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    मौलाना बोला- प्रेग्नेंट हो गए तो मैं गुनहगार नहीं:महिला रिपोर्टर से कहा- कानून मानोगे तो मुसलमान के नाम पर कलंक होगा, देखिए हलाला स्टिंग

    13 hours ago

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    ‘हलाला मर्द के लिए सजा है, औरत के लिए नहीं। पुलिस-कानून की बात मानेंगे, तो मुसलमान के नाम पर कलंक हो जाएंगे।’ ये मौलाना रहमतुल्लाह है, जो यूपी के गोरखपुर में दैनिक भास्कर की महिला रिपोर्टर का ब्रेनवॉश कर रहा है। जिससे वह हलाला के लिए तैयार हो जाए और मौलाना से शारीरिक संबंध बना ले। ऑपरेशन हलाला के पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि तीन तलाक के बाद हलाला यानी खुद से महिला का निकाह, फिर शारीरिक संबंध और उससे बाद तलाक के लिए कैसे मौलाना गिरोह की तरह काम कर रहे हैं। आज इन्वेस्टिगेशन के पार्ट-2 में पढ़िए कि ये मौलाना अपनी सेक्सुअल डिजायर पूरी करने के लिए पुलिस, कानून और कुरआन के नाम पर मुस्लिम महिलाओं को कैसे गुमराह करते हैं। खुद को पीर खानदान से बताने वाले मौलाना रहमतुल्लाह ने हमें तलाकशुदा बीवी को लेकर आने को कहा था। हमने मौलाना को कॉल किया। महिला रिपोर्टर को तलाकशुदा बीवी बताकर गोरखपुर के रायगंज में मौलाना की दुकान पर पहुंचे। यहां हलाला नहीं करके कोई अन्य रास्ता निकालने पर बात हुई- महिला रिपोर्टर : हमारे शौहर ने तलाक दिया। यह बात केवल हम दोनोंं जानते हैं, फिर भी हलाला कराना पड़ेगा? रहमतुल्लाह : इससे मतलब नहीं कि सिर्फ आप दोनों जानते हों। आपका तलाक हुआ है, इसका खुदा गवाह है। तीन तलाक के बावजूद आप लोग साथ में हैं। ये उससे बड़ा गुनाह है। रिपोर्टर : क्या साथ में नहीं रह सकते? रहमतुल्लाह : साथ में रहने की बात नहीं है। जैसे- आप लोग साथ में घूम रहे हैं न, तो मेरे आका फरमाते हैं- अगर तलाक हो जाए तो तुरंत परदे में चली जाए। रिपोर्टर : ये जानना चाह रहा हूं कि इनका निकाह किसके साथ करना पड़ेगा, यह कैसे होगा? रहमतुल्लाह : देखिए, क्या होता है कि ज्यादातर निकाह मौलाना या आलिमों से इसलिए किया जाता है कि वे बाल-बच्चेदार हैं। कुंवारे से नहीं किया जाता है। उसी आदमी से किया जाए, जो एक-दो दिन बाद तलाक दे दे। जिससे जिस भरोसे पर अगला आया है, वो कायम रहे। अब उसके ऊपर डिपेंड है कि उसके साथ बैठे, सोए या कुछ भी करे। मना नहीं कर सकते। आप उसको दबाव में नहीं डाल सकते। क्योंकि निकाह के बाद मियां-बीवी हो जाते हैं। महिला रिपोर्टर : अगर निकाह होता है, तो क्या मुझे आपके साथ रहना पड़ेगा? रहमतुल्लाह : ये हमारे ऊपर डिपेंड है। अगर शर्त रखेंगे तो शरीयत के मायने क्या होंगे? इसीलिए कह रहा हूं कि समझदार आदमी से हलाला कराएं। एक उदाहरण बता रहा हूं- मानिए, निकाह हुआ। अब हम रोज आपके साथ रहेंगे, तो मेरे बीवी-बच्चे पूछेंगे कि कहां रहते हैं? हमें तो उस चीज का डर है। जिसको डर नहीं, वो ऐशोआराम करेगा। अब ये कोई जरूरी नहीं कि हम फोन करके बुलाएं कि आओ आपके साथ सोना है। ये तो हमारी मर्जी पर है कि 1-2 या 5 दिन रहें। इसमें ये होता है कि जिस तरह से पहले शौहर के साथ रहती थी, उसी तरह हमारे साथ रहा जाए। लेकिन, ये नहीं कि पहली रात में ही कह दें कि आपके साथ नहीं रहना चाहते। ये गलत हो जाएगा। इसके बाद मौलाना रहमतुल्लाह ने भास्कर रिपोर्टर को बाहर कर दिया और महिला रिपोर्टर से अकेले में बात करने लगा- महिला रिपोर्टर : हम पैसे खर्च कर रहे हैं। कुछ रुपए और खर्च कर देंगे, लेकिन जिस्मानी ताल्लुकात न बनें। रहमतुल्लाह : नहीं, ऐसा नहीं होगा। ये गलत हो जाएगा। दरअसल, ये मर्द के लिए सजा है। औरत तो कभी-कभार तीन तलाक के बाद भी बढ़िया शौहर पा जाती है। महिला रिपोर्टर : लेकिन, ये सही सजा तो औरत के लिए है? रहमतुल्लाह : नहीं, ये औरत के लिए सजा नहीं है। महिला रिपोर्टर : अच्छा, तीन तलाक को लेकर कानून बन चुका है। उससे कोई दिक्कत तो नहीं होगी? रहमतुल्लाह : आप कुरआन से मानिएगा या कानून से मानिएगा। अगर कानून से मानिएगा, तो जाइए कानून से मानिए। लेकिनस फिर वही होगा, मुसलमान के नाम पर कलंक हो जाएंगे। महिला रिपोर्टर : ऐसा तो नहीं होगा कि पुलिस का मसला हो जाए? रहमतुल्लाह : कुछ नहीं, जब 4 लोगों के बीच का मसला है तो 5वां कहां से आ आएगा? महिला रिपोर्टर : अगर प्रेग्नेंट हो गए तो? रहमतुल्लाह : अगर बीवी कहती है कि हमें बच्चा नहीं चाहिए, तो शौहर सफाई करवा देता है। फिर जब हम आपको तलाक दे देंगे, तो मेरा ताल्लुक आपसे कहां रह जाएगा? उसके मालिक आप हैं। आप जानिए, आपका काम जाने। फिर हम गुनाहगार नहीं हुए। एक्सपर्ट बोले- रेप की कैटेगरी में आता है हलाला मुस्लिम धर्म से जुड़े मसलों के एक्सपर्ट और सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट डॉ. सैयद रिजवान अहमद ने बताया- जब गुस्से में एक साथ तीन बार तलाक बोलते हैं तो इसे तलाक-ए-बिद्दत कहते हैं। बस, यहीं पर हलाला जोड़ा जाता है। लेकिन जो हलाला है, ये रेप की कैटेगरी में आता है। इसकी वजह ये है कि रेप की जो कंडिशन है, उसमें साफ है कि अगर किसी महिला की सहमति है, लेकिन इच्छा या मर्जी नहीं है और उसके साथ फिजिकल होते हैं तो ये रेप है। इसलिए शादी के बाद भी रेप का मुकदमा लिखा जाता है। ऐसे ही हलाला को लेकर कोई महिला सहमत तो हो सकती है, लेकिन उसकी इच्छा कभी नहीं हो सकती। अगर इच्छा हो जाएगी, तो वो बीवी रखने लायक नहीं है। आज दूसरे आदमी से इच्छा हुई, तो कल तीसरे से हो जाएगी। --------------------------- यह खबर भी पढ़ें- मौलाना बोला-आपकी बीवी से संबंध बनाऊंगा, ये अल्लाह का उसूल, यूपी में तीन तलाक को जायज बताकर खुद हलाला कर रहे; देखिए स्टिंग यूपी के गोरखपुर का यह मौलाना रहमतुल्लाह है, जो हलाला के लिए ब्रेनवॉश कर रहा है। दरअसल, देश में तीन तलाक कानून लागू होने के साथ ही हलाला भी नहीं कराया जा सकता। लेकिन, कानून बनने के 7 साल बाद भी यूपी में चोरी-छिपे कुछ मौलाना मुस्लिम महिलाओं का शोषण कर रहे हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
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