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    मेडिकल प्रशिक्षुओं का मानदेय बढ़ाने की मांग, तारिक हमीद कर्रा ने सीएम उमर अब्दुल्ला को लिखा पत्र

    21 minutes ago

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    कांग्रेस की जम्मू कश्मीर इकाई के अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा ने सोमवार को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से चिकित्सा प्रशिक्षुओं के प्रदर्शन में हस्तक्षेप करने और उनके मानदेय में जल्द एवं उचित बढ़ोतरी सुनिश्चित करने का आग्रह किया। प्रदर्शनकारी प्रशिक्षुओं की ओर से साझा किए गए तुलनात्मक आंकड़े के अनुसार जम्मू कश्मीर में एमबीबीएस और बीडीएस प्रशिक्षुओं को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की तुलना में संभवत: सबसे कम मानदेय मिल रहा है। जारी किये गए आंकड़ों के अनुसार उन्हें हर महीने केवल 12,300 रुपये मिलते हैं।इसके विरोध में प्रशिक्षुओं ने सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी और मानदेय बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रति माह करने की मांग की। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कर्रा ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे चिकित्सा प्रशिक्षुओं की मांग जायज है और इस पर सहानुभूतिपूर्वक एवं तत्काल विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सा प्रशिक्षु स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं और अनिवार्य प्रशिक्षण अवधि के दौरान अस्पतालों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते हैं।कर्रा ने कहा, ये युवा डॉक्टर नियमित रूप से लंबे और कठिन समय तक काम करते हैं, जिसमें 36 घंटे तक की ड्यूटी भी शामिल है। वे मरीजों की देखभाल करते हैं और पूरी निष्ठा एवं प्रतिबद्धता के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में चिकित्सा प्रशिक्षुओं को दिया जा रहा मानदेय देश के कई अन्य हिस्सों की तुलना में काफी कम है।कर्रा ने कहा, जब अन्य राज्यों में समान जिम्मेदारियों और काम के घंटों के लिए प्रशिक्षुओं को बेहतर आर्थिक सहायता दी जा रही है तो हमारे चिकित्सा प्रशिक्षुओं की मानदेय बढ़ाने की मांग पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री से संबंधित अधिकारियों को प्रदर्शनकारी प्रशिक्षुओं से बातचीत करने, उनकी समस्याएं सुनने और जल्द समाधान निकालने का निर्देश देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस समय सरकार का सकारात्मक हस्तक्षेप न केवल चिकित्सा समुदाय की जायज मांग को पूरा करेगा बल्कि उन युवा डॉक्टर का मनोबल भी बढ़ाएगा जो अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों के संचालन में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।कर्रा ने उम्मीद जताई कि सरकार इस मामले को प्राथमिकता देगी और जम्मू कश्मीर में चिकित्सा प्रशिक्षुओं की जिम्मेदारियों तथा देश के अन्य हिस्सों में दिए जा रहे मानदेय के अनुरूप इसमें सार्थक बढ़ोतरी के लिए जरूरी कदम उठाएगी। प्रशिक्षुओं का कहना है कि बार-बार मांग और प्रदर्शन के बावजूद उनका मानदेय करीब सात वर्षों से नहीं बदला है, जबकि जीवन-यापन की लागत और कई अन्य राज्यों में प्रशिक्षुओं को मिलने वाला मानदेय काफी बढ़ चुका है। प्रशिक्षुओं की ओर से जारी तुलनात्मक आंकड़ों के अनुसार, ओडिशा में सबसे अधिक 44,319 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है।आंकड़ों के अनुसार इसके बाद पश्चिम बंगाल में 43,099 रुपये और असम में 35,000 रुपये दिए जाते हैं। कर्नाटक में प्रशिक्षुओं को 30,000 रुपये, केरल में 27,300 रुपये और दिल्ली और मेघालय में 26,300-26,300 रुपये प्रतिमाह मिलते हैं। आंकड़ों के अनुसार, तेलंगाना में 25,900 रुपये, अरुणाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश में 25,000-25,000 रुपये, तमिलनाडु में करीब 25,000 रुपये, हरियाणा में 24,310 रुपये और आंध्र प्रदेश में करीब 21,840 रुपये मानदेय दिया जाता है।गुजरात, बिहार, गोवा और हिमाचल प्रदेश में यह राशि करीब 20,000 रुपये प्रतिमाह है, जबकि पुडुचेरी में प्रशिक्षुओं को 18,000 रुपये मिलते हैं।
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