीन और भवन की खरीद सहित अन्य कई कामों पर 2,475 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। तब ट्रस्ट के पास लगभग 2100 करोड़ रुपए बचे थे। राम मंदिर में रोजाना एक करोड़ रुपए से ज्यादा का दान राम मंदिर में भगवान रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा 22 जनवरी, 2024 को हुई थी। बीते दो सालों में राम मंदिर की तस्वीर तेजी से बदली है। मंदिर की आय का मुख्य स्रोत दान और बैंक डिपॉजिट पर मिलने वाला ब्याज है। ग्लोबल वेल्थ इंडेक्स-2026 की एक रिपोर्ट के अनुसार, मंदिर की अचल संपत्तियों में लगभग 70 एकड़ का मुख्य परिसर और उसके आसपास की अधिग्रहित भूमि है। साथ ही निर्माणाधीन मंदिर की भव्य संरचना (जिसकी निर्माण लागत ही ₹1,800 करोड़ से अधिक है), इसकी कुल संपत्ति को ₹6,000 करोड़ से ₹8,000 करोड़ के पार ले जाती है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट 5 फरवरी 2020 को बना था ---------------------- ये खबर भी पढ़िए- राम मंदिर के चढ़ावे पर क्यों उठे सवाल:पद्मनाभ मंदिर में जज के सामने खुलती है दानपेटी, सांवलिया सेठ में पब्लिक कर सकती है गिनती चंपत राय ईमानदार नहीं हैं। पहले से एक ट्रस्ट मौजूद था, जिसमें चार शंकराचार्य, पांच वैष्णवाचार्य और 13 अखाड़ों के प्रमुख थे। जब वह ट्रस्ट था, तो नया ट्रस्ट बनाने की क्या जरूरत थी? अगर शंकराचार्य और धर्माचार्य ट्रस्ट में रहते, तो कोई गड़बड़ी नहीं कर पाता।’शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने दैनिक भास्कर से ये बातें कहीं। पढ़िए इंटरव्यू-
    Click here to Read more
    Prev Article
    'रिश्वत लेकर साहब को नहीं देंगे तो बाथरूम धोना पड़ेगा':यूपी पुलिस का जवान बोला-जैसा पैसा, वैसी पोस्टिंग; अफसर क्या वाकई 'काले अंग्रेज' हैं
    Next Article
    मां चाहती थी बेटा अफसर बने, वो फर्जी ब्रिगेडियर बना:उम्र- 22, नीट में 2 बार फेल; शाहजहांपुर में मां टीचर, पिता इंस्पेक्टर

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment